Posts

Dil (दिल)

Image
दिल (Dil): जज़्बातों का समंदर, शायरी की दुनिया Shayari 1 हर आहट पर तेरा नाम, मेरा दिल पुकारता है, तेरी यादों के सहारे ही, ये ज़माना गुज़ारता है। Shayari 2 बड़ा बेताब रहता है, ये मेरा नादान दिल , हर पल ढूँढता है तुझको, ऐ मेरे हमराज़-ए-मंज़िल। Shayari 3 तेरी चाहत में खोया, मेरा ये आवारा दिल , ना जाने किस मोड़ पे, ढूँढेगा अपनी मंज़िल। Shayari 4 जब से तुम मिले हो, मेरा दिल बहकने लगा है, हर धड़कन तेरी याद में, अब तो धड़कने लगा है। Shayari 5 कुछ अजीब सा है रिश्ता, तेरा और मेरे दिल का, कभी पास लगता है तू, कभी दूर किनारा मुश्किल का। ...

Qalb (क़ल्ब)

Image
क़ल्ब की गहराई से निकली, रूहानी शाइरी क़ल्ब का अफ़साना मेरे क़ल्ब की हर धड़कन में, तेरा ही नाम है, यह इश्क़ है या इबादत, बस यही मेरा काम है। दर्द-ए-क़ल्ब जब से तेरा साथ छूटा, वीरान हुआ मेरा क़ल्ब , हर लम्हा जैसे सदियों सा, हर साँस में एक कर्ब। क़ल्ब की आवाज़ सुनो कभी तो मेरे क़ल्ब की ख़ामोश आवाज़ को, हर अल्फ़ाज़ में छुपा है, एक अधूरा राज़ कोई। उल्फ़त-ए-क़ल्ब यह उल्फ़त जो मेरे क़ल्ब में है, कभी कम न होगी, तेरी यादों से ही तो, मेरी दुनिया रोशन होगी। क़ल्ब की ज़ुबान इश्क़ की बातें कहाँ, लफ़्ज़ों से बयाँ होती हैं, यह तो क़ल्ब की ज...

Dhadkan (धड़कन)

Image
धड़कन: दिल की हर आवाज़, हर एहसास प्यार, यादें और ज़िंदगी की अनमोल **धड़कन** पर 35 खूबसूरत शायरियां तेरी यादों का साया है, हर पल मेरे संग, मेरी हर साँस में बसी है, तेरी ही **धड़कन** का रंग। जब से तुम मिले हो, ज़िंदगी में बहार है, मेरे दिल की हर **धड़कन** में, बस तेरा ही खुमार है। बिन तेरे सूना है जहाँ, बिन तेरे सूनी है हर राह, मेरी रूह की **धड़कन** है तू, मेरी हर एक चाह। कैसे बताऊँ तुम्हें, क्या हाल है मेरे दिल का, तेरी ही आवाज़ सुनती है, मेरी हर **धड़कन** पल पल का। तू पास हो तो सुकून है, तू दूर हो तो बेचैनी, मेरी हर **धड़कन** में बजती है, बस तेरी ही शहनाई। ...

Baahon (बाहों)

Image
प्रेम भरी बाहों के अहसास पर शायरी जब भी मिला इन बाहों का सहारा, हर ग़म लगा प्यारा तेरी बाहों में जब से सुकून मिला है, हर गम, हर दर्द जैसे कहीं गुम हुआ है। इन बाहों का घेरा, ये एहसास प्यारा, लगे जैसे मिल गया हो मुझे जन्नत का नज़ारा। तेरी बाहों में सिमट कर, भूल जाऊं दुनिया, बस तू हो और मैं हूँ, रहे ना कोई दूजा। काश थम जाए लम्हा, तेरी बाहों में ऐसे, कि सारी उम्र कट जाए, बस यहीं पर जैसे। जब से तेरी बाहों में पनाह मिली है, लगता है हर ख्वाहिश मेरी पूरी हुई है। थक कर जब भी आया, तेरी बाहों में जागा, हर दर्द से मुझको, तूने ही है बचाना। वो पल जब तू आती है, मेरी बाहों में, लगता है जैसे चाँद उतर आया हो मेरे गाँव में। ...

Agosh (आग़ोश)

Image
आग़ोश: दिल को छू लेने वाली शायरी प्रेम, सुकून और आश्रय के अहसास में लिपटी कविताएँ तुम्हारी यादों की ठंडी हवा चली, और हम उनकी आग़ोश में सो गए। दुनिया की फ़िक्र से बेख़बर होकर, एक पल में सदियों के लिए खो गए। तेरी आग़ोश में आकर लगा यूँ, जैसे मिल गया हो खोया हुआ जहाँ। हर दर्द हर ग़म भुलाकर मैंने, पा लिया है मेरा सच्चा आसमां। जब रात ढले और चाँद चमकता है, तेरी आग़ोश में मेरा दिल धड़कता है। हर साँस में बस तू ही समाया है, यह कैसा अनोखा बंधन बन गया है। माँ की आग़ोश सा सुकून कहीं नहीं, उसमें लिपटकर हर ग़म भूल जाते हैं। उस ममता की छाँव में जीते हैं हम, और सारी दुनिया से दूर हो जाते हैं। बदलियों की आग़ोश में छ...

Simatna (सिमटना)

Image
सिमटना (Simatna): गहराई और एहसास जीवन के हर मोड़ पर, कुछ यादें, कुछ पल, कुछ भावनाएँ... सभी **सिमटना** चाहते हैं, एक कोने में, दिल के करीब, अपनी पहचान बनाने। यादों का सिमटना वक्त की रेत पर बनते-बिगड़ते निशान, बस तेरी यादों का दिल में सिमटना बाकी है। बिखरे थे अरमान जैसे खुले आसमान में, अब तेरी आहट से सब को सिमटना है। पुराने खतों में अक्सर वो मिलती है, मेरी खुशियों का तुझमें सिमटना अब भी तय है। हर एक पल को मैं बस जीना चाहता हूँ, ताकि तेरे एहसासों में ही सिमटना सीखूँ। अधूरी कहानियों का क्या होता है आखिर, क्या उन्हें भी किसी मोड़ पर सिमटना होता है? एहसासों का सिमटना दिल में हजार ख्वाहिशें लिए फिरता हूँ, पर तेरी बाहों में ही इन्हें सिमटना है। ...

Parda (पर्दा)

Image
पर्दा (Parda) पर शायरी का खूबसूरत संग्रह नज़र का, दिल का, या हकीकत का... हर **पर्दा** कुछ कहता है। तेरी आँखों के पीछे का राज़ क्या है, क्यों रखा है तुमने अपनी अदा पर **पर्दा** सा? उठा दो अब ये चेहरे से नज़रों का **पर्दा**, कि दीदार को बेचैन है ये दिल-ए-बर्बाद सा। मोहब्बत में कहाँ होता है कोई **पर्दा**, ये तो नज़रों का खेल है, नज़र से नज़र का। वो चुपचाप से आते हैं और चले जाते हैं, जाने कौन से **पर्दे** में छुपे रहते हैं। इश्क़ की आग में जलकर भी वो महफूज़ रहे, आँखों पर उनके हया का **पर्दा** था। रूह से रूह का मिलना तो एक बहाना था, असल ...