Jhumka (झुमका)
झुमका (Jhumka) - कानों की हर धड़कन, दिल की बात!
झुमका शायरी #1
जब तुम चलती हो राहों में, तो दिल मचलता है,
कानों में तुम्हारे, झुमका (Jhumka) यूँ ही झूलता है।
झुमका शायरी #2
तेरी हँसी से गुलज़ार हो जाए ये दुनिया सारी,
कानों में तेरा झुमका (Jhumka), करता है अपनी खुद्दारी।
झुमका शायरी #3
उसकी आँखों की चमक में, एक अजब सा जादू था,
और उसके कानों में, झुमका (Jhumka) बहुत ही साधु था।
झुमका शायरी #4
चाँदनी रात में जब वो छत पर आती है,
उसके झुमके (Jhumka) की खनक, दिल में उतर जाती है।
झुमका शायरी #5
हर अदा में एक नज़ाकत, हर बात में गहराई,
तेरे झुमके (Jhumka) की अदाओं ने, मेरी नींदें चुराई।
झुमका शायरी #6
तेरे कानों में थिरकता, वो रेशमी सा झुमका (Jhumka),
मेरी हर साँस में बसी है, तेरी एक प्यारी झलक का।
झुमका शायरी #7
उसे देखा तो दिल ने कहा, बस यही मेरा ठिकाना है,
उसके कानों में जो झुमका (Jhumka), वो मेरा दीवाना है।
झुमका शायरी #8
तेरी पायल की छन छन, और झुमके (Jhumka) की खनक,
मेरे शहर में अक्सर, करती है दिलों को सनक।
झुमका शायरी #9
वो शर्मीली निगाहें, और वो कानों का झुमका (Jhumka),
हर धड़कन में मेरी, बस तेरा ही तो ज़िक्र है।
झुमका शायरी #10
तेरी सादगी पर भी है जान निसार मेरी,
लेकिन उस झुमके (Jhumka) पर, नज़रें हैं हजार मेरी।
झुमका शायरी #11
हवा चली तो बिखरे बाल, और झुमका (Jhumka) झूल गया,
एक पल को लगा, सारा ज़माना भूल गया।