Bechaini (बेचैनी)
बेचैनी (Bechaini): दिल की गहराइयों से निकली 30 शायरियां 1. रातों की नींद रातों की नींदें उड़ गईं, कुछ ऐसी बेचैनी है, दिन का करार भी खो गया, ये कैसी दीवानगी है। 2. इंतजार का आलम इंतजार में ही कट रही है जिंदगी मेरी, तेरी यादों में हर पल बेचैनी है मेरी। 3. दिल की पुकार दिल मेरा पुकार रहा है, तुम्हें हर घड़ी, इस बेचैनी का अब क्या करूं, तुम ही कहो कभी। 4. खामोशी में भी खामोशी में भी एक शोर है, मेरे अंदर, ये कैसी बेचैनी है, न मिलती अब मुझे खबर। 5. हर पल एहसास हर पल तेरी कमी का, एहसास होता है, इसी बेचैनी में मेरा हर साँस सोता है। ...