Alam (अलम)
"Alam (अलम)" पर बेहतरीन हिंदी शायरी शायरी 1 ये कैसा Alam (अलम) है मेरा, हर तरफ उदासी है, खुशियों की किरण कहीं गुम, जीवन में ख़ामोशी है। शायरी 2 सारा Alam (अलम) तेरे नूर से जगमगा उठा, जब से तूने मेरी दुनिया में कदम रखा। शायरी 3 इस विशाल Alam (अलम) में, एक छोटी सी कहानी है मेरी, दर्द-ओ-गम, खुशी और प्यार से भरी है मेरी जिंदगी। शायरी 4 तेरा ग़म इस क़दर छाया है मेरे दिल पर, हर सिम्त मुझे अब Alam (अलम) ही Alam (अलम) नज़र आता है। शायरी 5 क्या खूब नज़ारा है इस रंगीन Alam (अलम) का, हर पल एक नई उम्मीद और नया सवेरा। शायरी 6 जब से देखा है मैंने तुम्हें, सारा Alam (अलम) बदल गया, मेरी तन्हाई के सफ़र में, एक नया साथी मिल ग...