Aashiqui (आशिक़ी)

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ख़ूबसूरत लम्हे: आशिक़ी की दुनिया

नज़रें मिलती हैं जहाँ...

नज़रें मिलती हैं जहाँ, वहीं से शुरू होती है दास्ताँ,
दिल में जब उतर जाए कोई, तब पनपती है आशिक़ी की ज़ुबाँ।

तेरी यादों में खोया...

तेरी यादों में खोया रहता है मेरा हर पल, हर शाम,
यही तो है मेरी आशिक़ी का सबसे हसीं अंजाम।

दिल का ये अफसाना...

दिल का ये अफसाना, निगाहों की ये प्यास,
कुछ और नहीं बस तेरी आशिक़ी है मेरे पास।

इश्क़ की राहों में...

इश्क़ की राहों में हर कदम पर मिले तन्हाई,
फिर भी मेरी आशिक़ी ने कभी हिम्मत न हारी।

मौसम बदले, लोग बदले...

मौसम बदले, लोग बदले, बदल गई दुनिया सारी,
ना बदला मेरा प्यार, ना बदली मेरी आशिक़ी

तेरी एक झलक पाने को...

तेरी एक झलक पाने को तरसता है ये दिल हर पल,
यही तो है मेरी सच्ची आशिक़ी का सरल सा हल।

हर रात चांदनी सी...

हर रात चांदनी सी लगती है जब तुम साथ होते हो,
मेरी आशिक़ी का हर पल, तुम बिन अधूरा होता है।

तेरी बातों में खो जाना...

तेरी बातों में खो जाना, तेरी हंसी में डूब जाना,
यही तो है मेरी आशिक़ी का प्यारा सा बहाना।

दिल की गहराइयों में...

दिल की गहराइयों में बस तू ही बसा है,
मेरी हर साँस में तेरी आशिक़ी का नशा है।

तेरा इंतज़ार...

तेरा इंतज़ार करते करते कट जाए मेरी उम्र,
यही है मेरी आशिक़ी, यही है मेरा हर हुनर।

तेरी खुशी के खातिर...

तेरी खुशी के खातिर सब कुछ लुटा दूंगा मैं,
मेरी आशिक़ी का हर रंग सिर्फ तुझ पर ही वारूंगा मैं।

सुबह की पहली किरण...

सुबह की पहली किरण से लेकर रात की चांदनी तक,
मेरी आशिक़ी तेरे साथ चलती है हर पल हरदम तक।

तेरी बातों का जादू...

तेरी बातों का जादू, तेरी आँखों का खुमार,
मेरी आशिक़ी ने पाया है तुझमें ही सच्चा प्यार।

प्यार की गहराई को...

प्यार की गहराई को कैसे बताऊं मैं,
मेरी आशिक़ी की धुन में बस तुझे ही गाऊं मैं।

हर पल तेरी याद आती है...

हर पल तेरी याद आती है, हर साँस में तेरा नाम है,
मेरी आशिक़ी का यही तो सबसे हसीं मुकाम है।

दुनिया की हर खुशी...

दुनिया की हर खुशी तेरे कदमों में रख दूं मैं,
मेरी आशिक़ी की हर साँस तुझ पर कुर्बान कर दूं मैं।

इश्क़ की राह में...

इश्क़ की राह में कांटे हों या फूल,
मेरी आशिक़ी हर मुश्किल को करती है कबूल।

तेरी धड़कनें सुनता हूँ...

तेरी धड़कनें सुनता हूँ, तेरी साँसों में घुल जाता हूँ,
मेरी आशिक़ी में मैं कुछ ऐसे ही बहक जाता हूँ।

ये दिल बेकरार है...

ये दिल बेकरार है, ये आँखें उदास हैं,
तेरी आशिक़ी ही अब मेरी आखिरी आस है।

मेरी हर दुआ में...

मेरी हर दुआ में, मेरी हर इबादत में,
बस तू ही शामिल है, मेरी आशिक़ी की आदत में।

तेरे बिना जीना...

तेरे बिना जीना अब लगता है मुहाल,
मेरी आशिक़ी का ही तो है ये सारा कमाल।

दिल की गहराइयों में...

दिल की गहराइयों में बस तेरा ही राज है,
मेरी आशिक़ी का हर लम्हा तुझ पर ही मोहताज है।

तेरी चाहत में डूबा...

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