Humraaz (हमराज़)
दिल के राज़ और मेरा हमराज़ : एक शायरी संग्रह शायरी 1 ज़िन्दगी की राहों में, तू मेरा हमसफर है, हर राज़ की गहराई में, मेरा सच्चा हमराज़ है। शायरी 2 ख़ामोशी को समझता है, अनकही बातें सुनता है, ऐ मेरे दोस्त, तू ही मेरा सच्चा हमराज़ है। शायरी 3 जब ज़ुबां थक जाती है, और आँखें नम होती हैं, तब बस एक तेरा साथ, ऐ हमराज़ , सुकून देता है। शायरी 4 दिल के पर्दों में छिपे, हर दर्द को पहचानता है, बिन कहे जो सब समझे, वो मेरा हमराज़ है। शायरी 5 ...