Bekasi (बेकसी)
बेकसी (Bekasi) पर दिल छू लेने वाली शायरी
1. गुमनाम सफर
अजब है ये ज़िन्दगी का सफर, हर मोड़ पर बेकसी मिलती है,
कोई साथ नहीं चलता, बस यादों की रोशनी जलती है।
2. खामोश दर्द
दिल के कोने में छुपा है एक खामोश दर्द गहरा,
बेकसी ऐसी कि कोई सुनता नहीं, न कोई चेहरा।
3. टूटे ख्वाब
ख्वाबों के शीशे टूट गए, बिखरी है ज़िन्दगी,
हर तरफ फैली है बस, ये मेरी बेकसी।
4. तन्हाई का साया
तन्हाई का साया है, और कोई नहीं पास,
बेकसी ने घेरा है, बुझ गई हर आस।
5. बिखरे अरमान
अरमान मेरे बिखरे, राहें भी गुमनाम हैं,
हर पल महसूस होती है, ये मेरी बेकसी है।
6. बेबस निगाहें
निगाहों में बेबसी है, होठों पर ख़ामोशी,
जिंदगी क्या सिखाती है, बस यही बेकसी।
7. हर राह में
हर राह पर तन्हा हूँ, हर मंज़िल है दूर,
बेकसी ने कर दिया है, मुझे बिलकुल मजबूर।
8. वक़्त की मार
वक़्त की मार ऐसी है, संभल भी न पाया,
हर खुशी से पहले, बेकसी का साया आया।
9. दिल की आवाज़
दिल की आवाज़ भी अब, गुमनाम सी लगती है,
बेकसी की धुंध में, हर राह भटकती है।
10. उम्मीदों का दम
उम्मीदों का दामन भी, छूटता जा रहा है,
हर पल ये बेकसी, मुझको आजमा रहा है।
11. आँसू और रातें
रातों में आँसू हैं, दिन में है उदासी,
क्या कहूँ इस दिल की, ये कैसी बेकसी।
12. ज़िंदगी का बोझ
ज़िंदगी का बोझ अब, संभाला नहीं जाता,
ये बेकसी का आलम, टाला नहीं जाता।
13. सूनी गलियाँ
सूनी गलियों में फिरता हूँ, मेरा कोई नहीं यार,
बेकसी की दुनिया में, बस है एक इंतज़ार।
14. दर्द का एहसास
दर्द का हर एहसास अब, दिल को छू जाता है,
मेरी हर खुशी से पहले, बेकसी आ जाता है।
15. बुझी हुई लौ
बुझी हुई लौ हूँ मैं, कोई जलाता नहीं,
बेकसी की आग में, कोई बचाता नहीं।
16. किस्मत का खेल
किस्मत का खेल है ये, समझ न पाया,
जब भी सोचा खुशियाँ, बेकसी का साया।
17. हर पल का साथ
हर पल का साथ है अब, इस तन्हाई से,
मिल गयी है दोस्ती, इस बेकसी से।
18. मजबूरियाँ
कितनी मजबूरियाँ हैं, लबों पर है ख़ामोशी,
कह नहीं सकता कुछ भी, ये है मेरी बेकसी।
19. दिल का मंज़र
दिल का मंज़र भी अब, सूना सा लगता है,
हर ख़ुशी से पहले, बेकसी का डर लगता है।
20. राहों की धूल
राहों की धूल हूँ मैं, कोई उठाता नहीं,
बेकसी की धूप में, कोई छाँव दिखाता नहीं।
21. हर आंसू में
हर आंसू में छिपी है, एक दास्तान मेरी,
बेकसी ने लिखी है, हर पहचान मेरी।
22. गहरा सन्नाटा
गहरा सन्नाटा है, मेरे चारों ओर,
बेकसी का मंज़र है, हर शाम और भोर।
23. कोई सहारा नहीं
कोई सहारा नहीं, कोई अपना नहीं,
बस एक बेकसी है, और टूटा हुआ सपना नहीं।
24. ज़िंदगी की राह
ज़िंदगी की राह में, हर कदम पर गिरता हूँ,
बेकसी के साए में, मैं हर रोज़ मरता हूँ।
25. दिल का दर्द
दिल का दर्द कोई, समझता नहीं है यहाँ,
मेरी बेकसी का आलम, रहता है हर जहाँ।
26. खामोश लब
लब खामोश हैं मेरे, आँखें नम रहती हैं,
बेकसी की आहटें, हर पल सुनती हैं।