Seerat (सीरत)
सीरत की गहराइयाँ: दिल छू लेने वाली शायरी
आत्मा की सुंदरता, किरदार की पहचान
खुशबू बनकर महकती है जो, वो दिल की बात है,
असल खूबसूरती तो मेरे दोस्त, सीरत की सौगात है।
रंग-रूप तो ढल जाएगा, ये वक़्त की मार है,
जो सदा चमकती रहे, वो बस सीरत का निखार है।
आँखों में जो नूर दिखे, वो चेहरा कितना हसीन,
मगर दिल को भा जाए जो, वो तो सीरत की ज़मीन।
किरदार की बुलंदी ही, इंसान की पहचान है,
मिट जाती है सूरतें, बाकी तो बस सीरत की शान है।
दौलत-ओ-शोहरत तो फ़ानी है, ये सब एक खेल है,
इंसान को इंसान बनाती, उसकी सच्ची सीरत है।
दिल की पाक दामनी, रूह की गहराई,
यही तो है सच्ची सीरत की परछाई।
लफ़्ज़ों में नहीं मिलती, ये तो एहसासों की जुबां,
हर एक शख्स में अलग है, उसकी अपनी सीरत की दास्तां।
कहाँ तक भागेगा कोई, महज़ खूबसूरती के पीछे,
आख़िर में तो ठहराव है, सिर्फ सीरत के खींचे।
फितरत में हो अच्छाई, तो हर मंजर हसीन है,
सीरत अगर पाक हो, तो हर दिल की ज़मीन है।
चमकती है जो भीतर से, वो ही सच्ची रौशनी है,
बाहर का दिखावा झूठा है, असल तो सीरत हसीं है।
आए कितने भी तूफ़ान, जो टिक जाए वो चट्टान है,
इंसान की असली ताकत, उसकी नेक सीरत की पहचान है।
चेहरे पे नूर चाहे जितना हो, दिल अगर काला हो,
कोई नहीं पूछेगा, गर सीरत पे ताला हो।
जो सदा साथ दे तेरा, वो सूरत नहीं है यार,
अंतिम दम तक साथ निभाए, बस तेरी सीरत का प्यार।
मोहब्बतें कहाँ तक चलती हैं, दिखावे के संग,
सच्ची मुहब्बत तो है, सीरत का बहता रंग।
झूठे रिश्ते टूट जाते हैं, जैसे रेत की दीवार,
सच्ची सीरत से बना रिश्ता, रहता है हमेशा बरकरार।
जो ज़ुबान से भी मीठा हो, और दिल से भी साफ़,
उसकी सीरत ही है असल में, हर एक गुनाह की माफ़।
हर शख्स का किरदार, उसकी अपनी पहचान है,
और इस दुनिया में, सीरत ही तो सबसे महान है।
सूरत पे मर मिटने वाले, फिर पछताते हैं,
रूह को छू जाए जो, वो सीरत वाले भाते हैं।
नेक नियत और साफ़ दिल, यही तो है असली सिंगार,
सीरत जिसकी अच्छी हो, उसी से बढ़ता है प्यार।
दुनिया की ये रंगीनियां, कब तक रहेंगी साथ,
जो साथ दे आखिर तक, वो सिर्फ सीरत की बात।
जुबां पे मिठास, दिल में सच्चाई लिए जो चले,
उसकी सीरत की चमक, हर राह को रोशन करे।
चेहरे की रौनक तो पल भर की मोहताज है,
जो कभी न मिटे, वो सीरत का राज है।
आत्मा की सुंदरता को जिसने भी पहचाना,
उसने असल में, सीरत का मोल जाना।
हर बात में सच्चाई, हर कदम पे वफ़ा,
खुदा करे सबकी ऐसी ही हो सीरत-ए-अदा।
ऊँचे ख्वाबों को पूरा करने से भी बढ़कर,
दिल में अच्छी सीरत रखना, है सबसे मुकम्मल।
बुरे वक़्त में जो साथ दे, वही अपना है यार,
सीरत से जो दिल जीते, उसका ही है सच्चा प्यार।
ज़िंदगी के सफ़र में, साथी बहुत मिलेंगे,
लेकिन अच्छी सीरत वाले, बिरले ही मिलेंगे।
कड़वे वचन से भी, मीठा होता व्यवहार,
अगर तेरी सीरत में हो, नेकी का सार।
न कर इतरा सूरत पे, ये तो है फ़ानी,
सीरत की दौलत ही, है असल कहानी।
आसमान से भी ऊँचा, वो इंसान का मकाम है,
जिसकी सीरत में झलके, खुदा का सलाम है।