Bindiya (बिंदिया)
बिंदिया: माथे का चाँद, सौंदर्य का अनुपम साज
शायरी 1
माथे पर सजी तेरी, क्या खूब लगती है,
तेरी यह बिंदिया (बिंदिया), चाँद सी चमकती है।
शायरी 2
एक छोटा सा नन्हा तारा, माथे पे जगमगाए,
तेरी काली बिंदिया (बिंदिया), हर दिल को भाए।
शायरी 3
लाल रंग की बिंदिया (बिंदिया), तेरी अदा निराली है,
लगता है जैसे चाँद ने अपनी जगह बदली है।
शायरी 4
तेरी बिंदिया (बिंदिया) की रोशनी, दिल में समा गई,
जैसे अँधेरी रात में कोई लौ जल गई।
शायरी 5
सादगी में भी छुपा, एक अनोखा जादू है,
तेरी माथे की बिंदिया (बिंदिया), हर अदा पर काबू है।
शायरी 6
जब तुम लगाती हो बिंदिया (बिंदिया), तो दिल मचलता है,
तेरा हुस्न और भी ज़्यादा निखरता है।
शायरी 7
चाँद भी शरमाए, सूरज भी मंद पड़े,
जब तेरी बिंदिया (बिंदिया) की चमक से नज़ारे लड़ें।
शायरी 8
काजल की लकीर, और उस पर बिंदिया (बिंदिया) का नूर,
तेरी हर अदा में है, कैसा ये गुरूर।
शायरी 9
मोहब्बत का रंग, जैसे तेरी बिंदिया (बिंदिया) का लाल,
हर धड़कन में बजता है, तेरी चाहत का सुर-ताल।
शायरी 10
जब भी देखता हूँ तुझे, दिल थाम लेता हूँ,
तेरी माथे की बिंदिया (बिंदिया) पर, नज़रें झुका लेता हूँ।
शायरी 11
चाहे सादा लिबास हो, या हो कोई शबाब,
तेरी बिंदिया (बिंदिया) से ही बनता है, तेरा हर ख्वाब।
शायरी 12
हर रंग में सजी है तू, हर रूप में है कमाल,
तेरी बिंदिया (बिंदिया) से ही है, हर खुशी का जमाल।
शायरी 13
पलकों के नीचे, आँखों में है एक नूर,
माथे पर बिंदिया (बिंदिया), करती है दिलों को मजबूर।
शायari 14
रेशमी ज़ुल्फ़ों के बीच, जैसे कोई फूल खिले,
तेरी बिंदिया (बिंदिया) देख कर, दिल के अरमान मिलें।
शायरी 15
एक छोटा सा गोला, पर है जादू भरा,
तेरी बिंदिया (बिंदिया) ने हर एक को है अपना किया।
शायरी 16
कभी लाल, कभी हरी, कभी नीली सजे,
तेरी हर बिंदिया (बिंदिया) से, हुस्न के रंग उभरें।
शायरी 17
ना झुमका, ना पायल, ना कंगन की खनक,
बस तेरी बिंदिया (बिंदिया) से ही, दिल में उठती है चमक।
शायरी 18
एक सादी सी लड़की भी, लगती है महारानी,
जब माथे पर सजे, उसकी बिंदिया (बिंदिया) सुहानी।
शायरी 19
खामोश निगाहों में, छुपा है एक एहसास,
तेरी बिंदिया (बिंदिया) करती है, हर बात को खास।
शायरी 20
गहरे काले बालों में, जैसे चाँद की किरण,
तेरी बिंदिया (बिंदिया) से मिलती है, हर आशिकी को जीवन।
शायरी 21
नज़रें जब भी मिलें, एक जादू सा हो जाए,
जब तेरी बिंदिया (बिंदिया) से, मेरा दिल टकरा जाए।