Friday, May 29, 2026

Pyaar (प्यार)

प्यार के रंगीन एहसास

तेरे बिना अधूरी है मेरी ज़िंदगी, जैसे बिना चाँद के रात अधूरी है। हर सांस में तेरा नाम है, तू ही मेरी सबसे खूबसूरत ख्वाब है।
तुमसे मिलकर समझा हूँ, प्यार (प्यार) का असली मतलब क्या होता है। तुम्हारे बिना हर लम्हा, जैसे बिना रंग के सफर होता है।

दिल की हसरत ज़ुबान पे आने लगी, तूने देखा और ज़िंदगी मुस्कुराने लगी। ये इश्क़ की इंतेहा थी या दीवानगी मेरी, हर सूरत में सूरत तेरी नज़र आने लगी।
क्यूँ प्यार (प्यार) पे जान लुटाते हैं लोग, आज मालूम हुआ है आप को पाने के बाद।

जहाँ Care मिलती है ना वहाँ Love हो ही जाता है।
मोहब्बत में गुस्सा और शक़ वही करता है जिसमें मोहब्बत कूट-कूट के भरी होती है, यही तो है सच्चा प्यार (प्यार) मेरी जान।

तुझसे ही शुरू और तुझ पर ही खत्म, मेरी हर कहानी का हर लफ्ज़ तू।
तेरे प्यार (प्यार) का असर कुछ यूँ हुआ, कि हम बदलने लगे।

तेरी मोहब्बत का ये आलम है, हर पल तेरा इंतज़ार करता हूँ।
जबसे तुझसे मिला हूँ, हर सुबह एक नई खुशी लेकर आती है, ये है मेरे प्यार (प्यार) की निशानी।

निगाहों से तुम्हारे दिल पर पैगाम लिख दूँ, तुम कहो तो अपनी रूह तुम्हारे नाम लिख दूँ।
तुम्हारी चाहत के बिना मेरी इबादत पूरी नहीं होती.. तुम जिंदगी हो मेरी, तुम बिन मेरी जिंदगी पूरी नहीं होती। यही तो है सच्चा प्यार (प्यार)

प्यार (प्यार) किया नहीं जाता प्यार (प्यार) तो खुद हुआ जाता है। प्यार (प्यार) कहीं नहीं मगर हर कहीं पाया जाता है।
प्यार (प्यार) दिल में दस्तक दे रहा है अगर तुम सुनो तो, प्यार (प्यार) रगों में बह रहा है अगर तुम देखो तो।

मेरी नमकीन सी जिंदगी की मिठास हो तुम।
तू मेरी धड़कन, तू मेरा सुकून, तेरा साथ हो तो हर लम्हा है खूबसूरत। तेरे बिना ये दिल अधूरा सा लगता है, तू मेरी ज़िंदगी की सबसे प्यारी जरूरत है। ये सच्चा प्यार (प्यार) है।

मेरी ज़रा सी परेशानी से कर लेता है मायूस वो खुद को, फिर भी अपने अज़ीज़ों में मेरा नाम नहीं लेता।
वो ख़्याल तो करता है मगर मुझसे प्यार (प्यार) नहीं करता।

तेरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ, मेरी सादगी देख, क्या चाहता हूँ।
प्यार (प्यार) में लोग मजबूत इतने हो जाते हैं कि दुनिया से लड़ जाते हैं और कमजोर इतने कि एक इंसान के बिना नहीं रह पाते हैं।

Thursday, May 28, 2026

Mohabbat (मोहब्बत)

मोहब्बत के खूबसूरत अल्फाज़

तेरी आँखों में देखी है मैंने एक ऐसी दुनिया, जहाँ मेरी हर साँस सिर्फ़ तेरी मोहब्बत में गुम है।

हर लम्हा जो तेरे साथ गुज़रा, वही तो मेरी सच्ची मोहब्बत की कहानी बन गया।

तू दूर सही, मगर दिल के करीब है, यही तो मेरी बेपनाह मोहब्बत का अजीब दस्तूर है।

ज़िंदगी का हर रंग फीका है तेरे बिना, मेरी मोहब्बत ने ही मुझे जीने की वजह दी है।

क्या बताऊँ कितनी है तुमसे मोहब्बत, बस इतना समझ लो कि अब तुम ही मेरी दुनिया हो।

मेरी हर दुआ में शामिल है तेरा नाम, क्योंकि मेरी मोहब्बत तेरे ही नाम से मुकम्मल है।

कभी ना खत्म होने वाली है ये चाहत, मेरी रूह में बसी है तेरी पाक मोहब्बत

जब से देखा है तुम्हें, तब से हर जगह तुम ही तुम हो, शायद यही मेरी सच्ची मोहब्बत की पहचान है।

चाँद और तारों से भी हसीन है तेरा चेहरा, मेरी मोहब्बत का बस यही एक सहारा।

तेरी सादगी पर मर मिटे हैं हम, ये कैसी मोहब्बत है जो सिर्फ़ तुझसे ही हुई है सनम।

Wednesday, May 27, 2026

Ishq (इश्क़)

