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Saturday, June 13, 2026

Tabassum (तबस्सुम)

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तबस्सुम (Tabassum)

मुस्कुराहट के कुछ अनमोल लम्हे...

होठों पर जब खिंचती है तुम्हारी तबस्सुम,
सारा जहाँ लगता है रोशन, गुम हो जाते हैं हर गम।

वो हल्की सी तबस्सुम, दिल को छू जाती है,
हर उदासी, हर थकान पल भर में मिटा जाती है।

न जाने कितनी हिकायतें बयान करती है ये तबस्सुम,
खामोशी में भी दिल के राज़ खोल जाती है ये तबस्सुम

तेरी तबस्सुम है जैसे सुबह की पहली किरण,
आँखों में चमक, दिल में सुकून, हर पल है नयापन।

ज़िंदगी की उलझनों में एक पल का आराम है ये तबस्सुम,
हर दर्द को भुलाने का एक प्यारा सा पैगाम है ये तबस्सुम

क्या जादू है तेरी नज़रों में, क्या तेरी तबस्सुम में,
देखते ही दिल बहल जाता है, डूब जाते हैं सुकून में।

हर लफ्ज़ से बेहतर, हर खामोशी से गहरी,
तेरी तबस्सुम की अदा है सबसे निराली।

जब भी तेरी तबस्सुम मेरे सामने आती है,
हर काली रात भी चाँदनी बन जाती है।

तेरी तबस्सुम से महकती है फिज़ा, तेरी बातों से दिल,
तू है तो हर सुबह है सुहानी, हर शाम रंगीन।

खुदा ने क्या खूब नवाज़ा है तुझे इस तबस्सुम से,
जिसे देख कर हर दिल में खुशियों का रंग भर जाए।

गमों की भीड़ में तेरी तबस्सुम ही सहारा है,
हर मुश्किल को आसान बनाने का प्यारा नज़ारा है।

तेरी तबस्सुम से सजाई है मैंने अपनी दुनिया,
हर ख्वाब में तू ही तू, हर नज़र में तेरी अदा।

चाँद की चमक, सितारों की रौशनी फीकी पड़ जाए,
जब तेरी तबस्सुम से ये ज़माना जगमगा जाए।

तेरी तबस्सुम है जैसे फूलों की महक, बारिश की बूँद,
जो भी देखे, उसके दिल में छा जाए सुकून।

हर मुश्किल आसान हो जाती है, हर राह सीधी,
जब तेरी तबस्सुम की एक झलक मिल जाती है।

तेरी तबस्सुम के सिवा कुछ और नहीं चाहिए,
मेरी हर दुआ में बस तेरी खुशी शामिल है।

दिल की गहराइयों से निकलती है तेरी तबस्सुम,
जो मेरे हर ज़ख्म पर मलहम बन जाती है।

तेरी तबस्सुम की रोशनी से रौशन है हर सुबह मेरी,
तेरे बगैर तो हर शाम उदास लगती है तेरी।

ये हल्की सी तबस्सुम, ये प्यारी सी अदा,
तू ही तो है मेरी हर खुशी की वजह।

तेरी तबस्सुम में वो सुकून है जो कहीं नहीं मिलता,
तेरी अदाओं में वो नशा है जो हर दिल को भाता है।

फूलों से नाज़ुक, सितारों से हसीन,
तेरी तबस्सुम है मेरी हर खुशी की ज़मीन।

तेरी तबस्सुम की चाशनी में घुला है हर पल मेरा,
हर लम्हा है प्यारा, हर पल है सुनहरा।

क्या हसीन मंज़र होता है जब तू मुस्कुराती है,
तेरी तबस्सुम से कायनात भी इठलाती है।

तेरी तबस्सुम की हर अदा पे दिल कुर्बान है,
इस दिल की हर धड़कन में बस तेरा नाम है।

तेरी तबस्सुम को देख कर ही मैं जीता हूँ,
वरना इस बेरंग दुनिया में और क्या है जो मैं सीखता हूँ।

हर शाम को तेरे ख्यालों में तबस्सुम मिलती है,
तेरी यादों से ही मेरी रातें रंगीन होती हैं।

तेरी तबस्सुम ने सिखाई है मुझे जीने की अदा,
अब हर पल को मैं जीता हूँ, होकर तुझपे फिदा।

जन्नत से आई हुई कोई हूर लगती है,
तेरी तबस्सुम हर गम को दूर करती है।

तेरी तबस्सुम की मिठास से भरा है मेरा हर पल,
तेरे साथ हर दिन है खुशगवार, हर सुबह है उज्जवल।

वो होंठों की हल्की सी हरकत, वो आँखें नमकीन,
तेरी तबस्सुम है सबसे प्यारी, सबसे रंगीन।

हर दर्द की दवा, हर मर्ज का इलाज,
तेरी तबस्सुम है मेरा सबसे अनमोल ताज।

तेरी तबस्सुम से मिलती है मुझको नई उड़ान,
हर मुश्किल को पार करने का मिलता है अरमान।

चाहे कितनी भी हो दूरियाँ, चाहे कितने भी फासले,
तेरी तबस्सुम हमेशा मेरे दिल में मुस्कुराती रहे।

"मुस्कुराहट वो खूबसूरत गहना है, जो हर चेहरे पर सजता है।" ✨

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