Bikharna (बिखरना)
बिखरना (Bikharna): दिल की गहराइयों से
1. यादों का बिखरना
तेरी यादें हवाओं में जब भी बिखरना शुरू करती हैं,
मेरा दिल सहम जाता है, आंखें भीगना शुरू करती हैं।
2. ख्वाबों का टूट जाना
हमने जो देखे थे ख्वाब, पल भर में बिखरना सीख गए,
हकीकत की ठोकर से, हम फिर से जीना सीख गए।
3. रिश्तों का टूटना
कांच से नाजुक थे रिश्ते, कब कौन जाने बिखरना था,
संभाले हमने भी बहुत, पर तकदीर को तो कुछ और करना था।
4. रेत सा वजूद
रेत सा वजूद था मेरा, हवाओं के साथ बिखरना ही था,
क्या शिकायत करूं किसी से, मुझे तो मिटना ही था।
5. उम्मीदों का
छोटी सी चिंगारी थी उम्मीदों की, कब तक जलती रहती,
तेरी बेरुखी की हवा ने, उसको भी बिखरना सिखा दिया।
6. दिल का दर्द
ये दिल का दर्द भी अजीब है, कैसे इसे समेटें हम,
अश्कों की तरह पलकों से हर रोज़ इसे बिखरना है।
7. पत्ते
मौसम बदले, शाखों से पत्ते भी बिखरना सीख गए,
इंसानों से क्या गिला, वो तो अपने भी बदलना सीख गए।
8. तारों का
रात की चादर पर, तारे जब भी बिखरना शुरू करते हैं,
तेरी यादों के टुकड़े मेरे अश्कों में उतरना शुरू करते हैं।
9. खुशबू का फैलाव
फूलों की खुशबू को कब तक रोक पाएंगी दीवारें,
उसका तो फितरत है हर सू बिखरना, हरसू फैलना।
10. पहचान का
खुद को ढूंढा बहुत, पर कभी मिला ही नहीं पूरा,
लगता है मेरा वजूद भी, टुकड़ों में बिखरना ही चाहता था।
11. आंसू
अश्कों को कब तक आंखों में छुपा कर रखते,
दर्द जब हद से बढ़ जाए, तो उनका बिखरना जरूरी है।
12. शब्दों का मौन
खामोशी भी कभी-कभी बहुत कुछ कह जाती है,
जब शब्द होंठों से निकल कर, हवाओं में बिखरना सीख जाते हैं।
13. विश्वास
एक बार जो विश्वास टूटा, फिर कैसे जुड़ेगा,
कांच के टुकड़ों सा उसका हर कण, बस बिखरना चाहेगा।
14. जिंदगी की सच्चाई
जिंदगी की सच्चाई भी तो यही है मेरे दोस्त,
हर जोड़ को आखिर में एक दिन बिखरना ही है।
15. सुकून का
कभी-कभी ऐसा भी होता है, कि दिल को सुकून मिलता है,
जब सारे बोझ उतर जाएं और खुद को बिखरना अच्छा लगता है।
16. मिट्टी में मिलना
जैसे मिट्टी से बने हैं, मिट्टी में ही बिखरना है,
क्यों इतना घमंड करें, जब अंत में हमें मिटना ही है।
17. फूलों का
गुलाब की पंखुड़ियों सा नाज़ुक था मेरा दिल,
तेरी एक चोट से उसे पल भर में बिखरना था।
18. अंधेरे में
अंधेरों में रोशनी की उम्मीद कब तक रखें,
जब दीपक का तेल ही खत्म हो और लौ को बिखरना हो।
19. खुशियों का
छोटी-छोटी खुशियां भी आज मुझसे रूठ गईं,
मानो हर लम्हा सिर्फ बिखरना ही सीखा हो।
20. मन का शांत होना
मन जब शांत होता है, तब जाकर ही समझ आता है,
कितना जरूरी है कभी-कभी खुद को यूँ ही बिखरना।
21. परछाई का
रोशनी के जाते ही परछाई का भी काम खत्म हो जाता है,
अंधेरे में तो उसे भी, धुंधलके में बिखरना होता है।
22. तारों की चमक
तारों की चमक भी आखिर एक दिन खो जाती है,
सुबह की पहली किरण से, उनको भी बिखरना होता है।
23. भावनाओं का
जब भावनाएं अनियंत्रित होकर बहती हैं,
तो शब्दों में ढलकर उन्हें बिखरना ही होता है।
24. तूफान में
तूफान में तिनके सा वजूद है मेरा,
उसे तो हर झोंके के साथ बिखरना ही है।
25. खुद को जानना
कभी-कभी खुद को पूरा तोड़ना पड़ता है,
फिर से जुड़ने से पहले, थोड़ा बिखरना पड़ता है।