दूरी पर दिलकश शायरी संग्रह
(Exploring the Essence of Distance)
शायरी 1
तेरी यादों में हम खोए रहते हैं,
चाहे कितनी भी हो ये दूरी।
शायरी 2
नज़रों से भले ही तुम दूर हो,
पर दिल में कहाँ कोई दूरी है।
शायरी 3
फासले बढ़ते गए, रिश्ते टूट गए,
कम न हुई पर दिल की ये दूरी।
शायरी 4
इश्क़ में दूरी भी एक इम्तेहान है,
जो निभा गया, वही सच्चा इंसान है।
शायरी 5
कब तक रहेगी ये दूरी बताना,
क्या कभी होगा हमारा मिलन?
शायरी 6
माना कि दूरी है दरमियाँ बहुत,
पर यादों का सफ़र कहाँ रुकता है।
शायरी 7
तेरी कमी खलती है हर पल मुझको,
ये दूरी अब सही नहीं जाती मुझसे।
शायरी 8
दिल की धड़कन में तुम हो शामिल,
फिर कैसी ये बेमानी दूरी है।
शायरी 9
ख़ामोशी से बढ़ रही है दूरी,
रिश्तों में कहीं दरार आ गई क्या?
शायरी 10
ये वक्त की साज़िश है या मजबूरी,
क्यूँ बढ़ रही है अपनों से दूरी?
शायरी 11
जितनी बढ़ाओगे दूरी हमसे,
उतना ही प्यार बढ़ता जाएगा।
शायरी 12
हर रात आँखों में इंतज़ार रहता है,
कब ख़त्म होगी ये लंबी दूरी।
शायरी 13
क्या खबर थी मोहब्बत ऐसे रंग लाएगी,
नज़दीकियाँ भी दूरी बन जाएगी।
शायरी 14
दूरी ही तो मोहब्बत की गहराई दिखाती है,
पास रहकर तो अक्सर कदर नहीं होती।
शायरी 15
हमारा प्यार इतना गहरा है कि,
कोई दूरी इसे कम नहीं कर सकती।
शायरी 16
हर कदम पर तेरी याद आती है,
ये दूरी मुझसे बर्दाश्त नहीं होती।
शायरी 17
अब तो आदत सी हो गई है तेरी,
भले ही कितनी भी हो दूरी।
शायरी 18
न चाहकर भी बढ़ा ली दूरी,
अब ज़िंदगी में कुछ नहीं ज़रूरी।
शायरी 19
जब तक सांस है, तब तक आस है,
मिटेगी एक दिन ये दूरी की प्यास है।
शायरी 20
ये दूरी ही तो बताती है कितना प्यार है,
हर पल तेरा इंतज़ार है।
शायरी 21
अजब है ये दुनिया, अजब ये लोग,
बढ़ाते हैं दूरी, देते हैं सिर्फ़ रोग।
शायरी 22
तेरी तस्वीर ही अब सहारा है,
जब से आई है ये दूरी।
शायरी 23
दूरी एक बहाना है, दिल तो तेरा ही है,
चाहे कहीं भी रहूँ, मैं तेरा हूँ।
शायरी 24
हमेशा महसूस करते हैं तेरी साँसों को,
दूरी मिटा नहीं सकती एहसास को।
शायरी 25
जब भी याद आती है तेरी, दिल जल उठता है,
ये कैसी अग्नि है जो दूरी से सुलगी है।
शायरी 26
दूरी ने सिखाया है हमें,
अपनों की कीमत और प्यार की कशिश।
शायरी 27
कागज़ पर लिखते हैं हर गम अपना,
दूरी ने दिया है हमको इतना सताना।