Bewafa (बेवफ़ा)
दिल के ज़ख्म और यादें: बेवफ़ा (Bewafa) शायरी
दर्द-ए-दिल की आवाज़
वो जो कहते थे कभी साथ न छोड़ेंगे,
आज वही ज़िंदगी में बनकर आए बेवफ़ा (बेवफ़ा)।
वादाखिलाफी
उनकी वफाओं का दावा कुछ और था,
हकीकत में तो निकले वो बेवफ़ा (बेवफ़ा) और।
अधूरी कहानी
हर कहानी का एक अंत होता है,
पर मेरी कहानी का अंत एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) निकली।
दिल की टूटन
टूट गए हैं सपने, बिखर गए हैं अरमान,
जब से मिला है मुझे एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) इंसान।
अकेलापन
अकेले ही काटनी है अब ये ज़िंदगी,
क्योंकि छोड़कर चली गई एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) साथी।
झूठे रिश्ते
कितने झूठे थे वो रिश्ते, कितनी झूठी कसमें,
आखिर में निकली वो एक बड़ी बेवफ़ा (बेवफ़ा)।
प्यार का अंजाम
प्यार का अंजाम बस इतना ही था,
दिल टूटा और वो बन गई बेवफ़ा (बेवफ़ा)।
शिकवा
कोई शिकवा नहीं मुझे तुमसे ऐ जान,
बस तुम्हारी बेवफ़ा (बेवफ़ा)ई ने दिल दुखाया है।
सबक
उनकी बेवफ़ा (बेवफ़ा)ई ने एक सबक सिखाया है,
दिल से खेलने वालों से दूर ही रहना।
अफ़सोस
अफ़सोस होता है उन लम्हों पर,
जब एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) पर एतबार किया था।
धोखा
धोखा मिला है उनसे, जिनकी पूजा की थी,
निकले वो सब से बड़े बेवफ़ा (बेवफ़ा)।
कफ़स
आज़ादी का ख्वाब देखा था जिसके साथ,
उसने ही तो बना दिया मुझे बेवफ़ा (बेवफ़ा) का कफ़स।
टूटे वादे
टूटे वादों की हर आहट में,
सिर्फ तेरी बेवफ़ा (बेवफ़ा)ई का शोर सुनाई देता है।
कड़वी सच्चाई
ये कड़वी सच्चाई है ज़िंदगी की,
कि अक्सर मिल जाते हैं बेवफ़ा (बेवफ़ा) लोग।
दर्द की गहराई
दर्द की गहराई में डूबा हुआ दिल,
बेवफ़ा (बेवफ़ा) के नाम से अब भी सिहर उठता है।
ख़ामोशी का आलम
मेरी खामोशी में भी एक आह है,
तेरी बेवफ़ा (बेवफ़ा)ई का गहरा ज़ख्म है।
अश्कों की ज़ुबान
अश्कों की ज़ुबान भी समझ न पाए वो,
क्या समझें दर्द एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) का?
बदला हुआ नज़रिया
अब बदल गया है मेरा नज़रिया प्यार को लेकर,
एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) ने मुझे ये सब सिखाया है।
ज़हर का प्याला
तेरी यादों का ज़हर पीकर जी रहा हूँ,
बेवफ़ा (बेवफ़ा) थी तू, फिर भी तुझसे प्यार किया हूँ।
खामोश रातें
मेरी खामोश रातों में, तेरी यादें जलती हैं,
ऐ बेवफ़ा (बेवफ़ा), क्यों तूने ऐसे राहें बदल दी हैं।
आसमान से गिरा
मैं आसमान से गिरा, धरती पर कहीं नहीं,
जब से छोड़ा है मुझे एक बेवफ़ा (बेवफ़ा) ने।
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