Aankhein (आँखें)
आँखें: दिल की ज़ुबान तेरी आँखें समुंदर से गहरी, इनमें डूब जाने को दिल करता है। एक नज़र जो उठाई तुमने, सारी दुनिया ठहर गई इन आँखों में। तेरी आँखें नहीं, ये तो मेरे इश्क़ का आईना हैं। खामोश रहती हैं ये आँखें , पर दिल की हर बात कह जाती हैं। तेरी नशीली आँखें , हर रात ख्वाबों में आती हैं। इन आँखों की चमक में ही, मेरी दुनिया रौशन है। जब से देखा है तेरी आँखों को, कोई और नज़ारा भाता नहीं। तेरी आँखों में डूबकर जाना, मोहब्बत लफ्ज़ों से ज़्यादा है। कितनी मासूम हैं ये आँखें , पल भर में दिल जीत लेती हैं। तेरी आँखों का जादू, हर मुलाकात को खास बना देता है। ये आँखें जो कभी झुके नहीं, आज तेरे इंतज़ार में पलकें बिछाए बैठी हैं।