Nazneen (नाज़नीन)
नाज़नीन (Nazneen): एक खूबसूरत एहसास शायरी 1 तेरी आँखें, नाज़नीन , एक गहरा समंदर हैं, जिनमें डूब कर खो जाने को जी चाहता है। शायरी 2 हुस्न तेरा, नाज़नीन , चाँदनी से भी हसीं, हर अदा में तेरी एक अलग ही नूर है। शायरी 3 तेरी बातों में वो जादू है, ऐ नाज़नीन , जो हर दिल को अपनी ओर खींच लेता है। शायरी 4 जब तुम मुस्कुराती हो, नाज़नीन , तो लगता है, जैसे फ़िज़ा में भी खुशबू घुल जाती है। शायरी 5 तेरे हर अंदाज़ में है इक नयापन, नाज़नीन , कोई कैसे ना हो तेरे हुस्न का दीवाना। शायरी 6 ...