Chahat (चाहत)

hindi shayari, हिंदी शायरी

💖 चाहत (Chahat) - दिल की गहराइयों से 💖

तुम्हें पा लेने के सिवा एक और चाहत (चाहत) है मेरी,
मैं जब भी जन्म लूँ बस तुमसे ही प्यार करूँ।

हमारी चाहत (चाहत) और आपकी मोहब्बत में सिर्फ इतना ही अंतर है,
आपके कुछ हिस्से में हम हैं और हमारी रूह रूह में सिर्फ आप।

ना तोल मेरी मोहब्बत अपनी दिल्लगी से,
देखकर मेरी चाहत (चाहत) को अक्सर तराजू टूट जाते है।

हमने तो एक ही शख्स पर चाहत (चाहत) ख़त्म कर दी,
अब मोहब्बत किसे कहते है मालूम नहीं।

मेरी चाहत (चाहत) का ये अंजाम हुआ,
दिल मेरा फिर से नाकाम हुआ।

तेरी चाहत (चाहत) ने मुझे बदल दिया,
हर सोच को तेरे रंग में रंग दिया।

दिल की धड़कन को तेरी चाहत (चाहत) समझा है,
दर्द को आंखों से झलकता पानी समझा है।

तेरी चाहत (चाहत) की है इतनी शिद्दत,
पा लिया तुझ को तो मर जाऊँगा।

मुझ को तेरी चाहत (चाहत) ज़िंदा रखती है,
वरना कब के मिट गए होते हम।

एक दिन जब मेरी साँस बंद हो जाएगी,
मत सोचना की चाहत (चाहत) कम हो जाएगी।

किसी को चाहने का कोई कमाल नहीं,
पर मेरी चाहत (चाहत) सबसे जुदा है।

तुमसे मिली तो चाहत (चाहत) का मतलब समझा,
वरना ये दिल तो बस भटकता रहता था।

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