Suroor (सुरूर)
सुरूर-ए-इश्क: दिल की हर धड़कन में तेरी आँखों का क्या कहूँ, ये कैसा कमाल है, हर नज़र में छुपा एक प्यारा सा सुरूर है। हर साँस में बसा है तेरा ही ख्याल, तेरी मोहब्बत का है ये दिलकश सुरूर । शाम ढले जब याद तेरी आती है, रूह में घुल जाता है एक मीठा सुरूर । महफ़िल में तेरी जब कदम रखते हैं हम, हर तरफ छा जाता है एक नया सुरूर । ज़िंदगी का हर लम्हा खूबसूरत है, जब से मिला है तेरा प्यार का सुरूर । चाँदनी रात में तेरी बातें, दिल को देती हैं एक अजीब सुरूर । मौसम बदले या बदले जमाने, कम न होगा ये तेरा इश्क़ का सुरूर । लबों पर तबस्सुम, आँखों में हया, तेरी हर अदा में है...