Toatna (टूटना)
टूटना: दिल के टुकड़े और रिश्तों की दास्तान
हृदय का दर्पण
दिल का आईना जब कभी टूटना चाहे,
समझ लेना कि अब कुछ नया है लिखने को।
नाज़ुक डोर
रिश्तों की डोर बड़ी नाज़ुक होती है,
एक ज़रा सी खरोंच से भी वो टूटना चाहे।
ख़्वाबों का महल
ख़्वाबों का महल पल भर में गिर जाता है,
जब हकीकत से सामना हो और दिल टूटना चाहे।
ख़ामोशी की दीवारें
ख़ामोशी की दीवारें भी कभी-कभी गिर जाती हैं,
जब अंदर का शोर हद से ज़्यादा टूटना चाहे।
भरोसे का कांच
भरोसा एक कांच की तरह होता है,
एक बार जो टूटना शुरू हो, फिर जुड़ता नहीं।
रेत के वादे
वादे तो रेत के घरौंदे से भी कमज़ोर निकले,
तेरी बेवफ़ाई से वो यूँ ही टूटना चाहे।
अकेलेपन का दर्द
अकेलेपन का दर्द जब हद से गुज़र जाए,
तो इंसान खुद ही अंदर से टूटना चाहे।
मोहब्बत का दस्तूर
मोहब्बत में अक्सर ये दस्तूर देखा है,
पहले दिल जुड़ता है, फिर उसका टूटना होता है।
ज़िन्दगी की राहों में
ज़िन्दगी की राहों में कभी-कभी ऐसा भी होता है,
कि इंसान सब कुछ पाकर भी भीतर से टूटना चाहे।
ख्वाहिशों का बोझ
ख्वाहिशों का बोझ इतना भारी हो गया था,
कि उम्मीदों का धागा आखिर को टूटना चाहे।
पतझड़ और दिल
पतझड़ में पत्ते ही नहीं, दिल भी झड़ते हैं,
जब उम्मीदों का शाख अचानक टूटना चाहे।
नींदें और सपने
आँखों से नींदें यूँ ही नहीं रूठ जातीं,
कोई सपना जब अंदर ही अंदर टूटना चाहे।
शीशे की तरह
शीशे की तरह थे हम, हर चोट पर बिखरते रहे,
पर सीखा नहीं हमने, कैसे खुद को टूटना से बचाएं।
हिम्मत का हौसला
गिरना और फिर उठना ये तो रिवाज़ है दुनिया का,
पर हिम्मत का टूटना कभी कुबूल नहीं।