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Hayaa (हया)

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हया की रंगीन दुनिया: शायरी का अनमोल खज़ाना नज़र में हया, दिल में पाकीज़गी लबों पे है मुस्कान और आँखों में गहरा पानी है, तेरी हया ही तो मेरी मोहब्बत की निशानी है। चेहरे पे आती है तेरे जब भी थोड़ी सी लाली, समझ लेता हूँ कि तुमने ओढ़ी है हया की चादर काली। इश्क़ में भी रहे एक अदब, एक पर्दा सा, यही तो सिखाती है हमें ये पाकीज़ा हया। नज़रें झुका के चलना भी एक अदा है तेरी, रूह को छू जाती है तेरी ये प्यारी सी हया मेरी। दामन को अपनी हया से यूँ सँवारो तुम, के देखने वाला भी कहे, क्या नायाब हो तुम। जब कोई देखे तुम्हें, तो तुम शर्...