Manbhavan (मनभावन)
मनभावन (Manbhavan) शायरी का अनुपम संग्रह
यहाँ प्रस्तुत है 'मनभावन' शब्द पर आधारित कुछ ख़ूबसूरत और दिल को छू लेने वाली शायरियाँ। यह संग्रह आपके मन को प्रसन्नता और शांति से भर देगा।
शायरी 1: प्रकृति का जादू
सुबह की पहली किरणें, ओस में नहाई हर कली,
यह नज़ारा कितना मनभावन, दिल को छू जाए हर गली।
शायरी 2: मधुर स्मृति
तेरी बातों का जादू, तेरी मुस्कान का असर,
हर लम्हा बन जाता है मनभावन, ना कोई फिक्र ना डर।
शायरी 3: प्रेम की गहराई
जब से तेरी चाहत, मेरे दिल में समाई है,
हर राह, हर मंज़र, कितना मनभावन दिखाई है।
शायरी 4: शांत मन
शांत मन की लहरें, जीवन की धारा में,
हर पल को बनाती हैं मनभावन, खुशियों की बहार में।
शायरी 5: खुशियों का रंग
जब खुशियाँ बरसती हैं, हर ओर छा जाता है रंग,
तब जीवन का हर पल होता है मनभावन, बड़ा उमंग।
शायरी 6: बचपन की यादें
बचपन की वो गलियाँ, वो खेल, वो यारों का साथ,
आज भी याद आते हैं कितने मनभावन, पकड़े हुए हाथ।
शायरी 7: सावन की घटा
सावन की घटाएँ जब बरसती हैं रिमझिम,
हर बूंद संग लाती है एक मनभावन नज़्म।
शायरी 8: चाँदनी रात
चाँदनी रात में तारों की महफ़िल,
कितना मनभावन है यह हसीन मंज़िल।
शायरी 9: दोस्ती का रंग
दोस्तों की महफ़िल, हँसी ठिठोली का आलम,
हर पल बन जाता है मनभावन, खुशियों का मरहम।
शायरी 10: सुबह का फूल
जैसे सुबह का फूल, अपनी खुशबू बिखेरे,
वैसे ही जीवन का हर पल, हो मनभावन मेरे।
शायरी 11: आँखों का नूर
तेरी आँखों का नूर, दिल को भा जाए ऐसे,
हर पल बन जाए मेरा मनभावन, जैसे कोई सपना बसे।
शायरी 12: संगीत की धुन