Rangeen (रंगीन)
रंगीन (Rangeen) शायरी का अनमोल खजाना
शायरी 1
तेरी यादों का हर मंज़र बड़ा रंगीन है,
जैसे दिल में कोई खिलता नया गुलज़ार है।
शायरी 2
ज़िंदगी के हर पल को बना दें रंगीन,
जब साथ हो तेरा, हर लम्हा हसीन।
शायरी 3
ये दुनिया कितनी रंगीन लगती है,
जब आँखों में प्यार का सुरूर होता है।
शायरी 4
ख़्वाबों में अक्सर वो आती है,
बना देती है हर रात को रंगीन।
शायरी 5
होली के दिन तो सब कुछ है रंगीन,
पर तेरे बिना हर त्योहार है ग़मगीन।
शायरी 6
मेरे दिल की हर धड़कन में तुम हो शामिल,
तुम्हारे बिना हर पल है बे-रंगीन।
शायरी 7
मौसम बदले, पर तू ना बदलना कभी,
तेरे साथ ही मेरी दुनिया है रंगीन।
शायरी 8
फ़िज़ाओं में घुली है ये कैसी ख़ुशबू,
जो कर गई है हर लम्हे को रंगीन।
शायरी 9
सितारों भरी रात, चाँदनी है रंगीन,
तेरी बातों में खोकर, हर पल है संगीन।
शायरी 10
जबसे देखा है तेरी आँखों का नूर,
मेरी हर सुबह हुई है रंगीन और भरपूर।
शायरी 11
ये रंगीन शामें, ये बेताबियाँ,
तेरे प्यार में डूबी, मेरी कहानियाँ।
शायरी 12
ख़ामोशी भी अब तो बोलने लगी है,
जबसे मेरी दुनिया रंगीन होने लगी है।
शायरी 13
तेरे लबों की हंसी, फूलों सी रंगीन,
देख कर उसे, हर ग़म हो जाए ग़ायब।
शायरी 14
सपनों की दुनिया को कर दे रंगीन,
मेरी ज़िंदगी में आके, बन जा मेरा मीत।
शायरी 15
बारिश की बूंदें, मिट्टी की ख़ुशबू,
ये मौसम भी कितना है रंगीन, दिल को छू।