Raana (राना)
राना: दिलकश शायरी का अनमोल संग्रह
राना की पहली बात
हर लफ़्ज़ में छुपा है, एक राज़ गहरा, मेरे दिल में बसता, बस नाम राना तेरा।
राना का अंदाज़
उसकी आँखों में थी, वो बात निराली, हर अदा में झलकती, राना की खुद्दारी।
यादों में राना
जो गुज़रे पल थे, वो अब याद आते हैं, हर साँस में हम, राना को ही पाते हैं।
दिल की धड़कन
सुबह-ओ-शाम मेरी, तेरी ही बातें हैं, मेरे दिल की हर धड़कन में, राना की आहटें हैं।
राना की महक
ख़ुशबू की तरह वो, मेरी साँसों में बसी है, मेरे हर ख़याल में, राना की सरगोशी है।
राना का इंतज़ार
शब-ओ-रोज़ रहता है, तेरा ही इंतेज़ार, कब आएगा वो पल, जब मिलेंगे हम और राना यार।
राना की पहचान
मेरे शहर में उसकी, अपनी ही पहचान है, हर गली कूचे में, राना का ही नाम है।
राना का साथ
मुश्किलों में भी, वो साथ निभा जाता है, मेरा सच्चा साथी, मेरा राना कहलाता है।
ख्वाबों का राना
रात के हर पहर में, वो ख्वाबों में आता है, मेरे दिल को सिर्फ, राना ही भाता है।
राना की अदा
उसकी हर अदा में, एक जादू सा छुपा है, वो मेरा राना है, जो दिल में बसा है।
राना का नाम
ज़िंदगी की हर खुशी, उसके नाम से जुड़ी है, मेरी हर दुआ में, राना की ही कड़ी है।
राना की मुस्कान
उसकी एक मुस्कान, मेरा दिल जीत लेती है, हर गम को वो, राना मिटा देती है।
राना की जुस्तजू
इस जहाँ में मुझे, बस उसकी ही जुस्तजू है, मेरी हर आरज़ू में, राना तू ही तू है।
राना का असर
उसके आने से, मौसम बदल जाते हैं, हर शाम को हम, राना में ढल जाते हैं।
राना की तस्वीर
आँखों में उसकी, एक तस्वीर सी बसी है, मेरी हर कहानी में, राना की ही रसी है।
राना की पुकार
जब भी पुकारा है, दिल से उसका नाम, हर मुश्किल में पाया है, राना का पैगाम।
राना का जूनून
ये इश्क़ नहीं, ये मेरा जूनून है, हर लम्हे में राना, सुकून ही सुकून है।
राना की खुमारी
तेरी यादों की खुमारी, हर पल मुझ पर छाई है, ऐ मेरे राना, तूने ये कैसी प्रीत लगाई है।
राना का नूर
जिस ओर नज़र जाए, उसका ही नूर है, ज़िंदगी मेरी, राना के बिन अधूरी है।
राना की दुआ
हर नमाज़ में मेरी, उसकी ही दुआ है, मेरा हर पल, राना के संग जिया है।
राना का ऐहसास
बिन उसके हर लम्हा, खाली सा लगता है, उसके होने का, राना का ऐहसास बहुत है।
राना की कहानी
लिखी है मैंने, हर दास्तान में उसे, मेरी हर कहानी, राना से शुरू हुई है।
राना का वजूद
मेरे वजूद में, वो ऐसे समाया है, कि हर साँस में, राना ही पाया है।
राना की पनाह
तू ही मेरी मंज़िल, तू ही मेरी राह, हर कदम पर मिलती, राना की पनाह।
राना का दिल
उसका दिल भी, मोम सा पिघल जाता है, जब मेरा राना, मुझसे रूठ जाता है।
राना का असर
मेरी हँसी में भी, उसका ही असर है, मेरे हर आँसू में, राना की ख़बर है।
राना की फितरत
फितरत में उसकी, ऐसी सादगी है, के हर दिल को लुभा ले, मेरा राना कहीं भी है।
राना का वादा
उसने किया है
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