Afsoon (अफ़सून)

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अफ़सून (Afsoon): जादू भरी शायरी

शायरी 1

तेरी आँखों का क्या कहूँ, ये कैसा अफ़सून (अफ़सून) है,
जो देखे एक बार, वो फिर कहाँ सुकून है।

शायरी 2

हर लफ्ज़ में तेरे जादू का अफ़सून (अफ़सून) है,
तेरी बातें सुनकर दिल को मिलता सुकून है।

शायरी 3

इश्क़ का ये कैसा अफ़सून (अफ़सून) मुझ पर छा गया,
हर लम्हा अब तो तेरे ख्यालों में खो गया।

शायरी 4

तेरी यादों का हर पल एक अफ़सून (अफ़सून) है,
जो दिल को मेरे हर घड़ी करता मजबूर है।

शायरी 5

जब से देखा है तुम्हें, ये दुनिया कैसी बदल गई,
तेरी चाहत का अफ़सून (अफ़सून) है, जो हर पल मुझमें समा गई।

शायरी 6

मोहब्बत का ये कैसा अफ़सून (अफ़सून) है, समझा नहीं जाता,
दिल खोया रहता है, कहीं और लगता नहीं राता।

शायरी 7

तेरी मुस्कान में छुपा है कोई गहरा अफ़सून (अफ़सून),
जो मेरे हर ज़ख़्म को देता है सुकून।

शायरी 8

हवाओं में घुला है तेरा ही अफ़सून (अफ़सून),
हर साँस में अब तो बस तू ही तू।

शायरी 9

ये दिल नहीं मानता, तेरी हसीं का अफ़सून (अफ़सून) है,
सारी दुनिया छोड़ के, ये तुझमें ही मसरूफ है।

शायरी 10

रात दिन बस तेरा इंतज़ार, ये कैसा अफ़सून (अफ़सून) है,
हर पल तेरी यादों में डूबा, मेरा दिल मजनूँ है।

शायरी 11

मेरे ख्यालों में बस तू है, ये तेरी नज़रों का अफ़सून (अफ़सून) है,
मैं जहाँ भी देखूँ, बस तेरा ही जुनून है।

शायरी 12

तेरी बातों का मुझ पर ये कैसा अफ़सून (अफ़सून) छाया है,
हर बात तेरी अब तो दिल में समाया है।

शायरी 13

तेरी सादगी में भी एक गहरा अफ़सून (अफ़सून) है,
जो मेरे दिल को करता है हर पल महसूस।

शायरी 14

ये चांदनी रातें और तेरा अफ़सून (अफ़सून),
मिलकर बना देते हैं हर पल को मज़बूत।

शायरी 15

जैसे फूल की खुशबू, तेरा हर अफ़सून (अफ़सून) है,
महका देता है ये हर सू मेरा वजूद है।

शायरी 16

तेरी आवाज़ का जादू, एक मीठा अफ़सून (अफ़सून) है,
हर धुन तेरी अब तो मेरे दिल का जूनून है।

शायरी 17

दिल पे चलता है तेरा ही अफ़सून (अफ़सून),
तू ही है मेरी मंज़िल, तू ही मेरा सुकून।

शायरी 18

तेरी छुअन का एहसास, एक गहरा अफ़सून (अफ़सून) है,
हर पल अब तो तू ही मेरे दिल का कानून है।

शायरी 19

तेरी हर अदा में है एक अलग अफ़सून (अफ़सून),
जो करता है दिल को बेताब, आँखों को मजबूर।

शायरी 20

मोहब्बत के सफर में, तेरा ही अफ़सून (अफ़सून) है,
हर राह पे मेरा साथी, मेरा हमदम तू है।

शायरी 21

ख़ामोशी में भी तेरा ही अफ़सून (अफ़सून) है,
बिन कहे भी तू मेरे दिल का क़रीबून है।

शायरी 22

तेरे दीदार की हसरत, एक ऐसा अफ़सून (अफ़सून) है,
हर नज़र में अब तो बस तू ही मेरा नूर है।

शायरी 23

हर साँस में बसी है तेरी खुशबू, तेरा अफ़सून (अफ़सून) है,
तू ही मेरी रूह का हिस्सा, तू ही मेरा सुकून है।

शायरी 24

तेरे बिना जीना अब मुश्किल है, ये कैसा अफ़सून (अफ़सून) है,
हर पल तेरी चाहत में, दिल मेरा मजबूर है।

शायरी 25

ख्वाबों में भी तेरा ही अफ़सून (अफ़सून) छाया है,
नींद में भी तू मेरे साथ है, ये कैसा माया है।

शायरी 26

तेरी बातों का हर जादू, हर अफ़सून (अफ़सून) है,
दिल को मेरे हर पल ये कितना महसूस है।

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