Posts

Malaal (मलाल)

Image
मलाल (Malaal) - दिल की गहराइयों से निकली शायरी रूह को मेरे आज भी एक मलाल (Malaal) है, तू क्यों बिछड़ा, यही मन में सवाल है। गुज़रे लम्हों का आज भी मुझको मलाल (Malaal) है, कांच सा टूटा दिल, बिखरा हर ख्याल है। एक अनकही बात का अक्सर मलाल (Malaal) रहता है, क्यों ना कह पाए हम, बस यही एक सवाल रहता है। ज़िंदगी में कुछ खोने का गहरा मलाल (Malaal) है, क्या पाया, क्या गँवाया, ये कैसा हाल है। उनकी बेरुख़ी का क्या खूब मलाल (Malaal) है, शायद हमारी चाहत में ही कुछ खलाल है। दिल में दबा है एक ऐसा मलाल (Malaal) , जिसकी वजह से हर खुशी बेहाल है। हर साँस के साथ बढ़ता जाता है मलाल (Malaal) , क्यों वो लम्हे लौटे नहीं, बस यही कमाल है। इश्क़ में जो ज़ख्म दिया, उसका मलाल (Malaal) रहेगा, तू भूला दे भले, मुझे याद रहेगा। काँधे पर तेरे सर रखकर रो ना पा...

Udasi (उदासी)

Image
उदासी (Udasi) पर दिल छू लेने वाली शायरी जब से बिछड़ा है वो हमसे, हर खुशी बेमानी हो गई, हर पल अब तो बस एक गहरी उदासी की निशानी हो गई। आँखों में नमी और दिल में इक अजीब सा खालीपन है, लगता है जैसे हर बात में अब बस उदासी का ही दामन है। रात की चादर में लिपटी, तारों सी बेजान है जिंदगी, हर सुबह के साथ क्यों आती है ये गहरी उदासी ? तेरे जाने से जो खालीपन आया है इस दिल में, वही तो असल में मेरी हर उदासी की वजह है। मुस्कुराहटें तो सिर्फ ज़ाहिर करती हैं झूठे रंग, अंदर ही अंदर तो बस पलती है एक उदासी दबंग। शहर की भीड़ में भी खुद को तन्हा पाता हूँ, जाने क्यों हर तरफ सिर्फ उदासी ही पाता हूँ। वो कहते हैं वक्त भर देगा ज़ख्मों को, म...

Ranj (रंज)

Image
रंज-ओ-ग़म: दिल की गहराइयों से निकली शायरियां शायरी 1 ज़िंदगी एक लंबा सफ़र है, और हम चले जा रहे हैं, हर मोड़ पर एक नया रंज , दिल में छुपाए जा रहे हैं। शायरी 2 वो कहते हैं, भुला दो सब ग़म, कैसे बताएं, हर रंज ही तो है मेरा हमदम। शायरी 3 अश्कों की बारिश में, दिल का शहर डूबा है, तेरा दिया हर रंज , अब मेरा महबूब है। शायरी 4 दवा भी बेअसर है, दुआ भी है खामोश, मेरा हर रंज , बन गया है मेरा जोश। शायरी 5 किसने कहा कि खुशियों में ही है ज़िन्दगी, कभी-कभी तो हर रंज भी एक कहानी कहता है। शायरी 6 गमों की आहटें अब...

Alam (अलम)

Image
"Alam (अलम)" पर बेहतरीन हिंदी शायरी शायरी 1 ये कैसा Alam (अलम) है मेरा, हर तरफ उदासी है, खुशियों की किरण कहीं गुम, जीवन में ख़ामोशी है। शायरी 2 सारा Alam (अलम) तेरे नूर से जगमगा उठा, जब से तूने मेरी दुनिया में कदम रखा। शायरी 3 इस विशाल Alam (अलम) में, एक छोटी सी कहानी है मेरी, दर्द-ओ-गम, खुशी और प्यार से भरी है मेरी जिंदगी। शायरी 4 तेरा ग़म इस क़दर छाया है मेरे दिल पर, हर सिम्त मुझे अब Alam (अलम) ही Alam (अलम) नज़र आता है। शायरी 5 क्या खूब नज़ारा है इस रंगीन Alam (अलम) का, हर पल एक नई उम्मीद और नया सवेरा। शायरी 6 जब से देखा है मैंने तुम्हें, सारा Alam (अलम) बदल गया, मेरी तन्हाई के सफ़र में, एक नया साथी मिल ग...

