Suroor (सुरूर)
सुरूर-ए-इश्क: दिल की हर धड़कन में
तेरी आँखों का क्या कहूँ, ये कैसा कमाल है,
हर नज़र में छुपा एक प्यारा सा सुरूर है।
हर साँस में बसा है तेरा ही ख्याल,
तेरी मोहब्बत का है ये दिलकश सुरूर।
शाम ढले जब याद तेरी आती है,
रूह में घुल जाता है एक मीठा सुरूर।
महफ़िल में तेरी जब कदम रखते हैं हम,
हर तरफ छा जाता है एक नया सुरूर।
ज़िंदगी का हर लम्हा खूबसूरत है,
जब से मिला है तेरा प्यार का सुरूर।
चाँदनी रात में तेरी बातें,
दिल को देती हैं एक अजीब सुरूर।
मौसम बदले या बदले जमाने,
कम न होगा ये तेरा इश्क़ का सुरूर।
लबों पर तबस्सुम, आँखों में हया,
तेरी हर अदा में है एक गहरा सुरूर।
जब से तेरी नज़र से पी ली है मैंने,
तब से हर बात में है सिर्फ सुरूर।
फूलों सी खुशबू, हवाओं सा जादू,
तेरे होने से आता है हर शय में सुरूर।
दिल की गहराइयों में, रूह के सुकून में,
हर पल मौजूद है तेरा इश्क़ का सुरूर।
जुल्फों की घटा में, निगाहों की मस्ती में,
हर ओर फैला है हुस्न का तेरा सुरूर।
सुबह की पहली किरण, रात की चाँदनी,
तेरे साथ हर पल है एक प्यारा सुरूर।
बिन पिए ही हम तो मदहोश हो गए,
बस तेरी बातों का है ये कैसा सुरूर।
हर खुशी में शामिल, हर गम में राहत,
तेरी यादों में बसा है अनमोल सुरूर।
खुदा करे ये नशे का आलम यूँ ही रहे,
कम न हो कभी ये तेरा इश्क़ का सुरूर।
पलकों में तेरी, सपनों में मेरी,
बसता है एक हसीन सा सुरूर।
हर फूल में तेरी खुशबू का असर है,
हर कली में छुपा है तेरा सुरूर।
होश में भी हम मदहोश रहते हैं,
कुछ ऐसा ही है तेरा प्यार का सुरूर।
तेरी यादें समंदर सी गहरी,
और उनमें डूबा ये दिल का सुरूर।
हर सुबह की लाली, हर शाम की कालिमा,
तेरे नाम से आती है उनमें एक सुरूर।
तेरी बातें हैं जैसे मीठा जाम,
जिन्हें सुनकर आता है रूह को सुरूर।
गुलशन में रंगीन फूल खिलते हैं,
जैसे तेरी अदाओं में है प्यारा सुरूर।
हर धुन में, हर नग़मे में,
तेरी मोहब्बत का है ये गहरा सुरूर।
दुनिया की फिक्र से आज़ाद हैं हम,
जब से दिल में बसा है तेरा सुरूर।
अल्फाज़ कम पड़ जाते हैं बयान करने को,
जो तेरी मौजूदगी में मिलता है सुरूर।
दिल की हर धड़कन में बस तू ही बसी है,
और इस एहसास में ही है सच्चा सुरूर।
तेरी यादों का साया, तेरी बातों का नशा,
हर शाम लाता है मुझमें एक अनूठा सुरूर।
दुनिया की रौनकें भी फीकी लगती हैं,
जब तेरी आँखों में मिलता है वो सुरूर।
गमों से भरी ज़िंदगी में भी ये जादू है,
तेरा नाम सुनते ही आता है दिल में सुरूर।
तेरी हर बात में, हर अंदाज़ में,
मुझे मिलता है एक बेपनाह सुरूर।
समंदर की लहरों सा मदहोश करने वाला,
तेरी मोहब्बत का ये गहरा सुरूर।
हर तारा तेरी रोशनी से रोशन है,
ये कायनात भी पीती है तेरा सुरूर।
खुशी हो या गम, हर एहसास में,
तेरा वजूद देता है एक अनमोल सुरूर।
तेरी जुल्फों की छाँव में, तेरी मुस्कुराहट में,
हर पल बिखरा है एक प्यारा सुरूर।
इबादत हो या इनायत, हर सजदे में,
तेरी मोहब्बत का है ये पाक सुरूर।
जब भी तन्हाई में तुझे याद करता हूँ,
छा जाता है एक अद्भुत सुरूर।