Dilpazeer (दिलपज़ीर)
दिलपज़ीर (Dilpazeer) शायरियों का संग्रह शायरी 1 उनकी यादें अब भी दिल में घर कर जाती हैं, कितनी हसीन और दिलपज़ीर वो मुलाकातें थीं। शायरी 2 तेरी बातें, तेरा लहजा, सब ही क्या कहने, हर अदा तेरी जान-ए-मन, बड़ी दिलपज़ीर है। शायरी 3 फूलों सी नाज़ुक, खुशबू सी मनमोहक, हर सुबह तेरी याद आती है दिलपज़ीर । शायरी 4 ग़मों की भीड़ में भी वो मुस्कुरा देते हैं, उनकी हँसी आज भी कितनी दिलपज़ीर है। शायरी 5 सफ़र-ए-ज़िंदगी में एक हमसफ़र ऐसा मिला, जिसकी हर बात, हर अदा है दिलपज़ीर । शायरी 6 ...