Beqas (बेकस)
बेकस दिल की दास्तान: शायरी का अफ़साना
दर्द-ए-बेकस
शहर में हर तरफ़ तन्हाइयों का मेला है,
कोई पूछे तो सही, मेरा दिल क्यों बेकस अकेला है।
ख़ामोश पुकार
आँखों में नमी है, लबों पर खामोशी,
हाल-ए-दिल कौन समझे इस बेकस की बेबसी।
ज़िंदगी का सफर
राहों में काँटे हैं, मंज़िल का पता नहीं,
यह कैसा सफर है, जहाँ हर मुसाफिर बेकस सही।
आसमान तले
आसमान भी रोता है मेरे हाल पर कभी-कभी,
मैं हूँ एक बेकस परिंदा, जिसकी कोई डगर नहीं।
गहराई का दर्द
दिल की गहराइयों में छुपा है एक दर्द, जिसे कोई ना समझे, ये है बेकस की सर्द आह।
तलाश-ए-राहत
तलाशता रहा राहत दर-ब-दर, मगर ये बेकस दिल, आज भी है बेघर।
दुनिया की रीत
यह दुनिया की रीत भी क्या अजीब है,
जो बेकस है, वही हर ग़म का क़रीब है।
टूटे अरमान
कितने अरमान थे दिल में, सब टूट गए,
जिंदगी के इस सफ़र में, हम बेकस छूट गए।
शाम की उदासी
शाम ढले जब यादें घेर लेती हैं,
इस बेकस दिल को और तन्हा कर देती हैं।
किस्मत का खेल
ये किस्मत का खेल है या मेरी बदकिस्मती,
हर मोड़ पर खड़ा है ये बेकस अकेला ही।
लम्हे का इंतज़ार
एक लम्हे की ख़ुशी की आस में,
बेकस दिल मेरा जी रहा उदास में।
आँसू का क़तरा
आँसू बन के बहता है हर रात, बेकस की कहानी, अनकही हर बात।
रूह की पुकार
रूह से उठती है ये कैसी पुकार,
बेकस हूँ मैं, मेरा कोई नहीं यार।
उम्मीदों का दिया
उम्मीदों का दिया भी बुझने को है,
बेकस दिल का बोझ अब सहने को है।
वक़्त की मार
वक़्त की मार ने ऐसा किया है, कि ये बेकस दिल, अब कहीं का ना रहा है।
तन्हाई का साथी
तन्हाई ही बनी है अब मेरा साथी,
बेकस के संग और कोई नहीं था।
टूटे पंख
पंख तो हैं पर उड़ नहीं सकता,
बेकस परिंदा अब कहीं जा नहीं सकता।
बिखरे ख्वाब
ख्वाब सारे बिखर गए पल भर में,
रह गया ये बेकस, बस इस सफ़र में।
ग़म का साया
हर तरफ़ ग़म का साया गहराया है,
इस बेकस दिल ने बस यही पाया है।
दर्द की आवाज़
मेरी खामोशी में दर्द की आवाज़ है,
कौन समझे इस बेकस का ये राज़ है।
साहिल की तलाश
भंवर में फंसी कश्ती, साहिल की तलाश है,
बेकस दिल को अब भी किसी सहारे की आस है।
अंधेरी रात
अंधेरी रातों में बस तारों का साथ है,
बेकस के लिए और कहाँ कोई बात है।
प्यार की कमी
प्यार की कमी ने दिल को सताया है,
बेकस होकर भी हमने मुस्कुराया है।
झूठे रिश्ते
झूठे रिश्तों ने दिल को छलनी किया,
बेकस को अब किसी पे ना रहा जिया।
अधूरी कहानी
मेरी कहानी है एक अधूरी दास्तान,
बेकस दिल की सुन ले, ऐ खुदा तू मेरी ज़ुबान।
टूटा तारा
जैसे कोई टूटा तारा, अंधेरे में खो गया,
बेकस ये दिल मेरा, यूँ ही रो गया।
लहू के आँसू
आँखों से बहते हैं अब लहू के आँसू,
क्या करेगा कोई इस बेकस के लिए तू।
इंतज़ार की घड़ियाँ
इंतज़ार की घड़ियाँ भी अब कटती नहीं,
बेकस की तन्हाई, किसी से छिपती नहीं।
मंज़िल की चाह
मंज़िल की चाह में निकले थे हम,
बेकस होकर रह गए, आँखों में ग़म।
झूठी हँसी
लबों पर झूठी हँसी है, दिल में दर्द,
बेकस की कहानी, है बहुत ही सर्द।
रिश्तों की डोर
रिश्तों की डोर भी कैसी कमज़ोर है,
बेकस के लिए कोई सहारा नहीं और है।
वीरान गलियाँ
वीरान गलियों में भ
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