Gham (ग़म)

Image
ग़म -ए-ज़िंदगी: दिल छू लेने वाली शायरियाँ शायरी 1 हर साँस में है दर्द, हर दिल में है ग़म , क्या कहें इस ज़माने से, क्या खोया क्या पाया हम। शायरी 2 ज़िंदगी की राहों में, ग़म का सफ़र है जारी, खुशियों की तलाश में, हर शब है हमारी भारी। शायरी 3 जब रात गहराए, और तनहाई का साया हो, तब हर एक पल में बस, तेरे ग़म का एहसास हो। शायरी 4 आँखों में नमी है, लबों पे खामोशी है, दिल में छुपाए बैठे हैं, ये कैसा ग़म है। शायरी 5 बदलते मौसमों में भी, ये दिल ना बदला, हर साँस के साथ है, मेरा ये ग़म का सिलसिला। शायरी 6 कभी तो ढलेगी रात, कभी तो सहर होगी, कब तक रहेगा दिल में, ये ग़म की लहर होगी। शायरी 7 ...

Dard (दर्द)

Image
दर्द भरी दास्तान: एहसासों का समंदर शायरी 1 तेरे जाने से जो मुझको ये दर्द मिला है, अब तो लगता है, यही मेरा घर बना है। शायरी 2 हर साँस में बसा है तेरा दर्द -ए-जुदाई, क्या बताऊँ, कैसी है ये मेरी तन्हाई। शायरी 3 आँखों में छुपा है जो दर्द बेहिसाब, कौन जानेगा, कौन समझेगा ये अज़ाब। शायरी 4 हर लम्हा जीता हूँ इस दर्द के सहारे, न कोई किनारा, न कोई सहारा। शायरी 5 दिल की गहराइयों में छुपा है जो दर्द , क्या पता, कब तक रहेगा ये सर्द। शायरी 6 मोहब्बत में मिला है जो ये दर्द बेमिसाल, इसी ने तो कर दिया है मेरा जीना मुहाल। शायरी 7 अश्कों में बहता है मेरा सारा दर्द , ...

Rangeen (रंगीन)

Image
रंगीन (Rangeen) शायरी का अनमोल खजाना शायरी 1 तेरी यादों का हर मंज़र बड़ा रंगीन है, जैसे दिल में कोई खिलता नया गुलज़ार है। शायरी 2 ज़िंदगी के हर पल को बना दें रंगीन , जब साथ हो तेरा, हर लम्हा हसीन। शायरी 3 ये दुनिया कितनी रंगीन लगती है, जब आँखों में प्यार का सुरूर होता है। शायरी 4 ख़्वाबों में अक्सर वो आती है, बना देती है हर रात को रंगीन । शायरी 5 होली के दिन तो सब कुछ है रंगीन , पर तेरे बिना हर त्योहार है ग़मगीन। शायरी 6 मेरे दिल की हर धड़कन में तुम हो शामिल, तुम्हारे बिना हर पल है बे- रंगीन । शायरी 7 मौसम बदले, पर तू ना बदलना कभी, तेरे साथ ही मेरी दुनिया है रंगीन । शायरी 8 फ़िज़ाओं में घुली है ये कैसी ख़ुशबू, जो कर गई है हर लम्हे को रंगीन । शायरी 9 सितारों भरी रात, चाँदनी है रंगीन , तेरी बातों में खोकर, हर पल है संगीन। ...