Parizaad (परीઝાદ)
परीज़़ाद (Parizaad) पर दिलकश शायरी नूरानी जलवों की दास्तान उसकी ज़ुल्फ़ों में खो जाए चाँदनी रातें, ऐसी है मेरे दिल की परीज़़ाद (परीझ़ाद) की बातें। नज़र भर देखने को तरसते हैं नज़ारे, वो मेरी दुनिया की है अनमोल परीज़़ाद (परीझ़ाद) । जब वो मुस्कुराती है, फ़िज़ा महक उठती है, लगता है जैसे उतर आई हो कोई परीज़़ाद (परीझ़ाद) । खुदा ने बनाया होगा बड़ी फुर्सत से उसे, हर अदा में है झलक उसकी, मेरी परीज़़ाद (परीझ़ाद) । सपनों में आती है, ख्यालों में रहती है, हर पल मेरे संग है मेरी परीज़़ाद (परीझ़ाद) की हस्ती। सितारों ...