Sitam (सितम)
सितम (Sitam) पर दिल छू लेने वाली शायरी मेरे दिल पर ये कैसा सितम ढा दिया तुमने, हंसते हुए लबों पर आँसू सजा दिया तुमने। हर रात आँखों में यादों का सितम होता है, तुम्हारा शहर अब मेरे लिए मातम होता है। खुदा करे तुझपे कभी वो सितम न आए, जो दिल सह रहा है और ज़ुबां पर न आए। तेरे प्यार में ये कैसा सितम हुआ है, हम तो डूबे थे, अब किनारा गुम हुआ है। ज़िंदगी भर सहते रहे हम उनका हर सितम , और वो कहते रहे, "तुमने प्यार ही कब किया हम से?" ये बेवफ़ाई का सितम हम पे भारी पड़ा, जीने की चाहत ने मरने का इरादा करा। ...