Ghazala (ग़ज़ाला)
अल्फाज़-ए-हुस्न: ग़ज़ाला की रुहानी शायरी
नज़्म-ए-शब
उसकी चाल में वो जादू था, जैसे कोई ग़ज़ाला,
दिल मेरा बहक उठा, खो बैठा हर किनारा.
आशिक़ाना अंदाज़
नज़र मिली तो जैसे ठहर गया ज़माना,
मेरी आँखों में बस गई, वो मेरी ग़ज़ाला.
तेरी अदा
हर अदा पर तेरी हम दिल लुटाए बैठे हैं,
तू है मेरी ग़ज़ाला, ये ज़माना कहता है.
वीरानियाँ
जहाँ तू नहीं, वो जगह वीरान लगती है,
मेरी रूह की राहबर है तू, मेरी ग़ज़ाला.
दिल की धड़कन
तेरी यादों से ही दिल की धड़कन है, सुनो,
तुम ही मेरी ख़्वाबों की हो रानी, मेरी ग़ज़ाला.
चाँदनी रात
चाँदनी रात में तेरी यादें जब आती हैं,
दिल कहता है, कहाँ है तू, मेरी ग़ज़ाला.
महकी फिज़ा
फूलों सी महकी है तेरी हर एक अदा,
मेरी ज़िंदगी की रौशनी है तू, मेरी ग़ज़ाला.
अंदाज़-ए-बयाँ
कभी लबों पे हँसी, कभी आँखों में नमी,
हर अंदाज़ तेरा क़ातिल है, मेरी ग़ज़ाला.
खामोशी
खामोशी में भी तेरी बातें सुनाई देती हैं,
मेरे हर ख़्वाब की ताबीर है तू, मेरी ग़ज़ाला.
रूह का सुकून
मेरी रूह को सुकून बस तेरे दीदार से है,
ऐ मेरी जान-ए-मन, मेरी प्यारी ग़ज़ाला.
शाम-ए-फ़िराक़
शाम-ए-फ़िराक़ में तेरा तसव्वुर सताता है,
कब आओगी तुम मेरे पास, मेरी ग़ज़ाला.
फ़ुर्क़त का आलम
फ़ुर्क़त के आलम में दिल ये पुकारता है,
लौट आओ जल्दी से, मेरी ग़ज़ाला.
इश्क़ की रौशनी
मेरे इश्क़ की रौशनी है तेरी हर मुस्कान,
तुम ही मेरी दुनिया हो, मेरी ग़ज़ाला.
नूर-ए-नज़र
तेरी आँखों का काजल, जैसे नूर-ए-नज़र,
हर पल मुझे तेरा इंतज़ार, मेरी ग़ज़ाला.
महबूब-ए-जाँ
मेरे दिल की हर धड़कन में बस तू है समाई,
तू ही मेरी महबूब-ए-जाँ, मेरी ग़ज़ाला.
मौसम-ए-बहार
जिस दिन से तू मिली है, मौसम-ए-बहार है,
जीवन में खुशियाँ लाई है तू, मेरी ग़ज़ाला.
ख़ुशबू-ए-वफ़ा
तेरी वफ़ा की ख़ुशबू मेरे साँसों में घुली है,
मेरे हर ख़्वाब की हकीक़त है तू, मेरी ग़ज़ाला.
लबों पे तेरा नाम
मेरे लबों पे हर पल तेरा ही नाम रहता है,
तू ही मेरी इबादत है, मेरी ग़ज़ाला.
तेरी यादों का असर
तेरी यादों का असर कुछ यूँ मेरे दिल पर छाया है,
हर नज़्म में बस तेरा ही ज़िक्र, मेरी ग़ज़ाला.
दीवानगी
मेरे इश्क़ की दीवानगी इस क़दर बढ़ी है,
कि हर तरफ बस तू ही है, मेरी ग़ज़ाला.
परछाई
हर कदम पर तू मेरी परछाई सी साथ चलती है,
ज़िंदगी की हर खुशी है तू, मेरी ग़ज़ाला.
आफ़ताब
तू मेरे जीवन का आफ़ताब, मेरा हर सवेरा,
बिन तेरे अँधेरा है, मेरी ग़ज़ाला.
दिल का करार
दिल का करार, आँखों की ठंडक, जान की जान,
हर साँस में बसती है तू, मेरी ग़ज़ाला.