**इश्क़: एक एहसास, एक इबादत, एक जुनून** इश्क़! यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं का एक अथाह समंदर है, एक ऐसा अनुभव जो दिल की गहराइयों को छूता है और रूह को बेताब कर देता है। अरबी मूल का यह शब्द, जिसका अर्थ है 'गहरा प्रेम' या 'जुनून', हिंदी और उर्दू शायरी में सदियों से आत्मा की अभिव्यक्ति का माध्यम रहा है. यह महज एक भावना से कहीं बढ़कर है; यह एक ऐसी शक्ति है जो व्यक्तियों को बदल देती है, दुनिया को नए रंगों से भर देती है, और जीवन को एक नया अर्थ देती है. इश्क़ की यात्रा अक्सर "इश्क़-ए-मजाज़ी" से शुरू होती है, जो सांसारिक या रोमांटिक प्रेम को दर्शाता है. यह वह प्रेम है जो दो इंसानों के बीच पनपता है, जिसमें तीव्र जुनून, गहरा भावनात्मक जुड़ाव और कभी-कभी समर्पण भी शामिल होता है. शायरों ने इस प्रेम की हर बारीकी को अपनी कलम से तराशा है, कभी मिलन की खुशी तो कभी जुदाई का दर्द, हर रंग को बयां किया है. लेकिन इश्क़ यहीं नहीं रुकता. यह अक्सर एक उच्चतर, अधिक गहन रूप में विकसित होता है जिसे "इश्क़-ए-हक़ीक़ी" कहा जाता है – ईश्वर के प्रति या एक उच्च शक्ति के प्रति दिव्य प्रेम. सूफी रहस्यवादी और आध्यात्मिक साधक इस दिव्य प्रेम को आत्मा को शुद्ध करने और परमात्मा के करीब लाने वाली एक परिवर्तनकारी यात्रा के रूप में देखते हैं. ग़ालिब जैसे महान शायरों ने भी इश्क़ की इसी गहनता को दर्शाया है, जहाँ यह एक ऐसी अग्नि है जो लगाए न लगे और बुझाए न बने. इश्क़ एक ऐसा बवंडर भी है जो सब कुछ उजाड़ देता है, और फिर उसी खंडहर में एक नया संसार बसा देता है. यह दिल को जलाती हुई आग भी है, और फिर इसी राख से एक नया इंसान बनाने वाली शक्ति भी. यह सब्र भी है और सुकून भी, हालांकि अक्सर इसे सब्र की अधिक ज़रूरत पड़ती है. इश्क़ ने अनगिनत कहानियों, कविताओं और गीतों को जन्म दिया है, जो इसके विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं – चाहे वह कसक हो, तड़प हो, या फिर पूर्ण समर्पण. इश्क़ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो हमें इंसान होने का एहसास दिलाता है। यह हमें सिखाता है कि कैसे प्यार में धैर्य रखना है, कैसे दर्द को खुशी में बदलना है, और कैसे खुद को पूरी तरह से किसी और के लिए समर्पित करना है. यहाँ इश्क़ पर कुछ दिल को छू लेने वाली शायरियाँ प्रस्तुत हैं: ---

इश्क़: दिल से निकली दस आवाज़ें

इश्क़ वो नशा है, जो हर मर्ज़ की दवा है,
बस एक नज़र तेरी, और दिल लापता है।

तेरी चाहत में, हम खुद को भुला बैठे,
इश्क़ की गलियों में, हर हद मिटा बैठे।

इश्क़ की आग में जलकर, हम खाक हुए,
फिर उसी राख से, नए ख्वाब हुए।

वो कहते हैं, इश्क़ इबादत है, मैंने माना,
तेरी सूरत में ही पाया, अपना खुदा माना।

इश्क़ ने सिखाया हमें जीना और मरना,
हर पल तेरे इंतज़ार में आहें भरना।

मेरी रूह में बस गया है तेरा इश्क़,
हर साँस लेती है, अब तेरा ही ज़िक्र।

इश्क़ वो तूफ़ान है, जो दिल को हिला दे,
कभी आसमाँ बना दे, कभी खाक मिला दे।

कहाँ से लाऊँ वो लफ्ज़, जो तेरा इश्क़ बयां कर सकें,
मेरी खामोशी में ही, सारे जज़्बात मचल सकें।

इश्क़ की गलियों में भटकते रहे उमर भर,
मिली जो मंज़िल, तो देखा, वो भी थी तेरी डगर।

