Khushboo (ख़ुशबू)
ख़ुशबू: दिल को छू लेने वाली शायरी
ख़ुशबू का जादू
तेरी यादों की जो ख़ुशबू आती है,
वो मेरी रूह को हर पल महका जाती है।
फ़िज़ा में इत्र
फूलों से बढ़कर है तेरी ख़ुशबू,
जिससे महकती है ये सारी आरज़ू।
यादों की महक
पुरानी किताबों से आती वो ख़ुशबू,
जैसे याद दिलाती हो बचपन की रु-ब-रू।
बारिश की सोंधी
पहली बारिश की वो सोंधी ख़ुशबू,
मिट्टी की यादें, हर दिल को करे बेकाबू।
प्यार की महक
मेरे प्यार की है वो अनमोल ख़ुशबू,
जो हर साँस में बसी, रहती रूबरू।
हवा में घुली
हवा में घुली तेरी साँसों की ख़ुशबू,
महसूस होती है जब होती है तू बेकाबू।
सुबह का आलम
सुबह की पहली किरण और फूलों की ख़ुशबू,
दिल को तरोताज़ा करती, देती नई आरज़ू।
चंदन की महक
चंदन सी पावन है तेरी ख़ुशबू,
रूह को सुकून दे, मन को करे बेकाबू।
दिल की आवाज़
दिल के हर कोने में बसी है तेरी ख़ुशबू,
ज़िन्दगी के हर पल में रहती है तू।
मोहब्बत का इत्र
मोहब्बत का इत्र है तेरी ख़ुशबू,
जो हर साँस में घुली, करती है बेकाबू।
रात की रानी
रात की रानी की वो मीठी ख़ुशबू,
चाँदनी रात में बढ़ाए दिल की आरज़ू।
हसरत की निशानी
मेरी हसरतों में बसी है तेरी ख़ुशबू,
हर ख्वाब में है तू, हर पल है रूबरू।
फूलों का आँचल
फूलों का आँचल, उसकी भीनी ख़ुशबू,
बहारों का पैगाम, दिल को करे रु-ब-रू।
महके एहसास
तुम्हारे आने से महक उठे मेरे एहसास,
ये कैसी ख़ुशबू है, जो करती है खास।
ज़िन्दगी का रंग
हर लम्हे में बसी है तेरी ख़ुशबू,
ज़िन्दगी के रंगों में तू ही है रूबरू।
यादों के दीप
यादों के दीप जलाए तेरी ख़ुशबू,
अंधेरी रातों में देती है ये रोशनी तू।
गुलाब की पंखुड़ी
गुलाब की पंखुड़ी में छिपी ख़ुशबू,
इश्क की निशानी, हर दिल की आरज़ू।
सुबह की हवा
सुबह की ठंडी हवा में आती वो ख़ुशबू,
ताजगी का एहसास, दिल को करती बेकाबू।
इश्क का सफर
इश्क के सफर में हर मोड़ पर तेरी ख़ुशबू,
हमराही बनके चलती है तू ही तू।
खुले केश
खुले केशों से तेरी आती ख़ुशबू,
पागल कर जाती है ये दिल को तू।
मौसम की बहार
मौसम की बहार में बिखरी ख़ुशबू,
हर कली से उठे, दे दिल को आरज़ू।