Ashk (अश्क)
अश्क (Ashk): दर्द और एहसास की गहराइयाँ लबों पर तबस्सुम, मगर आँखों में नमी है, कहने को तो सब है, पर तेरी कमी है, और बहते हैं मेरे अश्क । हर रात तन्हाई में तारे गिनते रहे, ज़िंदगी की हकीकत से हम भी डरते रहे, और छलके अश्क । वो कहते थे, कभी जुदा न होंगे हम, आज उन्हीं की याद में बहते हैं अश्क बेगम। क्या खूब कहा था किसी ने, वक़्त बेवफ़ा होता है, हमने भी खोया है सब कुछ, और हर रात अश्क रोता है। तेरे जाने के बाद, दिल वीरान सा है, हर धड़कन में तेरा नाम है, आँखों में अश्क का सैलाब सा है। कौन कहता है कि सिर्फ़ दर्द में रोते हैं, खुशी के लम्हों में भी तो अश्क बहते हैं। रिश्तों की डोर बड़ी नाज़ुक होती है, ज़रा सी बात पर ही बिख...