Mukhda (मुखड़ा)
मुखड़ा: सौंदर्य और भावों का दर्पण 1. चाँद सा मुखड़ा चाँद भी शर्मा जाए, जब तुम सामने आओ, ऐसा है तुम्हारा हसीं मुखड़ा , क्या कहने क्या गाओ। 2. दिलकश नज़ारा हर नज़ारे को फीका कर देता है, तुम्हारा दीदार, क्या अदा है इस मुखड़ा की, बस हो जाए बेकरार। 3. नकाब हटाओ ज़रा नकाब हटाओ, ये दुनिया देखने दो, क्या खूब बनाया है रब ने ये मुखड़ा , बस यही कहने दो। 4. हर पल की याद तुम्हारे मुखड़ा की यादें हर पल सताती हैं, ये दूरियां क्यों हैं दरमियां, बस यही रुलाती हैं। 5. नूरानी सुबह तुम्हारे मुखड़ा का नूर जब सुबह बिखेरता है, हर कली खिल जाती है, हर फूल निखरता है। 6. जादू तेरी आँखों में तेरी आँखों का जादू, तेरे मुखड़ा का कमाल, हमें दी...