Dilbar (दिलबर)
दिलकश 'दिलबर' पर शायरी का अनुपम संग्रह तेरी यादों में खोकर, हर पल ये दिल पुकारे, तू ही तो है मेरी ज़िंदगी, मेरे दिल का सहारे। क्या बताऊँ, कितनी मोहब्बत है मुझे तुझसे, ऐ मेरे प्यारे दिलबर (दिलबर) , बस तू ही है मेरे सारे। नज़रों से दूर सही, दिल से दूर नहीं तुम, हर धड़कन में बसते हो, हर साँस में तुम। कैसे भूल जाऊँ उस चेहरे को, जो हर पल याद आता है, तुम ही तो हो मेरे दिलबर (दिलबर) , जिसके लिए ये दिल जी जाता है। तेरी हर अदा पर ये दिल फिदा होता है, तेरी हर मुस्कान पर ये जहाँ लुटाता है। क्या करूँ मैं इस इश्क़ का, जो बढ़ता ही जाता है, ऐ मेरे दिलबर (दिलबर) , तेरी एक झलक को ये तरसता है। चाँद तारों की तरह, तू रौशन कर दे मेरा जहाँ, तेरे बिन एक पल भी, अब जीना है बेईमान। मेरी हर ...