Roona (रोना)
दिल को छू लेने वाली शायरी: रोना (Roona) अश्कों की ज़ुबान जब दिल में दर्द हद से गुज़र जाता है, तब अश्कों के सिवा कुछ नहीं आता है रोना । खामोश रातें खामोश रातों में तेरी याद सताती है, हर एक पल तेरी जुदाई मुझे रोना सिखाती है। ज़ख्मों का मरहम गहरे ज़ख्मों को कैसे भरें हम, आँखों से बस निकलता है रोना । तकदीर की मार तकदीर की लिखी को कौन मिटा पाया है, हमने हर मोड़ पर बस रोना ही पाया है। तन्हाई का साथी जब कोई न हो साथ तन्हाई में, तब दिल खोल कर जी भर के रोना अच्छा लगता है। टूटे हुए सपने ...