Chhavi (छви)
छवि (Chhavi) पर दिलकश शायरी संग्रह
शायरी 1
तेरी आँखों में बसी है जो हसीन छवि,
वही तो है मेरे जीने की हर एक वजह अभी।
शायरी 2
हर सुबह तेरी यादों से होती है शुरू,
दिल में बसी है तेरी प्यारी छवि हू-ब-हू।
शायरी 3
खयालों में आती है तेरी मनमोहक छवि,
जैसे चांदनी रात में खिलता कोई रवि।
शायरी 4
तेरी मुस्कुराहट की है क्या निराली छवि,
देखकर जिसे दिल बन जाए कोई कवि।
शायरी 5
हर पल नजरों में रहती है तेरी छवि,
तू ही तो है मेरी जिंदगी का सुख और दुख सभी।
शायरी 6
तेरी यादों की किरण से रोशन है हर रात,
दिल में समाई तेरी सुंदर छवि की बात।
शायरी 7
क्या कहूँ तेरी अदाओं की जादूगरी,
तेरी छवि से रोशन है हर गली।
शायरी 8
मेरे सपनों में भी आती है तेरी छवि,
जैसे कोई अनमोल रत्न हो कभी।
शायरी 9
तेरी हर अदा में बसी है अनोखी छवि,
देख कर जिसको थम जाए हर कवि।
शायरी 10
दिल के आईने में बसी है तेरी छवि,
हर पल, हर लम्हा, हर घड़ी।
शायरी 11
तेरी मासूमियत की छवि, करती है घायल,
लगता है जैसे दिल हो गया है तेरा कायल।
शायरी 12
इस दुनिया में हजारों चेहरे हैं पर,
तेरी छवि से प्यारा नहीं कोई दूसरा।
शायरी 13
जब भी देखता हूँ तुझे, दिल में उतर जाती है,
तेरी प्यारी सी, भोली सी छवि।
शायरी 14
तेरी यादों के सहारे कटती हैं रातें मेरी,
क्योंकि आँखों में है तेरी छवि गहरी।
शायरी 15
दिल के हर कोने में है तेरा ही वास,
तेरी सुंदर छवि का है मुझको आभास।
शायरी 16
सुबह-ओ-शाम बस तेरा ही ध्यान है,
तेरी मोहक छवि ही मेरी पहचान है।
शायरी 17
तेरी आँखों की गहराई में बसी है एक छवि,
जो बना देती है मेरे दिल को एक कवि।
शायरी 18
चाँद में भी देखी मैंने तेरी ही छवि,
तुझसा खूबसूरत नहीं कोई और कभी।
शायरी 19
मेरी हर खुशी में तेरी ही छवि का रंग है,
तेरे बिना मेरा जीवन भी तो बेरंग है।
शायari 20
तुमसे मिलकर ही पूर्ण हुआ है मेरा ख्वाब,
तेरी ही छवि से रोशन है मेरा आफ़ताब।
शायरी 21
तेरी छवि की चमक से महका है मेरा जहाँ,
हर पल महसूस करता हूँ तेरी खुशनुमा फिजां।
शायरी 22
दिल की गहराइयों में बसी है तेरी छवि खास,
हर साँस में बसता है तेरा ही एहसास।
शायरी 23
तेरी सादगी में भी है एक अलग छवि,
जैसे सुबह की पहली किरण, मन को भाती है सभी।