Jameel (जमील)
ज़िंदगी के रंग और जमील लम्हे तेरी आँखों का नूर, तेरी बातों का वो असर, हर अदा है तेरी जमील , मुझ पर हुआ है यूँ असर। वो सुबह की किरणें, वो शबनमी रात, हर मंज़र लगता है जमील , जब हो तेरा साथ। खुदा ने तराशा है तुझको बड़ी फुरसत से, हर एक नक्श है तेरा जमील , क्या कहें तेरी खूबसूरती से। दिल की गहराइयों में, बसा है तेरा नाम, तेरा हर रूप है जमील , सुबह-ओ-शाम। बागों में फूलों सी महक है तेरी, अदा तेरी सबसे जमील , हर नज़र में तेरी। चाँद भी शर्मा जाए, सूरज भी थम जाए, जब तू सामने आए, हर शय लगे जमील । तेरी मुस्कान में छिपी है, दुनिया की हर खुशी, तेरा हर अंदाज़ है जमील , करती है तू हर दिलकशी। नज़र उठा के देखा तो, दुनिया बदल गई, ...