Mehek (महक)

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महक: ख़ुशबू का सफ़र - दिल को छू लेने वाली शायरी

खुशबू-ए-यार

तेरी साँसों की जो उठती है हर पल,
वो ही तो है मेरे दिल की हसीन महक

यादों का चमन

गुज़रे लम्हों की यादों का चमन,
आज भी देता है वही पुरानी महक

बहार की निशानी

जब भी खिलते हैं फूल गुलशन में,
आ जाती है उनकी मीठी महक

मिट्टी का प्यार

पहली बारिश की बूँदों में घुली,
कितनी प्यारी होती है मिट्टी की महक

आंचल की छाँव

माँ के आँचल में मिलती है जो,
उसकी निराली ही है अपनी महक

ख़्वाबों का सफर

हर रात आती है ख़्वाबों में वो,
एक अनजानी सी, सुहानी सी महक

खुली ज़ुल्फ़ें

तेरी बिखरी ज़ुल्फ़ों से निकल कर,
हवाओं में घुल जाती है तेरी महक

सुबह की ताज़गी

सुबह की पहली किरण के साथ,
खेतों से आती है ताज़गी की महक

इश्क़ का पैगाम

हर साँस में बसा है तेरा नाम,
और हवाओं में है इश्क़ की महक

साँसों में बसी

क्या बताऊँ तेरी अदाओं का जादू,
मेरी साँसों में बस गई है तेरी महक

घर की ख़ुशबू

कहीं भी रहूँ दुनिया के कोने में,
घर की रोटी की आती है वो महक

इत्र की लहर

तेरे जाने के बाद भी कम न हुई,
कमरे में फैली है तेरी इत्र की महक

खिले फूल

हर फूल की अपनी एक दास्तान है,
और उसकी अपनी है प्यारी सी महक

जुदाई का आलम

जुदाई का ये आलम है मेरे यार,
हर चीज़ में है तेरी यादों की महक

रूह की पुकार

रूह को मेरी सुकून मिल जाता है,
जब आती है तेरी प्यार भरी महक

चाँदनी रात

चाँदनी रातों में जब तू पास हो,
फैल जाती है हर ओर तेरी महक

हवा का झोंका

सरसराती हुई हवा जब आती है,
साथ लाती है बागों से फूलों की महक

दिल की धड़कन

मेरी धड़कनों में समाई है तू,
हर पल महसूस होती है तेरी महक

बचपन की याद

वो बचपन के दिन, वो गलियों के खेल,
आज भी आती है उन दिनों की महक

पहली मुलाकात

उस पहली मुलाकात का क्या कहना,
हर लफ्ज़ में थी एक मीठी सी महक

साँझ ढले

जब साँझ ढले और हवा चले मंद-मंद,
हर गली में फैली है तेरी महक

रूहानी एहसास

ये जो हवाओं में घुली है आज,
ये किसी रूहानी एहसास की महक

दिल की बगिया

मेरे दिल की बगिया में खिले हो तुम,
और हर फूल से आती है तेरी महक

यादों का कारवाँ

जब भी कोई हवा का झोंका आता है,
लाता है साथ यादों का एक महकता कारवाँ।

पुरानी किताबें

पुरानी किताबों के पन्नों में आज भी,
छिपी है कोई अनमोल सी महक

बारिश के बाद

बारिश के बाद की ये धरती की महक,
दिल को मेरे कितना सुकून देती है।

इंतज़ार की खुश्बू

तेरे इंतज़ार में कटती हैं रातें,
आती है हर पल तेरी ज़ुल्फ़ों की महक

रंगों की दुनिया

ये दुनिया है कितनी रंगीन और ख़ूबसूरत,
हर रंग में बसी है एक अनोखी महक

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