Dhuan (धुआँ)
धुआँ (Dhuan): रूह की गहराई से निकली शायरी दर्द का धुआँ ज़िंदगी की राहों में यूँ अक्सर मिलते हैं, जब दिल जलता है तो उठता है ये धुआँ . यादों का धुआँ तेरी यादें आज भी मेरे दिल को जलाती हैं, हर शाम उठता है उनकी आग से गहरा धुआँ . इश्क़ का धुआँ इश्क़ की आग जब जलती है सीने में, तो आँखों से अक्सर निकलता है मीठा धुआँ . अधूरे ख्वाबों का धुआँ कुछ ख्वाब अधूरे रह जाते हैं ज़िंदगी में, बनकर धुआँ आसमान में बिखर जाते हैं. तन्हाई का धुआँ तन्हाई की शाम में अक्सर यूँ होता है, हर साँस से निकलता है एक उदास धुआँ . ...