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Sannaata (सन्नाटा)

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खामोशी का अफ़साना: सन्नाटा (Sannaata) पर दिलकश शायरी खामोशी की गहराइयाँ रात की चादर में लिपटी खामोशी, दिल में गहराता है हर पल सन्नाटा । हर आहट से दूर शहर की भीड़ में भी वो महसूस होता है, अजीब सा ये दिल का सन्नाटा । अकेलेपन का साथी जब कोई नहीं होता साथ देने को, तब मेरा हमदम बनता है ये सन्नाटा । शब्दों के परे कुछ बातें अनकही रह जाती हैं, उन्हीं में घुल जाता है मेरा सन्नाटा । टूटे ख्वाबों की दास्तान टूटे हु...

Khaali (ख़ाली)

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ख़ालीपन की गहराइयाँ: Khaali (ख़ाली) पर विशेष शायरी संग्रह दिल की हर आरज़ू अब ख़ाली रह गई है, ज़िंदगी भी जैसे एक पहेली रह गई है। तेरी यादों से मेरा दामन ख़ाली नहीं, बस तेरी मौजूदगी की कमी अब भी सताती है। जब से तुम गए हो, ये घर ख़ाली सा लगता है, हर कोने में बस तेरी कमी का एहसास रहता है। पन्नों पर लिखे हर लफ़्ज़ ख़ाली से लगे, तेरी दास्ताँ के बिना सारे क़िस्से अधूर से रहे। हाथों की लकीरें भी अब ख़ाली सी हैं, क़िस्मत ने भी जैसे साथ छोड़ दिया है। कभी सोचे न थे ये पल भी आएँगे, जब दिल के हर कोने ख़ाली से रह जाएँगे। नज़रों में है इंतज़ार, मगर पलकें ख़ाली हैं, अश्कों की बारिश भी अब सूखी सी लगती है। ये दुनिया की महफ़िल भी अब ख़ाली लगती है, तेरे बिना हर खुशी अब अधूरी सी लगती है। दुआओं में भी अब वो असर नहीं रहा, हर मन्नत ...

Suna (सूना)

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सूनापन दिल की गहराइयों से: शायरी का अद्भुत संग्रह दिल की बस्ती आज भी दिल की बस्ती, यूँ ही सूना पड़ा है, कोई आए तो सही, यहाँ इंतज़ार खड़ा है। तेरी याद में तेरी याद में हर शाम, महफ़िल भी सूना लगता है, अब तो चाँद भी बिना तेरे, अधूरा सा लगता है। शहर की गलियाँ शहर की गलियाँ भी आज, कितनी सूना लगती हैं, बिना तेरे ए हमदम, सारी फ़िज़ाएँ रोती हैं। ख़ुशियों का रंग खुशियों का रंग भी अब, बे-रंग और सूना है, ज़िन्दगी का हर पल, जैसे कोई अधूरा अफ़साना है। मौस...

Ujaad (उजाड़)

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उजाड़ (Ujaad) पर दिल को छू लेने वाली शायरियां 1. वीरान बस्ती किसी ने पूछा मुझसे, क्यों तुम्हारी आंखें नम हैं, मैंने कहा, मेरे शहर को तुमने क्यों उजाड़ दिया है। 2. दिल का आलम दिल का आलम अब कुछ ऐसा है, कह नहीं पाते, तेरी यादों ने हर तरफ से मुझे उजाड़ रखा है। 3. ख्वाबों का सफर ख्वाबों का सफर अब कहाँ ले जाए हमें, जहाँ से चले थे, वो भी अब उजाड़ सा लगता है। 4. रिश्तों का टूटना रिश्तों की डोर जब कमजोर पड़ जाती है, सारा चमन फिर एक पल में उजाड़ हो जाता है। 5. यादों का शहर यादों का शहर आज भी मेरे दिल में बसा है, मगर तेरे जाने के बाद सब कुछ उजाड़ गया है। ...

Veeran (वीरان)

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वीरान (Veeran) शायरी संग्रह दर्द-ए-वीरानी शहर की गलियों में भटकते हुए, हर मंज़र को देखा, पर दिल के अंदर झाँका तो, एक वीरान सा खंडहर देखा। घर का सूनापन जब से तुम गए हो, यह घर सूना हो गया है, हर कोना, हर चौखट, अब तो वीरान हो गया है। आँखों का समंदर मेरी आँखों में अश्कों का समंदर लहराता है, जब भी देखता हूँ, दिल का शहर वीरान नज़र आता है। महक भी उदास फूलों की महक भी अब चुभने लगी है, बाग़ तो हैं कई, पर रूह वीरान रहने लगी है। अफ़सोस की बात क्या खबर थी कि एक दिन ऐसा भी आएगा, महफिलें सजेंगी, पर दिल वीरान रह जाएगा। भीतर का खालीप...

Tabah (तबाह)

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तबाह (Tabah) कर देने वाली दिल छू लेने वाली शायरियाँ तेरी यादों ने कुछ इस कदर घेरा है, कि मेरा हर लम्हा अब मुझको तबाह लगता है। इश्क़ की राहों में ऐसा भी मोड़ आया, जहां हर खुशी हमको तबाह कर गई। जो गुज़री है हम पर वो तुम क्या जानोगे, इश्क़ ने हमें कुछ इस कदर तबाह किया। मुहब्बत में कभी खुद को इतना न खोना, कि उसकी यादें तुम्हें तबाह कर जाएं। ख्वाबों का शहर जो बसाया था मैंने, उसकी बेवफाई ने उसे तबाह कर दिया। हर रास्ते पर सिर्फ़ उसकी ही यादें हैं, लगता है ये दुनिया भी मुझसे तबाह हो चुकी है। ...

Barbaad (बर्बाद)

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दर्द-ए-दास्तान: जब हर चीज़ हो जाए बर्बाद उजड़ी हुई बस्तियाँ तेरी मोहब्बत ने हमको कुछ यूँ कर दिया, के ख़ुद को भी हमने बर्बाद कर दिया। न चैन आया, न करार मिला कभी, बस तेरी यादों में ही हमने जीना सीख लिया। ख़्वाबों का टूट जाना जो देखे थे कभी हमने सुनहरे से ख़्वाब, आज वो सब के सब हैं बर्बाद से। किस्मत का खेल है या है कोई सज़ा, बस रह गई है दिल में एक अजीब सी याद। मोहब्बत की कीमत मोहब्बत की राह में लुटाया सब कुछ, और अंत में सिर्फ़ हुए बर्बाद । ये कैसा इश्क़ था, ये कैसी थी चाहत, जिसने हमें कर दिया हर ख़ुशी से आज़ाद। वक्त की मार वक्त की गर्दिशों ने क्या ख़ूब सितम ढाए,...