Sapna (सपना)
ख्वाबों की दुनिया: सपना (Sapna) शायरी पहला ख़्वाब आँखों में सजाया था, एक प्यारा सा सपना , टूट गया वो पल में, जब जगा मैं अपना। अधूरी कहानी रात की गहराइयों में, एक सपना आया था, सुबह होते ही वो, अधूरा रह गया था। तेरा इंतज़ार हर रात तेरी यादों का, एक सपना आता है, जिसे पूरा करने की, चाहत बढ़ जाती है। टूटा तारा जैसे टूटता तारा, वैसे मेरा सपना टूट गया, चाँद की रोशनी में, वो कहीं खो गया। हकीकत की तलाश कब तक जी...