Kangan (कंगन)
कंगन पर शायरी: एक मधुर संग्रह
1. खनखन की आवाज़
तेरे हाथों में सजे, वो रंगीन कंगन,
हर खनखन में है, मेरी चाहत की धुन।
2. प्यार का प्रतीक
चूड़ियों से लिपटे, वो प्यार के कंगन,
हर अदा में तेरी, मेरा है समर्पण।
3. यादें
तेरी यादों का शोर, इन कंगन में है,
जो हर पल गूँजे, मेरी धड़कन में है।
4. सादगी की पहचान
सादा लिबास और हाथों में कंगन,
तेरी सादगी ने, लूटा मेरा मन।
5. इंतजार
कब सजेगी तेरे हाथों में मेरे नाम का कंगन,
इस इंतज़ार में बीत जाए ना ये जीवन।
6. सुहानी शाम
शाम ढले, तेरी कलाई में कंगन झनके,
हर धुन पर मेरा दिल बेकाबू होके मटके।
7. रूप की शोभा
तेरे रूप की शोभा बढ़ाते हैं ये कंगन,
जैसे चाँदनी में तारों का हो आंगन।
8. दिल का हाल
तेरी हर हरकत में, बजते हैं कंगन,
जैसे सुनाते हो, मेरे दिल का हर स्पंदन।
9. प्रेम का बंधन
प्रेम के बंधन में बंधे, ये रेशमी कंगन,
न टूटे कभी, ये प्यार का पावन सावन।
10. चाँद की चमक
चाँद की चमक, सितारों का रूप,
तेरे कंगन में है, हर खूबसूरत अनूप।
11. मधुमय स्वर
जब तुम हँसती हो, बजते हैं कंगन,
जैसे कोई मधुर गीत हो, मोह ले मेरा मन।
12. रेशमी स्पर्श
तेरी कलाई का वो रेशमी स्पर्श,
और उन पर सजे, चमकीले कंगन।
13. हर धड़कन में
मेरी हर धड़कन में, तेरा नाम है,
और तेरे कंगन में, मेरा पैगाम है।
14. सुनहरी ख्वाब
सुनहरी ख्वाबों में, तेरे कंगन चमकते हैं,
नींद में भी मेरे होंठ, तेरा ही नाम बकते हैं।
15. खुशियों की सौगात
खुशियों की सौगात, ये तेरे कंगन हैं,
जीवन में लाए, खुशियों के हर पल।
16. पायल की धुन
जैसे पायल की धुन, वैसे ही कंगन की खनक,
दोनों मिलकर करते हैं, हर पल मन को अनक।
17. मन की बात
बिन कहे कह जाते हैं, ये तेरे कंगन,
मेरे दिल की हर बात, मेरे दिल का हर स्पंदन।
18. इठलाती कलाई
इठलाती कलाई पे, सजे हैं कंगन,
देख के मन ये मेरा, हो गया मगन।
19. रंगीन दुनिया
तेरे कंगन की खनक से, ये दुनिया रंगीन लगे,
बिन तेरे सारे रंग, बेरंग से जगते हैं।
20. हर अदा पर जान
तेरी हर अदा पर, हम जान लुटाते हैं,
इन कंगन की खनक पे, फ़िदा हो जाते हैं।
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