Kamseen (कमसिन)
कमसिन (Kamseen) पर दिलकश शायरी
नज़ाकत और अदा
तेरी चाल में वो नज़ाकत, वो अदा है,
क्या बताऊँ, कितनी कमसिन (कमसिन) तू बला है।
फूलों सी नाज़ुक
फूलों सी नाज़ुक, चाँद सी हसीं,
ऐ मेरी कमसिन (कमसिन), तू है दिलनशीं।
सादगी की दिलकशी
तेरी हर अदा में एक सादगी है,
ये कमसिन (कमसिन) जवानी, बड़ी दिलकशी है।
परी कहाँ तक जाएगी
अभी तो निकली हो ज़ाहिद दुनिया में,
ऐ कमसिन (कमसिन) परी, कहाँ तक जाएगी।
नज़र का जादू
नज़र मिलते ही दिल मेरा खो गया,
उसकी कमसिन (कमसिन) अदाओं का मैं हो गया।
हुस्न का परदा
शर्म और हया का ये कैसा परदा,
कमसिन (कमसिन) दिलबर का ये हुस्न है बड़ा।
गहरा समंदर
उसकी आँखों में है गहरा समंदर,
कमसिन (कमसिन) सूरत, जैसे कोई सिंकदर।
जवानी की हनक
जब वो चलती है तो ज़मीन हिलती है,
कमसिन (कमसिन) जवानी हर दिल को मिलती है।
सुबह-ए-बहार
सुबह-ए-बहार की पहली किरण सी,
तेरी सूरत है कमसिन (कमसिन), बिलकुल दुल्हन सी।
शरारत भरी मुस्कान
होंठों पे मुस्कान, आँखों में शरारत,
ऐ कमसिन (कमसिन) हसीना, तेरी हर अदा है क़यामत।
नूर और ज़ुल्फ़ें
ज़ुल्फ़ें बिखरीं, चेहरे पे नूर है,
कमसिन (कमसिन) हसीना, तू बड़ी मशहूर है।
दिल पे क़ब्ज़ा
दिल पे क़ब्ज़ा कर ले ऐसी तू है,
कमसिन (कमसिन) जवानी, हर ग़म से परे तू है।
चाँद भी शर्माए
ये चाँद भी शर्माए, सूरज भी छुप जाए,
जब मेरी कमसिन (कमसिन) महबूब सामने आए।
दीवाना कर दिया
तेरी सादगी ने हमें दीवाना कर दिया,
इस कमसिन (कमसिन) अदा ने, दिल को निशाना कर दिया।
हर नज़र में
हर नज़र में तेरी एक अलग है बात,
क्या बात है तेरी, ऐ कमसिन (कमसिन) कायनात।
जादू है छुपा
अदाओं में तेरी वो जादू है छुपा,
ऐ कमसिन (कमसिन) दिलरुबा, तू ही मेरी ख़ुदा।
हुस्न का सफ़र
अभी तो शुरू हुआ है ये हुस्न का सफ़र,
तेरी कमसिन (कमसिन) जवानी, डाल दे हर नज़र।
पहली मोहब्बत
वो पहली मोहब्बत की यादों में रहती है,
मेरी कमसिन (कमसिन) दिलबर, हर साँस में बहती है।
ख्वाबों की रानी
ख्वाबों की रानी, हक़ीक़त की परी,
तू है कमसिन (कमसिन), सबसे हसीं और खरी।
रूप का कहना
तेरे रूप का क्या कहना, हर बात निराली,
ऐ कमसिन (कमसिन) हसीना, तू है सबसे प्यारी।
दिल बेक़रार
जब से देखा है तुझे, दिल बेक़रार है,
इस कमसिन (कमसिन) सूरत पे, जान भी निसार है
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