Shama (शमा)

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शमा और परवाने: मोहब्बत के अलफ़ाज़

1. रोशनी का आगाज़

रात के अँधेरे में जब कोई सहारा न हो,
तब जलती है एक शमा, रौशनी का किनारा बन कर।

2. इश्क़ की तपिश

परवाना जलता है शमा की लौ पर, इश्क़ में,
क्या खूब अदा है, इस मोहब्बत की कहानी में।

3. दिल की आग

जलते हैं दिल भी कभी-कभी,शमा की तरह,
खामोश रहकर भी कितना कुछ कह जाते हैं।

4. उम्मीद की किरण

हर रात के बाद एक सवेरा आता है,
हर आँधी के बाद जलती है एक शमा

5. तन्हाई का साथी

अँधेरी रातों में जब कोई न हो साथ,
तेरी यादों की शमा जला लेती हूँ मैं।

6. हिज्र की रात

हिज्र की रात में कैसे कटती है ये दूरी,
जलता है दिल, जैसे जलती है एक शमा पूरी।

7. जुदाई का दर्द

जब तक जिस्म में साँस है, ये शमा जलेगी,
जुदाई का ये दर्द, हर पल महसूस करेगी।

8. रौशनी की चाहत

ज़िंदगी की राहों में, रौशनी की तलब है,
कभी बुझती, कभी जलती, ये शमा गजब है।

9. वफा की निशानी

जैसे परवाना जलता है शमा पे, बेकरार,
वैसा ही इश्क़ हो, वफादार, दिलदार।

10. महफ़िल की रौनक

तेरी महफ़िल में शमा कुछ यूं जगमग करे,
कि हर दिल में रौशनी की किरण भर दे।

11. ज़िंदगी का सफर

ज़िंदगी का ये सफर, बुझती हुई शमा जैसा,
कब अँधेरा छा जाए, किसी को खबर क्या।

12. आरज़ू की आग

दिल में आरज़ू की शमा जलाए रखना,
मुश्किलों में भी मुस्कुराए रखना।

13. बेताब परवाने

बेताब परवाने, शमा की चाह में मरते हैं,
इश्क़ में ऐसे ही लोग हद से गुजरते हैं।

14. ज़ख्मों का इलाज

मेरे ज़ख्मों को क्या शमा से रौशन करोगे,
यह तो वो आग है जो अंदर ही अंदर जलेगी।

15. प्यार का इज़हार

नज़रों की भाषा में, कह दो अपने दिल की बात,
क्या पता कल ये शमा बुझ जाए या न रहे रात।

16. यादों का सिलसिला

तेरी यादों की शमा जलती रहे हमेशा,
मेरे दिल के हर कोने में, हर पल, हर लम्हा।

17. उम्मीद की लौ

छोटी सी शमा भी तूफानों से लड़ती है,
एक नई उम्मीद की किरण जगाती है।

18. खामोशी का पैगाम

मेरी खामोशी को क्या समझोगे तुम,
ये बुझती हुई शमा की आखरी साँस है।

19. गमों की रात

गमों की रात में, एक शमा जला के तो देखो,
शायद कुछ रोशनी, तेरे हिस्से में भी आए।

20. दीवानगी

दीवाने होते हैं वो, जो शमा पर मरते हैं,
इश्क़ में ऐसे ही लोग, फना होते हैं।

21. जलना और जलाना

खुद जल कर भी दूसरों को रौशनी देती है शमा,
क्या खूब है तेरी अदा, ऐ ज़िंदगी की हर अदा।

22. हर पल की जुदाई

हर पल जलती है ये शमा, परवाने की याद में,
हर पल तड़पता है वो, उसकी फरियाद में।

23. दिल की धड़कन

जब तक दिल में साँस है, ये शमा जलेगी,
तेरी यादों से ये धड़कन मेरी चलेगी।

24. अंधेरे में नूर

दुनिया के इस अंधेरे में, तू ही मेरी शमा है,
तेरी रोशनी से ही ये जीवन मेरा पूरा है।

25. मोहब्बत की राह

मोहब्बत की राहों में, हम अक्सर जल जाते हैं,
परवाना बन कर, शमा पे मिट जाते हैं।

26. इंतज़ार

कब से बैठे हैं, एक शमा जलाए हुए,
तेरे इंतज़ार में, पलकें बिछाए हुए।

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