Bewafai (बेवफ़ाई)

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बेवफ़ाई (Bewafai) पर दिल छू लेने वाली शायरी

शायरी 1

तेरी यादों में खोकर, हम अक्सर खो जाते हैं,
कैसी थी ये बेवफ़ाई (बेवफ़ाई), जो तुम दे गए थे।

शायरी 2

इश्क़ में मिली चोट गहरी है इतनी,
दिल भूला न पाया तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) की कहानी।

शायरी 3

हर मोड़ पर धोखे दिए, हर कदम पर रुलाया,
तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने हमें जीना सिखाया।

शायरी 4

जो तुमने किया, वो कोई वफ़ा न थी,
बस थी तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई), जिसकी कोई दवा न थी।

शायरी 5

रिश्तों की डोर तुमने ऐसे तोड़ी,
कि हर जगह दिखी तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) की निशानी।

शायरी 6

कभी सोचा न था तुम ऐसे बदल जाओगे,
मेरी दुनिया में इतनी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ले आओगे।

शायरी 7

दिल को तोड़कर तुमने क्या पाया,
बस एक बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) का तोहफ़ा हमें थमाया।

शायरी 8

हम तो समझते रहे तुम हमारे हो,
पर तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने सब कुछ बिखेर दिया।

शायरी 9

वादे थे तुम्हारे झूठे, कसमें थी तुम्हारी फरेबी,
तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने हमें कर दिया तन्हा और ग़रीबी।

शायरी 10

जब तक ज़िंदा हैं, तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) न भूलेंगे,
तेरे दिए दर्द को कभी न कम तोलेंगे।

शायरी 11

मोहब्बत की राह में तुमने कांटे बिछाए,
तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने हमारे अरमान जलाए।

शायरी 12

सुना था इश्क़ में वफ़ा होती है,
पर तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने ये भ्रम तोड़ दिया।

शायरी 13

अब किसी पर भरोसा कैसे करें हम,
तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने हर रिश्ते से डरा दिया।

शायरी 14

वो कहते हैं भूल जाओ, पर कैसे भूलाऊं,
तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) की कहानी मैं किसे सुनाऊं।

शायरी 15

रात भर जागकर तारे गिनते रहे,
तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) का गम दिल में लिए फिरते रहे।

शायरी 16

हर खुशी तुमसे थी, हर गम तुमसे मिला,
तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने हमें आज फिर से रुला दिया।

शायरी 17

कभी सोचा था साथ होंगे हमसफ़र बनकर,
पर तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने सफ़र अधूरा छोड़ दिया।

शायरी 18

ज़ख़्म इतने गहरे दिए हैं तुमने,
कि तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) से उबरना मुश्किल है।

शायरी 19

ये कैसी मोहब्बत थी, ये कैसा था प्यार,
जिसमें सिर्फ़ मिली हमको तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) यार।

शायरी 20

मेरे दिल के हर कोने में तुम थे,
फिर क्यों तुम्हारी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) ने सब उजाड़ दिया।

शायरी 21

अब तो आइना भी हमसे पूछता है,
क्या थी उसकी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई), जो तुम्हें इतना सताती है।

शायरी 22

तेरी यादों का बोझ, तेरी बेवफ़ाई (बेवफ़ाई) का दर्द,
हमेशा रहेगा मेरे साथ, ये कैसा है फर्द।

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