Simatna (सिमटना)
सिमटना (Simatna): गहराई और एहसास जीवन के हर मोड़ पर, कुछ यादें, कुछ पल, कुछ भावनाएँ... सभी **सिमटना** चाहते हैं, एक कोने में, दिल के करीब, अपनी पहचान बनाने। यादों का सिमटना वक्त की रेत पर बनते-बिगड़ते निशान, बस तेरी यादों का दिल में सिमटना बाकी है। बिखरे थे अरमान जैसे खुले आसमान में, अब तेरी आहट से सब को सिमटना है। पुराने खतों में अक्सर वो मिलती है, मेरी खुशियों का तुझमें सिमटना अब भी तय है। हर एक पल को मैं बस जीना चाहता हूँ, ताकि तेरे एहसासों में ही सिमटना सीखूँ। अधूरी कहानियों का क्या होता है आखिर, क्या उन्हें भी किसी मोड़ पर सिमटना होता है? एहसासों का सिमटना दिल में हजार ख्वाहिशें लिए फिरता हूँ, पर तेरी बाहों में ही इन्हें सिमटना है। ...