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Alam (अलम)

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"Alam (अलम)" पर बेहतरीन हिंदी शायरी शायरी 1 ये कैसा Alam (अलम) है मेरा, हर तरफ उदासी है, खुशियों की किरण कहीं गुम, जीवन में ख़ामोशी है। शायरी 2 सारा Alam (अलम) तेरे नूर से जगमगा उठा, जब से तूने मेरी दुनिया में कदम रखा। शायरी 3 इस विशाल Alam (अलम) में, एक छोटी सी कहानी है मेरी, दर्द-ओ-गम, खुशी और प्यार से भरी है मेरी जिंदगी। शायरी 4 तेरा ग़म इस क़दर छाया है मेरे दिल पर, हर सिम्त मुझे अब Alam (अलम) ही Alam (अलम) नज़र आता है। शायरी 5 क्या खूब नज़ारा है इस रंगीन Alam (अलम) का, हर पल एक नई उम्मीद और नया सवेरा। शायरी 6 जब से देखा है मैंने तुम्हें, सारा Alam (अलम) बदल गया, मेरी तन्हाई के सफ़र में, एक नया साथी मिल ग...

Gham (ग़म)

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ग़म -ए-ज़िंदगी: दिल छू लेने वाली शायरियाँ शायरी 1 हर साँस में है दर्द, हर दिल में है ग़म , क्या कहें इस ज़माने से, क्या खोया क्या पाया हम। शायरी 2 ज़िंदगी की राहों में, ग़म का सफ़र है जारी, खुशियों की तलाश में, हर शब है हमारी भारी। शायरी 3 जब रात गहराए, और तनहाई का साया हो, तब हर एक पल में बस, तेरे ग़म का एहसास हो। शायरी 4 आँखों में नमी है, लबों पे खामोशी है, दिल में छुपाए बैठे हैं, ये कैसा ग़म है। शायरी 5 बदलते मौसमों में भी, ये दिल ना बदला, हर साँस के साथ है, मेरा ये ग़म का सिलसिला। शायरी 6 कभी तो ढलेगी रात, कभी तो सहर होगी, कब तक रहेगा दिल में, ये ग़म की लहर होगी। शायरी 7 ...

Dard (दर्द)

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दर्द भरी दास्तान: एहसासों का समंदर शायरी 1 तेरे जाने से जो मुझको ये दर्द मिला है, अब तो लगता है, यही मेरा घर बना है। शायरी 2 हर साँस में बसा है तेरा दर्द -ए-जुदाई, क्या बताऊँ, कैसी है ये मेरी तन्हाई। शायरी 3 आँखों में छुपा है जो दर्द बेहिसाब, कौन जानेगा, कौन समझेगा ये अज़ाब। शायरी 4 हर लम्हा जीता हूँ इस दर्द के सहारे, न कोई किनारा, न कोई सहारा। शायरी 5 दिल की गहराइयों में छुपा है जो दर्द , क्या पता, कब तक रहेगा ये सर्द। शायरी 6 मोहब्बत में मिला है जो ये दर्द बेमिसाल, इसी ने तो कर दिया है मेरा जीना मुहाल। शायरी 7 अश्कों में बहता है मेरा सारा दर्द , ...

Rangeen (रंगीन)

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रंगीन (Rangeen) शायरी का अनमोल खजाना शायरी 1 तेरी यादों का हर मंज़र बड़ा रंगीन है, जैसे दिल में कोई खिलता नया गुलज़ार है। शायरी 2 ज़िंदगी के हर पल को बना दें रंगीन , जब साथ हो तेरा, हर लम्हा हसीन। शायरी 3 ये दुनिया कितनी रंगीन लगती है, जब आँखों में प्यार का सुरूर होता है। शायरी 4 ख़्वाबों में अक्सर वो आती है, बना देती है हर रात को रंगीन । शायरी 5 होली के दिन तो सब कुछ है रंगीन , पर तेरे बिना हर त्योहार है ग़मगीन। शायरी 6 मेरे दिल की हर धड़कन में तुम हो शामिल, तुम्हारे बिना हर पल है बे- रंगीन । शायरी 7 मौसम बदले, पर तू ना बदलना कभी, तेरे साथ ही मेरी दुनिया है रंगीन । शायरी 8 फ़िज़ाओं में घुली है ये कैसी ख़ुशबू, जो कर गई है हर लम्हे को रंगीन । शायरी 9 सितारों भरी रात, चाँदनी है रंगीन , तेरी बातों में खोकर, हर पल है संगीन। ...

Jawaani (जवानी)

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जवानी (Jawaani) : ख्वाबों का सफर, उम्मीदों का दौर हर दिल में है एक नई कहानी, जब आती है ये बेख़ौफ़ जवानी । ख्वाबों के पर लगे हैं उड़ने को, देखो आई है कैसी ये **जवानी**। मौसम है इश्क़ का, दिल बेकरार है, हर साँस में बसी है अब **जवानी**। कभी ना भूल पाओगे ये सुनहरी दौर, जब मस्ती में थी अपनी ये **जवानी**। उठाओ कदम, करो कुछ ऐसा काम, गुज़र ना जाए यूँ ही ये **जवानी**। चेहरे पे चमक, आँखों में नशा है, इतनी हसीं होती है ये **जवानी**। हर सुबह नई, हर शाम सुहानी, ...

Shabaab (शबाब)

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नज़रें मिलाओ, दिल में छुपा लो - शबाब की बातें उम्र-ए-रवाँ में ये कैसा नया मोड़ आया है, लबों पर हँसी, आँखों में शबाब छाया है। गुलाबों सी ताज़गी, चाँद सा नूर, तेरा हर अंदाज़ है शबाब से भरपूर। ये मस्तियाँ, ये शरारतें, ये खुमारियाँ, बेशक तेरे शबाब की हैं ये निशानियाँ। नज़रों से कत्ल, अदाओं से घायल, तेरे शबाब की ये कैसी है महफ़िल। जो देखा कभी तेरे चेहरे का जलवा, समझा फिर क्या है असल में शबाब का मतलब। हर क़दम पर बिखरी है ख़ुशबू तुम्हारी, शबाब की मस्ती में डूबी है दुनिया सारी। ...

Kamseen (कमसिन)

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कमसिन (Kamseen) पर दिलकश शायरी नज़ाकत और अदा तेरी चाल में वो नज़ाकत, वो अदा है, क्या बताऊँ, कितनी कमसिन (कमसिन) तू बला है। फूलों सी नाज़ुक फूलों सी नाज़ुक, चाँद सी हसीं, ऐ मेरी कमसिन (कमसिन) , तू है दिलनशीं। सादगी की दिलकशी तेरी हर अदा में एक सादगी है, ये कमसिन (कमसिन) जवानी, बड़ी दिलकशी है। परी कहाँ तक जाएगी अभी तो निकली हो ज़ाहिद दुनिया में, ऐ कमसिन (कमसिन) परी, कहाँ तक जाएगी। नज़र का जादू नज़र मिलते ही दिल मेरा खो गया, उसकी कमसिन (कमसिन) अदाओं का मैं हो गया। हुस्न का परदा शर्म और हया का ये कैसा परदा, कमसिन (कमसिन) दिलबर का ये हुस्न है बड़ा। गहरा समंदर उसकी आँखों में है गहरा समंदर, कमसिन (कमसिन) सूरत, जैसे कोई सिंकदर। जवानी की हनक...