Aashiq (आशिक़)

hindi shayari, हिंदी शायरी

आशिक़ों की दुनिया: मोहब्बत के रंगीन अल्फाज़

इश्क़ का पैमाना

मोहब्बत की गलियों में भटकता है हर आशिक़,
पाने को दिलबर, जलता है वो जैसे कोई दीया बारीक।

दीदार की प्यास

हर रात आँखों में लिए फिरता है वो दीदार की प्यास,
सुबह की पहली किरण में ढूँढता है अपना खास आशिक़।

गम का साथी

गम में भी मुस्कराता है, वो सच्चा आशिक़,
दर्द को सहता है, पर ज़ुबां पर नहीं लाता कोई शिक़।

वफ़ा की मिसाल

वफ़ा की मिसाल बनता है हर एक आशिक़,
नज़रें मिलती नहीं, फिर भी दिल करता है हर पल शिक़।

यादें उसकी

यादों के साए में जीता है, उसका हर आशिक़,
भूले से भी ना भूले, वो महबूब की हर बात बारीक।

खुद की फ़ना

खुद को फ़ना करके भी, वो रहता है ज़िंदा आशिक़,
उसकी धड़कनों में बसती है, महबूब की हर एक श्वास।

इंतज़ार का आलम

इंतज़ार की हदें पार कर देता है सच्चा आशिक़,
हर आहट पर दिल कहता है, शायद आए मेरा खास।

ख्वाबों में मुलाकात

ख्वाबों में ही सही, हर रोज़ मिलता है आशिक़,
हकीकत में दूरी सही, पर रूह से जुड़ी हर सांस।

आँखों का नूर

जिसकी आँखों में बसे, उसके लिए हर आशिक़,
आँखों का नूर होता है, उसकी हर एक आस।

धड़कन की ज़ुबां

धड़कन की ज़ुबां सिर्फ़ वो समझता है आशिक़,
जो हर पल जपता है, बस अपने महबूब का नाम खास।

दर्द का साथी

दर्द को भी वो गले लगाता है, सच्चा आशिक़,
उसे पता है, यही तो है मोहब्बत का मीठा एहसास।

दुनिया से बेखबर

दुनिया की परवाह नहीं करता, वो सच्चा आशिक़,
अपनी धुन में मगन, सिर्फ़ प्यार ही उसका खास।

तन्हाई का साथी

तन्हाई में भी खुश रहता है, वो दिलफेंक आशिक़,
यादों के सहारे, हर पल गुज़ारता है अपना खास।

हर साँस में नाम

हर साँस में जिसका नाम है, वो सच्चा आशिक़,
इश्क़ की आग में जलकर भी, रहता है वो बेखास।

दिल का सुकून

दिल का सुकून है उसका महबूब, हर एक आशिक़,
उसी की चाहत में, वो देता है हर इम्तिहान खास।

नज़रों की भाषा

नज़रों की भाषा को समझता है वो आशिक़,
बिन बोले ही सुन लेता है, हर एक बात खास।

जुदाई का डर

जुदाई का डर सताता है उसे हर पल, वो आशिक़,
पर मोहब्बत की राह में, वो चलता है निडर, बेखास।

अधूरी कहानी

अधूरी सही, पर उसकी कहानी का हर आशिक़,
हर लफ्ज़ में होता है मोहब्बत का गहरा एहसास।

रुह का रिश्ता

रूह से जुड़ा है रिश्ता, हर एक आशिक़,
जिस्मों की दूरी, उनकी मोहब्बत का इम्तिहान खास।

बेनाम मोहब्बत

बेनाम मोहब्बत का सफर है हर आशिक़,
दिल में बसाकर, वो जीता है हर दिन खास।

ख्वाबों का सौदागर

ख्वाबों का सौदागर है वो, सच्चा आशिक़,
नींदों में भी महबूब को ही, वो रखता है पास।

खुद की पहचान

अपनी पहचान खो देता है, वो सच्चा आशिक़,
बस महबूब के रंग में रंग कर, बन जाता है बेखास।

इंतज़ार की राह

इंतज़ार की राह में, आँखों में लिए है नमी, वो आशिक़,
मिलन की आस में, हर पल जीता है वो खास।

अधूरा है हर पल

अधूरा है हर पल उसके बिना, वो सच्चा आशिक़,
ख़ामोशी में भी, वो कहता है हर बात खास।

इश्क़ का पैगाम

इश्क़ का पैगाम लिए फिरता है, हर एक आशिक़,
दुनिया की नज़रों से छुपकर, वो रखता है उसे पास।

साँसों में घुला

साँसों में घुला है उसका नाम, हर एक आशिक़,
लबों पर आए ना आए, पर दिल में रहता है वो खास।

दुनिया से अलग

दुनिया से अलग होती है दुनिया हर आशिक़,
अपने ही रंग में रंगकर, वो बनता है बेखास।