Posts

Majboori (मजबूरी)

Image
मजबूरी (Majboori) पर दिल छू लेने वाली शायरी Shayari 1 हम भी चाहें कि उड़ें आसमानों में, मगर पाँव में ज़ंजीर है, नाम जिसकी मजबूरी है। Shayari 2 इश्क़ में क्या क्या न करना पड़ा हमें, कुछ ख़्वाहिशात थीं, कुछ मजबूरी थी। Shayari 3 वो रूठ गए हमसे, शायद उनकी भी कोई छुपी हुई मजबूरी रही होगी। Shayari 4 लफ्ज़ जुबां पे आते नहीं, आंखें सब कह जाती हैं, क्या करें, ये ख़ामोशी भी एक मजबूरी बन जाती है। Shayari 5 हर रिश्ते की अपनी एक दास्तान होती है, कभी प्यार, कभी दोस्ती, कभी मजबूरी होती है। Shayari 6 दिल में दर्द, आँखों में नमी, और होठों पे हँसी, ये कैसी मजबूरी है जो जी रहे हैं हम खुशी-खुशी। ...

Bebasi (बेबसी)

Image
बेबसी (Bebasi) पर दिल छू लेने वाली शायरी शायरी 1 जब लबों पर हंसी हो, पर दिल में हो दर्द गहरा, ऐसी हर रात कटती है, ये कैसी बेबसी का पहरा। शायरी 2 कहने को बहुत कुछ है, पर अल्फाज़ नहीं मिलते, लफ़्ज़ों की इस बेबसी में, हम खुद से भी नहीं मिलते। शायरी 3 मंज़िल करीब थी, पर रास्ता भटक गए, क़दमों की बेबसी देखो, हम यहीं अटक गए। शायरी 4 आंखों में नमी है, होठों पर खामोशी है, कैसी ये बेबसी है, हर साँस में उदासी है। शायरी 5 तकदीर से शिकायत क्या करें, जब खुद ही मजबूर हों, यह कैसी बेबसी है, हम अपने ही नूर से दूर हों। ...

Sukoot (सुकूत)

Image
सुकूत (Sukoot): खामोशी का अफ़साना खामोशी की जुबां लबों पे आई बात अक्सर बदल जाती है, मगर दिल की सदा, सुकूत में पल जाती है। गहराई का राज़ सागर की गहराईयाँ अक्सर शांत होती हैं, कुछ ऐसी ही गहराइयाँ सुकूत में होती हैं। दर्द की परछाईं जब दिल में दर्द उठता है, तो शोर नहीं होता, बस एक गहरा सुकूत हर तरफ़ फैल जाता है। तन्हाई का साथी तन्हाई में अक्सर वो मेरा हमदम बनता है, ये गहरा सुकूत ही मेरा सच्चा साथी रहता है। आँखों में ठहरा आँखों में ठहरा है, लबों पर आया नहीं, मेरे हर दर्द का सुकूत अभी तक गया नहीं। ...

Khamoshi (ख़ामोशी)

Image
ख़ामोशी (Khamoshi): दिल की अनकही दास्तान तेरी यादों की गहरी रात में, लिपटी है मेरी ख़ामोशी हर बात में। लबों पर है कुछ अनकही दास्तान, आँखों में तैरती है दिल की ख़ामोशी की पहचान। जब जुबां से कुछ कह न पाए, तो मेरी ख़ामोशी ही सब कुछ बता जाए। शिकायतों का दौर अब खत्म हुआ, मेरी ख़ामोशी ने सारा शहर जीत लिया। इश्क के रास्ते में अक्सर, ख़ामोशी ही सबसे गहरी बात कह जाती है। रात की तन्हाई में चाँदनी सी, मेरी ख़ामोशी भी कितनी अफसोसनाक है। कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो बय...

Sannaata (सन्नाटा)

Image
खामोशी का अफ़साना: सन्नाटा (Sannaata) पर दिलकश शायरी खामोशी की गहराइयाँ रात की चादर में लिपटी खामोशी, दिल में गहराता है हर पल सन्नाटा । हर आहट से दूर शहर की भीड़ में भी वो महसूस होता है, अजीब सा ये दिल का सन्नाटा । अकेलेपन का साथी जब कोई नहीं होता साथ देने को, तब मेरा हमदम बनता है ये सन्नाटा । शब्दों के परे कुछ बातें अनकही रह जाती हैं, उन्हीं में घुल जाता है मेरा सन्नाटा । टूटे ख्वाबों की दास्तान टूटे हु...

Khaali (ख़ाली)

Image
ख़ालीपन की गहराइयाँ: Khaali (ख़ाली) पर विशेष शायरी संग्रह दिल की हर आरज़ू अब ख़ाली रह गई है, ज़िंदगी भी जैसे एक पहेली रह गई है। तेरी यादों से मेरा दामन ख़ाली नहीं, बस तेरी मौजूदगी की कमी अब भी सताती है। जब से तुम गए हो, ये घर ख़ाली सा लगता है, हर कोने में बस तेरी कमी का एहसास रहता है। पन्नों पर लिखे हर लफ़्ज़ ख़ाली से लगे, तेरी दास्ताँ के बिना सारे क़िस्से अधूर से रहे। हाथों की लकीरें भी अब ख़ाली सी हैं, क़िस्मत ने भी जैसे साथ छोड़ दिया है। कभी सोचे न थे ये पल भी आएँगे, जब दिल के हर कोने ख़ाली से रह जाएँगे। नज़रों में है इंतज़ार, मगर पलकें ख़ाली हैं, अश्कों की बारिश भी अब सूखी सी लगती है। ये दुनिया की महफ़िल भी अब ख़ाली लगती है, तेरे बिना हर खुशी अब अधूरी सी लगती है। दुआओं में भी अब वो असर नहीं रहा, हर मन्नत ...

Suna (सूना)

Image
सूनापन दिल की गहराइयों से: शायरी का अद्भुत संग्रह दिल की बस्ती आज भी दिल की बस्ती, यूँ ही सूना पड़ा है, कोई आए तो सही, यहाँ इंतज़ार खड़ा है। तेरी याद में तेरी याद में हर शाम, महफ़िल भी सूना लगता है, अब तो चाँद भी बिना तेरे, अधूरा सा लगता है। शहर की गलियाँ शहर की गलियाँ भी आज, कितनी सूना लगती हैं, बिना तेरे ए हमदम, सारी फ़िज़ाएँ रोती हैं। ख़ुशियों का रंग खुशियों का रंग भी अब, बे-रंग और सूना है, ज़िन्दगी का हर पल, जैसे कोई अधूरा अफ़साना है। मौस...