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Veeran (वीरان)

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वीरान (Veeran) शायरी संग्रह दर्द-ए-वीरानी शहर की गलियों में भटकते हुए, हर मंज़र को देखा, पर दिल के अंदर झाँका तो, एक वीरान सा खंडहर देखा। घर का सूनापन जब से तुम गए हो, यह घर सूना हो गया है, हर कोना, हर चौखट, अब तो वीरान हो गया है। आँखों का समंदर मेरी आँखों में अश्कों का समंदर लहराता है, जब भी देखता हूँ, दिल का शहर वीरान नज़र आता है। महक भी उदास फूलों की महक भी अब चुभने लगी है, बाग़ तो हैं कई, पर रूह वीरान रहने लगी है। अफ़सोस की बात क्या खबर थी कि एक दिन ऐसा भी आएगा, महफिलें सजेंगी, पर दिल वीरान रह जाएगा। भीतर का खालीप...

Tabah (तबाह)

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तबाह (Tabah) कर देने वाली दिल छू लेने वाली शायरियाँ तेरी यादों ने कुछ इस कदर घेरा है, कि मेरा हर लम्हा अब मुझको तबाह लगता है। इश्क़ की राहों में ऐसा भी मोड़ आया, जहां हर खुशी हमको तबाह कर गई। जो गुज़री है हम पर वो तुम क्या जानोगे, इश्क़ ने हमें कुछ इस कदर तबाह किया। मुहब्बत में कभी खुद को इतना न खोना, कि उसकी यादें तुम्हें तबाह कर जाएं। ख्वाबों का शहर जो बसाया था मैंने, उसकी बेवफाई ने उसे तबाह कर दिया। हर रास्ते पर सिर्फ़ उसकी ही यादें हैं, लगता है ये दुनिया भी मुझसे तबाह हो चुकी है। ...

Barbaad (बर्बाद)

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दर्द-ए-दास्तान: जब हर चीज़ हो जाए बर्बाद उजड़ी हुई बस्तियाँ तेरी मोहब्बत ने हमको कुछ यूँ कर दिया, के ख़ुद को भी हमने बर्बाद कर दिया। न चैन आया, न करार मिला कभी, बस तेरी यादों में ही हमने जीना सीख लिया। ख़्वाबों का टूट जाना जो देखे थे कभी हमने सुनहरे से ख़्वाब, आज वो सब के सब हैं बर्बाद से। किस्मत का खेल है या है कोई सज़ा, बस रह गई है दिल में एक अजीब सी याद। मोहब्बत की कीमत मोहब्बत की राह में लुटाया सब कुछ, और अंत में सिर्फ़ हुए बर्बाद । ये कैसा इश्क़ था, ये कैसी थी चाहत, जिसने हमें कर दिया हर ख़ुशी से आज़ाद। वक्त की मार वक्त की गर्दिशों ने क्या ख़ूब सितम ढाए,...

Bekaar (बेकार)

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दिल की गहराइयों से: बेक़ार पर ३० शायरी शायरी 1 कुछ ख्वाब थे जो दिल में सजाये थे, तेरी बेरुखी ने सब को बेकार कर दिया। शायरी 2 हर कोशिश मेरी अब लगती है बेकार , जब से छोड़ा है तूने मेरा साथ, यार। शायरी 3 ज़िन्दगी के पन्ने पलट कर देखे हैं कई बार, तेरे बिना हर कहानी लगती है बेकार । शायरी 4 अकेलेपन की रातें, अब ये दिन भी क्या गिनूं, तेरी चाहत के बिना, सब कुछ है बेकार । शायरी 5 जो ना हो साथ तेरा, ये दुनिया भी क्या काम की, मेरी हर खुशी, हर पल, तेरे बिना है बेकार । शायरी 6 ...

Bezaar (बेज़ार)

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बेज़ार (Bezaar) शायरी संग्रह शायरी 1 ज़िन्दगी के इस सफर से, अब मैं बड़ा बेज़ार हूँ, ढूंढता हूँ सुकून जहाँ, हर पल इंतेज़ार हूँ। शायरी 2 तेरी बेरुखी ने किया है, मुझको इतना बेज़ार , अब तो अपने ही साये से भी, नहीं है मुझको प्यार। शायरी 3 इश्क़ की राहें थीं कभी हसीं, अब मैं हूँ उनसे बेज़ार , हर मोड़ पर मिली है ठोकर, अब नहीं है कोई करार। शायरी 4 ये दुनिया की रस्मों से, दिल अब है मेरा बेज़ार , हर चेहरे पर नक़ाब है, अब नहीं कोई एतबार। शायरी 5 ख़ामोशी से सुनता हूँ अब, हर बात को मैं बेज़ार , गहरे हैं कुछ ज़ख्म ऐसे, जिनसे नहीं है इंक़ार। ...

Roona (रोना)

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दिल को छू लेने वाली शायरी: रोना (Roona) अश्कों की ज़ुबान जब दिल में दर्द हद से गुज़र जाता है, तब अश्कों के सिवा कुछ नहीं आता है रोना । खामोश रातें खामोश रातों में तेरी याद सताती है, हर एक पल तेरी जुदाई मुझे रोना सिखाती है। ज़ख्मों का मरहम गहरे ज़ख्मों को कैसे भरें हम, आँखों से बस निकलता है रोना । तकदीर की मार तकदीर की लिखी को कौन मिटा पाया है, हमने हर मोड़ पर बस रोना ही पाया है। तन्हाई का साथी जब कोई न हो साथ तन्हाई में, तब दिल खोल कर जी भर के रोना अच्छा लगता है। टूटे हुए सपने ...

Aansu (आँसू)

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Aansu (आँसू) - दिल की गहराई से निकले अल्फ़ाज़ जब भी छलक जाते हैं ये आँसू पलकों से, कह जाते हैं अनकही बातें धड़कनों से। तेरी याद में बहते हैं मेरे ये आँसू हर शाम, जैसे दिल की ज़मीं पर बरसता हो कोई पैग़ाम। कभी खुशी के, कभी गम के, ये आँसू गवाह हैं, हर दर्द-ओ-जुदाई के ये सच्चे रहनुमा हैं। हर रात पलकों से गिरते हैं कुछ आँसू मेरे, जिनमें धुंधली सी तस्वीर है बस अब तेरे। ये आँसू नहीं, ये तो मेरे दिल के टुकड़े हैं, जो तेरी बेरुख़ी से आज टूटे पड़े हैं। लबों पर हँसी मगर आँखों में आँसू लिए फिरता हूँ, दर्द को छुपाकर भी तेरा...