Bechaini (बेचैनी)

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बेचैनी (Bechaini): दिल की गहराइयों से निकली 30 शायरियां

1. रातों की नींद

रातों की नींदें उड़ गईं, कुछ ऐसी बेचैनी है,
दिन का करार भी खो गया, ये कैसी दीवानगी है।

2. इंतजार का आलम

इंतजार में ही कट रही है जिंदगी मेरी,
तेरी यादों में हर पल बेचैनी है मेरी।

3. दिल की पुकार

दिल मेरा पुकार रहा है, तुम्हें हर घड़ी,
इस बेचैनी का अब क्या करूं, तुम ही कहो कभी।

4. खामोशी में भी

खामोशी में भी एक शोर है, मेरे अंदर,
ये कैसी बेचैनी है, न मिलती अब मुझे खबर।

5. हर पल एहसास

हर पल तेरी कमी का, एहसास होता है,
इसी बेचैनी में मेरा हर साँस सोता है।

6. दिल का दर्द

दिल में एक दर्द है, आँखों में नमी,
तेरी जुदाई की है ये बेचैनी, हर घड़ी।

7. सुबह-ओ-शाम

सुबह-ओ-शाम तेरी यादों में गुम रहता हूँ,
इस बेचैनी में न जाने क्या-क्या कहता हूँ।

8. सुकून की तलाश

सुकून की तलाश में दर-बदर भटकता फिरता हूँ,
ये बेचैनी है या तेरी जुदाई का दरिया हूँ।

9. हर आह में

हर आह में मेरी तेरी ही बात होती है,
इस बेचैनी की अब कहाँ रात सोती है।

10. तेरे बिना

तेरे बिना जीना अब लगता है मुहाल,
हर साँस में बस यही बेचैनी का सवाल।

11. आँखों का हाल

आँखों में नींद नहीं, दिल में करार नहीं,
ये कैसी बेचैनी है, जिसका कोई सार नहीं।

12. यादों का सिलसिला

तेरी यादों का ये सिलसिला खत्म नहीं होता,
इस बेचैनी में दिल मेरा कभी थमता नहीं होता।

13. हर पल तेरी धुन

हर पल तेरी धुन में खोया रहता है ये मन,
कैसे बताऊँ तुम्हें, क्या है ये बेचैनी का कारण।

14. चाँदनी रात

चाँदनी रातें भी अब सताने लगी हैं,
तेरी याद में ये बेचैनी बढ़ाने लगी हैं।

15. दिल की आवाज़

दिल की आवाज़ भी अब सुनता नहीं कोई,
इस बेचैनी में मेरा साथ देता नहीं कोई।

16. मौसम की रुत

मौसम की रुत भी अब बदलने लगी है,
ये बेचैनी मेरे दिल में पलने लगी है।

17. हर पल काटी

हर पल काटी है रात, सुबह का इंतजार किया,
इस बेचैनी ने हमें, क्या-क्या न बर्बाद किया।

18. दिल में शोर

दिल में एक शोर है, लबों पर खामोशी,
ये कैसी बेचैनी है, न मिलती अब हमें होश ही।

19. तेरे ख्वाब

तेरे ख्वाबों में ही रात कट जाती है,
सुबह होते ही फिर ये बेचैनी सताती है।

20. हर मोड़ पर

हर मोड़ पर अब तेरा ही इंतज़ार रहता है,
इस बेचैनी में दिल मेरा बेकरार रहता है।

21. वस्ल की आस

वस्ल की आस में दिन रात जलता हूँ,
इस बेचैनी में हर पल संभलता हूँ।

22. दिल का शहर

दिल का शहर अब वीरान सा लगता है,
तेरी कमी में हर पल बेचैनी में रहता है।

23. हर साँस में

हर साँस में मेरी अब तेरा नाम है,
ये बेचैनी नहीं, ये तो मेरा अंजाम है।

24. गम का साया

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