Chhanak (छनक)
छनक (Chhanak) की गूँज: दिलकश शायरी का संग्रह शायरी 1 तेरी पायल की वो मीठी छनक , दिल में भर देती है अनोखी महक। हर कदम पे करती है घायल मुझे, जीने की देती है नई तरकीब मुझे। शायरी 2 खामोशी को चीरती एक छनक सी, जैसे यादों में बसी कोई कसक सी। लहरों की मानिंद यूँ छू कर गुज़र जाए, दिल के सूने आँगन को फिर से सजा जाए। शायरी 3 जब हवा चले और पत्ते हँसें, कोई धुन अनसुनी दिल में बसें। शायद ये तेरी यादों की छनक है, जो रूह को छू ले, ऐसी एक सनक है। शायरी 4 बारिश की बूँदों में भी है वो अदा, जो करती है दिल को यूँ ही फ़िदा। धरती पे गिरती हर बूँद की छनक , मन में जगाती है उम्मीद की चमक। शायरी 5 रात के सन्नाटे ...