Gila (गिला)
गिला (Gila): शिकायतें, एहसास और दर्द शिकायत-ए-दिल कुछ ऐसा हुआ कि हमें उनसे अब कोई गिला नहीं रहा, वो बदल गए तो क्या हुआ, हमारा प्यार तो मरा नहीं रहा। बेवफाई का गिला आज भी है हमें तुमसे वही पुराना गिला , तुमने वादे किए थे बहुत, पर निभाना भूल गए। तकदीर से गिला क्यों मेरी तकदीर में सिर्फ तन्हाई है, ये कैसा गिला ? हर खुशी को मैंने छूकर भी, खो दिया हर शिला। वक़्त का गिला वक़्त का ये कैसा मोड़ है, मेरा तुमसे गिला नहीं, पर जो साथ चलना था हमें, वो पल अब मिलता नहीं। ख़ामोशी का गिला लबों पे है ख़ामोशी, मगर दिल में है एक गिला , तुमने समझा न...