Dilkash (दिलकश)
दिलकश नज़्मों का ख़ज़ाना: एक ख़ूबसूरत सफ़र शायरी 1 हर अदा तेरी क्या खूब, क्या निराली है, तेरे हुस्न की दुनिया, बड़ी दिलकश प्याली है। शायरी 2 तेरी आँखों का जादू कुछ ऐसा छाया, हर नज़ारा मुझको दिलकश नज़र आया। शायरी 3 शामें तेरी बातों से सज जाती हैं, तेरी मौजूदगी से हर घड़ी दिलकश हो जाती है। शायरी 4 फूलों की ख़ुशबू सी तेरी बातें, जीवन को बनाती हैं कितनी दिलकश रातें। शायरी 5 तेरी हंसी में छिपी है वो रौनक, जो हर लम्हे को करती है दिलकश ज़ीनत। शायरी 6 मोहब्बत का सफ़र तुझसे शुरू होता है, ...