Sannaata (सन्नाटा)
खामोशी का अफ़साना: सन्नाटा (Sannaata) पर दिलकश शायरी खामोशी की गहराइयाँ रात की चादर में लिपटी खामोशी, दिल में गहराता है हर पल सन्नाटा । हर आहट से दूर शहर की भीड़ में भी वो महसूस होता है, अजीब सा ये दिल का सन्नाटा । अकेलेपन का साथी जब कोई नहीं होता साथ देने को, तब मेरा हमदम बनता है ये सन्नाटा । शब्दों के परे कुछ बातें अनकही रह जाती हैं, उन्हीं में घुल जाता है मेरा सन्नाटा । टूटे ख्वाबों की दास्तान टूटे हु...