Chhavi (छви)
छवि (Chhavi) पर दिलकश शायरी संग्रह शायरी 1 तेरी आँखों में बसी है जो हसीन छवि , वही तो है मेरे जीने की हर एक वजह अभी। शायरी 2 हर सुबह तेरी यादों से होती है शुरू, दिल में बसी है तेरी प्यारी छवि हू-ब-हू। शायरी 3 खयालों में आती है तेरी मनमोहक छवि , जैसे चांदनी रात में खिलता कोई रवि। शायरी 4 तेरी मुस्कुराहट की है क्या निराली छवि , देखकर जिसे दिल बन जाए कोई कवि। शायरी 5 हर पल नजरों में रहती है तेरी छवि , तू ही तो है मेरी जिंदगी का सुख और दुख सभी। शायरी 6 तेरी या...