Surma (सुरма)
सुरमा: नज़रों की दिलकशी
शायरी 1
तेरी आँखों का ये गहरा रंग,
जैसे दिल में उतर जाए सुरमा का संग।
शायरी 2
पलकों पे ठहरा तेरा सुरमा,
हर अदा में छुपा है कोई गहरा राज़-ए-तमन्ना।
शायरी 3
नज़रों की गहराइयों में,
बसता है तेरा लगाया हुआ सुरमा।
शायरी 4
जब तुम लगाती हो आँखों में सुरमा,
तो लगता है जैसे चाँद भी शरमा जाए।
शायरी 5
तेरी काली आँखों में सुरमा,
मेरी दुनिया को रोशन कर देता है।
शायरी 6
उसकी आँखों का सुरमा है कातिल,
जो देखे एक बार, वो हो जाए घायल।
शायरी 7
पलकों के साये में सुरमा की रौनक,
हर नज़र में है एक अनमोल मोहब्बत।
शायरी 8
कहते हैं सुरमा बुराई से बचाता है,
पर तेरे आँखों का सुरमा हमें दीवाना बनाता है।
शायरी 9
जब तुम मुस्कुराती हो,
तेरी आँखों का सुरमा भी चमक उठता है।
शायरी 10
आँखों में काजल नहीं, सुरमा है,
ये तो मोहब्बत का गहरा पर्दा है।
शायरी 11
उसकी आँखों में सुरमा ऐसा समाया है,
जैसे रात में चाँद उतर आया है।
शायरी 12
सुरमा है उसकी आँखों की शान,
बिन इसके भी वो लगती है महान।
शायरी 13
पलकों से गिरता सुरमा,
जैसे टपका हो कोई हसीन नज़ारा।
शायरी 14
तेरी आँखों का सुरमा जब बोले,
तो हर ज़ुबान पर बस तेरा ही नाम होले।
शायरी 15
सुरमा से सजी तेरी ये आँखें,
हर बात कहती हैं, हर राज़ खोलती हैं।
शायरी 16
ये नज़रों का खेल, ये सुरमा का जादू,
हमें हर पल तुमसे ही मिलवाता है।
शायरी 17
सुरमा जो लगाया उसकी आँखों में,
लगता है जैसे चाँद उतर आया हो।
शायरी 18
बिन सुरमा के भी तेरी आँखें कमाल हैं,
पर जब तू लगा ले, तो ये बेमिसाल हैं।
शायरी 19
उसकी पलकों पर सुरमा यूँ फैला,
जैसे काली रात में कोई सितारा बहला।
शायरी 20
हर नज़र में एक कहानी है उसकी,
और हर कहानी में सुरमा की रवानी है उसकी।
शायरी 21
ये गहरा सुरमा, ये तेरी निगाहें,
हमें हर शाम नया ख्वाब दिखाएं।
शायरी 22
सुरमा की धार, आँखों में चमक,
ये अदाएं करती हैं सबको विह्वल।
शायरी 23
तेरी आँखों का ये सुरमा,
मेरे दिल का हर दर्द सहलाता है।
शायरी 24
जब ये सुरमा आँखों से बहता है,
तो लगता है जैसे कोई ख्वाब टूटता है।
शायरी 25
आँखों में चमक, लबों पे हंसी,
सुरमा ने कर दी है हर शिकायत रसी।
शायरी 26
तेरी निगाहों से होकर गुजरा सुरमा,
जैसे मेरी रूह में उतर गया हो कोई नगमा।
शायरी 27
क्या खूब जंचता है आँखों में सुरमा,
जैसे दिल में बसी हो कोई हसीन हसीना।
शायरी 28
पलकें झुका कर जब वो देखे,
तो सुरमा भी शर्मा कर छिप जाए।
शायरी 29
मोहब्बत का रंग है आँखों में सुरमा,
जो हर दिल को अपनी ओर खींचे।