Mehndi (मेहंदी)
मेहंदी के रंग: प्रेम और जज़्बात की शायरी शायरी 1 हाथों में रची है जबसे तुम्हारी मोहब्बत की मेहंदी , हर धड़कन, हर साँस बन गई है जैसे कोई बंदगी। शायरी 2 खुशबू तेरी मेहंदी की मेरे साँसों में बसी है, जैसे तेरी चाहत मेरे दिल में रची है। शायरी 3 रंगत तेरी मेहंदी की देख के दिल मेरा बहका, हर धड़कन में बस तू ही तू, और कुछ नहीं चमका। शायरी 4 इंतज़ार की घड़ी में मेहंदी का रंग गहराया, तेरी यादों ने फिर से इस दिल को बहलाया। शायरी 5 सजी हैं हथेली पर जब तेरी मोहब्बत की मेहंदी , हर ख्वाइश, हर दुआ बस तेरी बन के है रहती। शायरी 6 ...