लबों की शायरी: खूबसूरत अहसास
मधुर और दिलकश लम्हे जो बयां करते हैं लबों का जादू
तुम्हारे लबों पे हंसी हो सदा, यही है दुआ मेरी,
चाहे कितनी भी हो दूरियां, पूरी हो हर खुशी तेरी।
जब भी देखता हूं मैं तेरे लबों को मुस्कुराते हुए,
भूल जाता हूं गम सारे, दिल झूम उठता है गाते हुए।
उनकी खामोशी भी कुछ कह जाती है, जब लब उनके हिलते हैं,
न जाने कितने राज़, उनकी नज़र में मिलते हैं।
तेरी लबों की लाली, जैसे शाम की सूरज की रोशनी,
देखूं तो लगे हर शाम, जैसे कोई नई कहानी।
उनके लबों से जो निकली बात, वो दिल में उतर गई,
सारी दुनिया की दौलत, उस पल में बिखर गई।
खामोश लबों की कहानी, कभी समझ न पाए हम,
कुछ अनकहे अल्फाज, बन गए दिल के गम।
क्या जादू है तेरे लबों में, जो हर बात मीठी लगती है,
तेरे लफ्जों की खुशबू, रूह में समाती है।
जब भी तेरे लबों पे आता है मेरा नाम,
लगता है जैसे पूरा हो गया मेरा हर काम।
तेरे लबों की तारीफ में क्या लिखूं, अल्फाज़ कम पड़ जाएंगे,
तेरी एक मुस्कान पे, हजारों दिल मर जाएंगे।
कुछ कहा नहीं, पर लबों पे हंसी सजा ली थी,
इशारों ही इशारों में, दिल की बात बता दी थी।
वो चुप रहे, उनके लबों पे कोई बात न थी,
मगर उनकी आंखें, हजारों दास्तां कह रही थी।
कैसे बताऊं तुम्हें, क्या असर है तेरे लबों का,
जो भी छू ले इन्हें, दीवाना हो जाए रब का।
तेरे लबों की ये ख़ामोशी, कभी-कभी चुभ जाती है,
कोई बात कह दो, ये धड़कन सहम जाती है।
बस एक बार तेरे लबों से निकले मेरा नाम,
तो समझूं पूरी हो गई हर सुबह और शाम।
तेरे लबों की नरमी, जैसे गुलाब की पत्ती हो,
जिसे छूते ही दिल में, एक अलग सी मस्ती हो।
इंतज़ार है उस दिन का, जब लबों पे तेरा नाम होगा,
मेरी हर सांस में, बस तेरा ही पैगाम होगा।
शराब की क्या ज़रूरत, जब तेरे लब इतने नशेले हैं,
इनमें खो जाएं तो, होश भी खो बैठेले हैं।
अदाएं तेरी कातिल, और लब तेरे शराब,
तेरी एक झलक से, मिट जाए हर अज़ाब।
तेरी लबों की ये मुस्कान, है दुनिया की सबसे हसीन चीज़,
देखूं तो लगे हर पल, जैसे कोई नई तफ्तीश।
जब भी तेरे लबों पे आती है कोई बात,
लगता है जैसे थम जाए हर रात।
लब उनके, जैसे दो पंखुड़ियां गुलाब की,
खुशबू से भर दें हर साँस मेरी, हर सुबह की।
तेरी लबों की खामोशी में भी, एक शोर है,
जो मेरे दिल को, तेरी तरफ खींचे और है।
काजल से भरी आँखों में, एक नमी सी है,
लबों पे तेरे मुस्कान, फिर भी एक कमी सी है।
क्या हसीन मंज़र है, जब लबों से बात निकलती है,
हर अल्फाज़ में, प्यार की खुशबू महकती है।
तेरे लबों पे वो तिल, जैसे कोई गहरा राज़ हो,
जिसे पढ़ने की चाहत में, मेरा दिल बेताब हो।
कैसे बयान करूं, तेरे लबों की वो शोखी,
जो हर पल मेरे दिल में, नई आग भड़की।
तेरे लबों से जो निकले, वो हर लफ्ज़ अनमोल है,
जैसे कोई मोती, जिसे दुनिया ढूंढती गोल है।
लबों को मेरे छू कर, तुमने कर दिया बेताब,
अब हर पल मांगू, तेरी मोहब्बत का हिसाब।
उनकी लबों की वो हंसी, जो दिल में बस जाए,
कोई और खुशी, फिर क्या भाए।
मेरे लबों पे हमेशा, तेरा ही नाम रहता है,
हर सांस में मेरी, बस तेरा ही प्यार बहता है।
ये लबों की बातें नहीं, दिल की गहराई है,
जिसे समझना चाहो तो, हर बात में सच्चाई है।
उनके लबों पे जो खिलती है मुस्कान,
बन जाती है वो मेरे जीवन की पहचान।
कभी लबों पे होती है खामोशी, कभी गीत,
तेरी यादों में रहते हैं, हम हर पल फना दिल के मीत।
वो लब जब खुलते हैं, तो फूल बरसते हैं,
उनकी बातों से, दिल के बाग़ महकते हैं।
ये लबों का जादू है, जो मुझ पे छा गया है,
तेरी मोहब्बत में, मेरा दिल बहक गया है।
जब से देखा है तेरे लबों को, मेरे होश उड़ गए,
लगता है जैसे मैं, सारी दुनिया से बिछड़ गए।
तेरी लबों की छुअन से, हर ज़ख्म भर जाए,
तेरी एक मुस्कान पे, ये दिल मर जाए।
लबों पे उनके हमेशा, एक बात अधूरी रहती है,
इंतज़ार में उनके, मेरी रात अधूरी रहती है।
दिल का सुकून है उनके लबों की हंसी,
जो देखे एक बार, वो हो जाए बेबस ही।
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