Sajaan (सजन)
सजन (Sajaan) पर आधारित हृदयस्पर्शी शायरी संग्रह मिलन की आस रात भर करवटें बदलती रही ये आँखें, कब आओगे मेरे सजन , कब खुलेंगी ये साँखें। प्रेम का इजहार दिल की हर धड़कन में बस नाम तेरा है, तू ही मेरा प्यारा सजन , तू ही सहारा मेरा है। विरह की पीर बिन तेरे सूना है हर पल, हर शाम, कहाँ हो मेरे सजन , अधूरी है मेरी हर राम। प्यार की गहराई तेरी आँखों में देखा है मैंने सारा जहान, तेरे बिना अधूरा है मेरा हर अरमान, ओ मेरे सजन । इंतजार ...