Kangan (कंगन)
कंगन पर शायरी: एक मधुर संग्रह 1. खनखन की आवाज़ तेरे हाथों में सजे, वो रंगीन कंगन , हर खनखन में है, मेरी चाहत की धुन। 2. प्यार का प्रतीक चूड़ियों से लिपटे, वो प्यार के कंगन , हर अदा में तेरी, मेरा है समर्पण। 3. यादें तेरी यादों का शोर, इन कंगन में है, जो हर पल गूँजे, मेरी धड़कन में है। 4. सादगी की पहचान सादा लिबास और हाथों में कंगन , तेरी सादगी ने, लूटा मेरा मन। 5. इंतजार कब सजेगी तेरे हाथों में मेरे नाम का कंगन , इस इंतज़ार में बीत जाए ना ये जीवन। 6. सुहानी शाम ...