Khubsoorat (ख़ूबसूरत)
ख़ूबसूरत लम्हें: दिलकश शायरी का संग्रह
नज़र की ख़ूबसूरती
तेरी आँखों में एक दुनिया सिमट जाती है,
हर नज़ारा तेरी दीद से ही ख़ूबसूरत नज़र आती है।
हुस्न का जादू
सितारों सी चमक, चाँद सा नूर,
तेरे जैसा कहाँ कोई इतना ख़ूबसूरत, हुज़ूर।
सुबह की पहली किरण
सुबह की पहली किरण, जब छूकर गुज़रे दामन को,
कहती है कितना ख़ूबसूरत है यह जीवन को।
मौसम का असर
मौसम बदले, पर तेरी यादें नहीं बदलती,
तेरा हर अंदाज़ आज भी उतना ही ख़ूबसूरत जलती।
सादगी की पहचान
सादगी में भी एक अलग अदा है तेरी,
यही तो ख़ूबसूरत पहचान है, ए मेरी।
हर लफ्ज़ में तुम
मेरी हर ग़ज़ल, मेरी हर शायरी में तू ही है,
तू ही तो हर लफ्ज़ को करती ख़ूबसूरत है।
खामोशी का बयान
तेरी खामोशी भी कुछ कह जाती है, मुझ से,
यह चुप्पी भी कितनी ख़ूबसूरत है, हर लफ्ज़ से।
दिल की धड़कन
मेरे दिल की हर धड़कन में तेरा नाम बसा है,
तेरा एहसास ही तो सबसे ख़ूबसूरत नशा है।
चाँदनी रात
चाँदनी रात में तेरी याद जब आती है,
हर पल को वो और भी ख़ूबसूरत बनाती है।
इश्क़ की निशानी
इश्क़ की निशानी है तेरी हर बात में,
यही तो ख़ूबसूरत अहसास है इस कायनात में।
मुस्कान का जादू
तेरी एक मुस्कान से खिल जाता है दिल,
इससे ख़ूबसूरत और क्या हो सकता है, मेरे दिल।
रूह की गहराई
रूह की गहराईयों तक तू उतर गयी है,
तेरी हर बात मेरे लिए ख़ूबसूरत बन गयी है।
यादों का कारवाँ
तेरी यादों का कारवाँ चलता रहता है,
हर गुज़रा पल ख़ूबसूरत एहसास देता रहता है।
दिल का सुकून
जब से तेरी धड़कन में मेरी साँसें मिली हैं,
जीवन की हर राह ख़ूबसूरत लगने लगी है।
क़ुदरत का करिश्मा
क़ुदरत का हर करिश्मा भी फ़ीका लगे,
जब तेरी ख़ूबसूरत सूरत सामने आ खड़ी रहे।
हर सुबह तेरी
हर सुबह तेरी याद से ही शुरू होती है,
यही तो मेरे दिन को ख़ूबसूरत रंग देती है।
ख्वाबों का मंज़र
मेरे ख्वाबों का हर मंज़र ख़ूबसूरत है,
क्योंकि उसमें हर बार तेरी ही सूरत है।
जीने की वजह
तेरा साथ ही तो जीने की वजह है,
तेरा हर लमहा मेरे लिए ख़ूबसूरत सज़ा है।
रंगों का त्यौहार
जीवन के हर रंग में तू शामिल है,
तू है तो हर त्यौहार ख़ूबसूरत है।
अदाओं का सागर
तेरी हर अदा में एक गहरा सागर है,
ख़ूबसूरत है हर लहर, हर कश्ती, हर बंजर है।
हर पल की कहानी
मेरी ज़िंदगी की हर पल की कहानी में,
तेरा ज़िक्र सबसे ख़ूबसूरत रवानी में।
फूलों सी नाज़ुक
फूलों से भी ज़्यादा ख़ूबसूरत है तू,
तेरे आगे हर हसीन चीज़ फीकी है, हू-ब-हू।