Mehek (महक)
महक: ख़ुशबू का सफ़र - दिल को छू लेने वाली शायरी खुशबू-ए-यार तेरी साँसों की जो उठती है हर पल, वो ही तो है मेरे दिल की हसीन महक । यादों का चमन गुज़रे लम्हों की यादों का चमन, आज भी देता है वही पुरानी महक । बहार की निशानी जब भी खिलते हैं फूल गुलशन में, आ जाती है उनकी मीठी महक । मिट्टी का प्यार पहली बारिश की बूँदों में घुली, कितनी प्यारी होती है मिट्टी की महक । आंचल की छाँव माँ के आँचल में मिलती है जो, उसकी निराली ही है अपनी महक । ख़्वाबों का सफर हर रात आती है ख़...