Bikhre (बिखरे)
बिखरे अरमानों की दास्तान (Bikhre Armaanon Ki Daastaan) 1. टूटे दिल के टुकड़े टूटे दिल के टुकड़े, क्या समेटे कोई, यादें तेरी आज भी, हर तरफ़ बिखरे हुई। 2. ख्वाबों के रेशे ख्वाबों के रेशे, पलकों से गिरे, उम्मीदों के मोती, कहीं दूर बिखरे । 3. हवाओं में खुशबू हवाओं में खुशबू, तेरी याद की, मेरे लम्हों में तू, हर पल बिखरे । 4. रातों की तन्हाई रातों की तन्हाई, चाँदनी सी उदास, आँखों में आँसू, कहीं आज भी बिखरे । 5. रिश्तों की डोरें रिश्तों की डोरें, जो उलझी कभी, टूटे हुए पल, अब हर सू बिखरे । 6. किताबों के पन्ने किताबों के पन्ने, खाली से लगे, अल्फ़ाज़ मेरे, आज फिर बिखरे । 7. बचपन की गलियाँ ...