Furqat (फ़ुरक़ात)
फ़ुर्क़त की आग और दिल का दर्द बिछड़न के अनमोल अफ़साने दर्द-ए-फ़ुर्क़त तेरी याद में रातें कटती हैं, आँखों में नींद नहीं आती, यह कैसी फ़ुर्क़त है, जो हर पल मुझे तड़पाती है। वीरानी का आलम शहर की गलियाँ वीरान हैं, हर शय उदास है, तेरी फ़ुर्क़त ने छीन लिया मुझसे, मेरा हर ख़ास है। सफर-ए-जुदाई सफ़र-ए-ज़िंदगी में अब तन्हा चला जा रहा हूँ, तेरी फ़ुर्क़त का बोझ दिल पर उठाए जा रहा हूँ। आँसुओं की बरसात हर रात आँखों से आँसुओं की बरसात होती है, कब ख़त्म होगी ये फ़ुर्क़त , बस यही एक बात होती है। ...