Shikayat (शिकायत)
शिकायत (Shikayat) – दिल की आवाज़, रूह की पुकार #1 अधूरी बातें कुछ अनकही बातों की शिकायत है तुझसे, क्यों खामोश रहा, जब दिल को तेरी ज़रूरत थी सबसे। #2 बदलते रिश्ते रिश्तों की बदलती रंगत पर एक शिकायत है हमें, क्यों हर रिश्ता वफ़ा की कसौटी पर खरा उतरता नहीं। #3 वफ़ा की कमी तेरी वफ़ा में कमी थी या मेरी चाहत में कुछ, यही है दिल की सबसे बड़ी शिकायत हर सुबह और शाम। #4 वक्त की मेहरबानी वक्त से कोई शिकायत नहीं मुझे, बस ज़रा सी मेहरबानी हो, कि कुछ और पल ठहर जाए। ...