Deewana (दीवाना)

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दीवाना: इश्क़ और जुनूँ की दास्तान

तेरी यादों में खोकर, हम अक्सर गुम हो जाते हैं,
लोग कहते हैं हमें, कि हम दीवाना हो जाते हैं।

इश्क़ की राहों में, मंज़िलें बदल जाती हैं,
जब कोई दिल से, किसी का दीवाना हो जाता है।

नशा तेरी आँखों का, ऐसा छाया है मुझ पर,
कि सारा ज़माना मुझे, अब दीवाना कहता है।

हर साँस में तेरा नाम है, हर धड़कन में तेरा प्यार,
क्या करूँ, ऐ सनम, ये दिल तेरा दीवाना है यार।

रातें गुज़रती हैं, तेरी तस्वीर से बातें करते,
हम क्या करें, ये दिल तो तेरा दीवाना है, मरते-मरते।

कभी तो आओ, इस पागल दिल की पुकार सुनने,
कब से बेताब है ये, तेरा दीवाना होकर जीने।

मोहब्बत की आग में, ऐसा जला हूँ मैं,
कि अब तो लोग कहते हैं, दीवाना बना हूँ मैं।

तेरी हर अदा पर, ये जान भी क़ुर्बान है मेरी,
कौन कहता है कि, दीवाना हूँ बस तेरी।

दुनियां की परवाह नहीं, जब से तुम मिले हो,
हम तो तुम्हारे इश्क़ में, दीवाना बने फिरे हैं।

क्या ख़बर थी, कि दिल ऐसा भी हो जाएगा,
तेरी एक नज़र से ही, दीवाना बन जाएगा।

हर पल तेरी धुन में, मग्न रहता हूँ मैं,
हाँ, सच कहता हूँ, तेरा दीवाना हूँ मैं।

ये दीवानापन है या कुछ और, समझ नहीं आता,
बस तेरी याद में, दिल चैन नहीं पाता।

तेरे बगैर अब तो, एक पल भी गंवारा नहीं,
ये दिल तो तेरा दीवाना है, इसे कोई किनारा नहीं।

इश्क़ में तेरे, हद से गुज़र चुका हूँ मैं,
हाँ, सच है, तेरा दीवाना बन चुका हूँ मैं।

चाहे लोग कुछ भी कहें, हमें कोई परवाह नहीं,
हम तो तेरे प्यार में, दीवाना हैं, ये क्या गुनाह नहीं?

मेरी दुनिया में बस तू ही तू है, और कोई नहीं,
मैं तेरा दीवाना हूँ, ये बात छुपी नहीं।

जब से तेरा दीदार हुआ, दिल में एक आग सी लगी,
हो गए हम दीवाना ऐसे, कि दुनियां भूलने लगी।

ज़िक्र तेरा जब भी आता है, होंठों पर मुस्कान आती है,
क्या करें, ये दिल तो तेरा दीवाना है, बस तुझको ही चाहती है।

तेरे इश्क़ की गलियों में, खो गया हूँ मैं,
अब तो हर गली में, तेरा दीवाना हूँ मैं।

बेख़ुदी का आलम है, कुछ होश नहीं है मुझको,
तेरी चाहत में, दीवाना हो गया हूँ, बस तुझको।

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