खुदा करे, हर दिल को हो ऐसा इश्क़ नसीब,
जो रूह को रोशन कर दे, हर गम हो करीब।

--- **इश्क़ की अंतहीन गाथा** इश्क़ सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि एक संपूर्ण अनुभव है। यह वह शक्ति है जो दुनिया को चलाती है, कला को प्रेरित करती है, और मानवीय आत्मा को अदम्य बनाती है। चाहे वह "इश्क़-ए-मजाज़ी" की शुरुआती धड़कनें हों या "इश्क़-ए-हक़ीक़ी" की गहन आध्यात्मिकता, इश्क़ हर रूप में अद्वितीय और शक्तिशाली है। यह हमें खुद से, दूसरों से और ब्रह्मांड से गहरे स्तर पर जुड़ना सिखाता है। इसलिए, आइए हम इश्क़ के इस खूबसूरत एहसास को अपनाएं और इसकी अंतहीन गाथा का हिस्सा बनें।

Saturday, July 30, 2022

सूखे पत्ते

 सूखे पत्तों 🍂 की तरह मत बनाओ अपनी 👤 जिंदगी,

नहीं तो दुनिया 🌍 में ऐसे बहुत लोग हैं,

जो बटोर कर आग 🔥 लगा देंगें..

Friday, July 22, 2022

सूखे पत्ते सी जिंदगी

सूखे पत्तों 🍂 की तरह मत बनाओ अपनी 👤 जिंदगी,

नहीं तो दुनिया 🌍 में ऐसे बहुत लोग  हैं,
जो बटोर कर आग 🔥 लगा देंगें..


સપનામાં તમને જોવા ની આદત પડી ગઈ...
 
અને  તમે પાસે આવ્યા ત્યારે તો સવાર પડી ગઈ...!!

Tuesday, July 19, 2022

हँसना रोना • Laugh Cry


अगर किसी दिन तुम्हे रोना आये
तो
कॉल जरूर कर लेना,
हँसाने की गारंटी तो नही लेता
पर
तेरे साथ रोऊँगा जरूर..

हिंदी - It's Difficult Fun

WhatsApp, Facebook, TikTok, Funny, Comedy, Videos, Clips, World, Today, Google, YouTube, IT, Movie, Full, HD, Song, Music, T Series, Bollywood, Hollywood, Actress, Interesting, Motivation, Speech, Country, Economy, Stock, Market, Gaming, Real Life, NEWS, Medical, Education, Natural, Technology, Mobile, Status, Keyword, Blogger, WordPress, Adsense, Money, Travel, Knowledge, Recipe, Fashion, Dance, Record, Dialogue, Tricks, Tips, Applications, Softwares, Computer, Laptop, Official, New, Latest, Loan, Gadgets,



आज हिंदी बोलने का शौक हुआ,

घर से निकला और एक ऑटो वाले से पूछा,

"त्री चक्रीय चालक पूरे सुभाष नगर के परिभ्रमण में कितनी मुद्रायें व्यय होंगी ?"

ऑटो वाले ने कहा 😇, "अबे हिंदी में बोल रे.."

मैंने कहा, "श्रीमान, मै हिंदी में ही वार्तालाप कर रहा हूँ।"

ऑटो वाले ने कहा, "मोदी जी पागल करके ही मानेंगे । चलो बैठो, कहाँ चलोगे?"

मैंने कहा, "परिसदन चलो"

ऑटो वाला फिर चकराया !😇

"अब ये परिसदन क्या है?" 

बगल वाले श्रीमान ने कहा, "अरे सर्किट हाउस जाएगा"

ऑटो वाले ने सर खुजाया और बोला, "बैठिये प्रभु"

रास्ते में मैंने पूछा, "इस नगर में कितने छवि गृह हैं ??" 

ऑटो वाले ने कहा, "छवि गृह मतलब ??"

मैंने कहा, "चलचित्र मंदिर"

उसने कहा, "यहाँ बहुत मंदिर हैं ... राम मंदिर, हनुमान मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, शिव मंदिर"

मैंने कहा, "भाई मैं तो चलचित्र मंदिर की
बात कर रहा हूँ जिसमें नायक तथा नायिका प्रेमालाप करते हैं."

ऑटो वाला फिर चकराया, "ये चलचित्र मंदिर क्या होता है ??"

यही सोचते सोचते उसने सामने वाली गाडी में टक्कर मार दी। 

ऑटो का अगला चक्का टेढ़ा हो गया और हवा निकल गई।

मैंने कहा, "त्री चक्रीय चालक तुम्हारा अग्र चक्र तो वक्र हो गया"

ऑटो वाले ने मुझे घूर कर देखा और कहा, "उतर जल्दी उतर !" 

आगे पंक्चरवाले की दुकान थी। हम ने दुकान वाले से कहा....

"हे त्रिचक्र वाहिनी सुधारक महोदय, कृपया अपने वायु ठूंसक यंत्र से मेरे त्रिचक्र वाहिनी के द्वितीय चक्र में वायु ठूंस दीजिये। धन्यवाद।"

दूकानदार बोला कमीने सुबह से बोनी नहीं हुई और तू श्लोक सुना रहा है।

आनंद ही आनंद 
 😬😬😬😬😬

मजा आये तो हँसने और दुसरे झुंड मे अग्रसारित करने में कंजुसी बिल्कुल मत करियेगा।