Khubsoorat (ख़ूबसूरत)
ख़ूबसूरत लम्हें: दिलकश शायरी का संग्रह नज़र की ख़ूबसूरती तेरी आँखों में एक दुनिया सिमट जाती है, हर नज़ारा तेरी दीद से ही ख़ूबसूरत नज़र आती है। हुस्न का जादू सितारों सी चमक, चाँद सा नूर, तेरे जैसा कहाँ कोई इतना ख़ूबसूरत , हुज़ूर। सुबह की पहली किरण सुबह की पहली किरण, जब छूकर गुज़रे दामन को, कहती है कितना ख़ूबसूरत है यह जीवन को। मौसम का असर मौसम बदले, पर तेरी यादें नहीं बदलती, तेरा हर अंदाज़ आज भी उतना ही ख़ूबसूरत जलती। सादगी की पहचान सादगी में भी एक अलग अदा है तेरी, यही तो ख़ूबसूरत पहचान है, ए मेरी। ...