Majnoon (मजनूँ)

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मजनूँ: इश्क का जुनून (Majnoon: The Madness of Love)

इश्क की राह में

हम तो चले थे राह-ए-मोहब्बत पर, कब बन गए मजनूँ, खबर न हुई।

दीवारों से बातें

दीवारों से बातें करने लगा हूँ अब, तेरी याद में मैं, सच में मजनूँ हो गया।

नाम तेरा

हर साँस पे नाम तेरा, हर दिल में तेरा चेहरा, क्या कहूँ खुद को, मैं तो तेरा मजनूँ ठहरा।

वीरानों में सुकून

वीरानों में ढूँढता हूँ सुकून तेरी यादों का, शहर की भीड़ में मैं एक मजनूँ आवारा सा।

अपनी धुन में

न दुनिया की खबर, न खुद का होश रहा, इश्क में डूबा, बन बैठा एक मजनूँ सा।

इश्क का असर

वो कहते हैं इश्क का असर है मुझ पर, मैं कहता हूँ बस तेरा मजनूँ हूँ यार।

जंगल-बयाबाँ

छोड़कर सारे जहाँ को, मैं जंगल-बयाबाँ चल पड़ा, तेरी धुन में खोकर, बन गया एक मजनूँ सा।

फकीरी अंदाज

कैसा फकीरी अंदाज है इस दिल का अब, कि तेरी चाहत में मैं मजनूँ हो गया कब।

तेरी याद में

तेरी यादों के सहारे ही जी रहा हूँ मैं, इस दुनिया के लिए तो अब मजनूँ हूँ मैं।

हर पल तेरी तलाश

हर पल तेरी तलाश में भटकता है ये दिल, तेरा मजनूँ है, बस यही है इसकी मंजिल।

इश्क का जादू

ये कैसा इश्क का जादू है, जो मुझ पर चला, देखते ही देखते मैं मजनूँ सा हो चला।

दुनिया की परवाह नहीं

अब दुनिया की परवाह नहीं मुझे, न किसी रस्म की, जब से तेरी धुन लगी, मैं मजनूँ हो गया हूँ बस तेरी।

दर-बदर

तेरी एक झलक के लिए दर-बदर फिरता हूँ, जमाना कहता है कि मैं मजनूँ हो गया हूँ।

नजर का धोखा

हर चेहरे में मुझे तेरा चेहरा दिखता है, शायद ये मेरी मजनूँ नजर का धोखा है।

इश्क की आग

इस दिल में लगी है जो इश्क की आग, इसी आग में जलकर मैं बना हूँ मजनूँ

तेरी गलियों में

तेरी गलियों में घूमना, मेरा हर रात का काम है, कोई और नहीं, मैं

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