Baahon (बाहों)
प्रेम भरी बाहों के अहसास पर शायरी जब भी मिला इन बाहों का सहारा, हर ग़म लगा प्यारा तेरी बाहों में जब से सुकून मिला है, हर गम, हर दर्द जैसे कहीं गुम हुआ है। इन बाहों का घेरा, ये एहसास प्यारा, लगे जैसे मिल गया हो मुझे जन्नत का नज़ारा। तेरी बाहों में सिमट कर, भूल जाऊं दुनिया, बस तू हो और मैं हूँ, रहे ना कोई दूजा। काश थम जाए लम्हा, तेरी बाहों में ऐसे, कि सारी उम्र कट जाए, बस यहीं पर जैसे। जब से तेरी बाहों में पनाह मिली है, लगता है हर ख्वाहिश मेरी पूरी हुई है। थक कर जब भी आया, तेरी बाहों में जागा, हर दर्द से मुझको, तूने ही है बचाना। वो पल जब तू आती है, मेरी बाहों में, लगता है जैसे चाँद उतर आया हो मेरे गाँव में। ...