Tukde (टुकड़े)
ज़िंदगी के टुकड़े: दर्द, इश्क़ और उम्मीदें
1. दिल के टुकड़े
मेरे दिल के हुए टुकड़े हजार,
हर टुकड़ा याद दिलाता है तेरा प्यार।
2. शीशे से टूटे
शीशे सा दिल मेरा, जो पल भर में टूट गया,
बिखरे पड़े हैं टुकड़े, हर कहीं अब लूट गया।
3. यादों के टुकड़े
तेरी यादों के टुकड़े समेटता फिरता हूँ मैं,
हर टुकड़े में तुझे ही तो ढूँढ़ता फिरता हूँ मैं।
4. खवाबों के टुकड़े
मेरे खवाबों के टुकड़े बिखर गए कुछ इस तरह,
जैसे टूटे हुए तारे, अब नहीं मिलती कोई राह।
5. बिखरे अरमान
टूटे अरमानों के टुकड़े लेकर, जी रहे हैं हम,
क्या कहें इस ज़िंदगी से, बस यही है गम।
6. वफ़ा के टुकड़े
वफ़ा के टुकड़े भी क्या कमाल के थे,
जो तुम चले गए, तो हर खुशी छिन गई।
7. खुद के टुकड़े
खुद के टुकड़े कर दिए हमने, तेरे प्यार में,
फिर भी हम अधूरे ही रहे, इस संसार में।
8. आँसुओं के टुकड़े
मेरे आँसुओं के टुकड़े भी बह जाते हैं,
जब तेरी बेवफाई के किस्से सुनाते हैं।
9. रूह के टुकड़े
मेरी रूह के टुकड़े हुए हैं कुछ इस कदर,
अब तो साँसें भी लगती हैं बेअसर।
10. समय के टुकड़े
समय के टुकड़े बिखरे हैं ज़िंदगी की राहों में,
क्या समेटें, क्या छोडें, ये कैसी है दुनिया में।
11. बिखरा विश्वास
तेरा विश्वास जब टुकड़े-टुकड़े हो गया,
मेरा हर ख्वाब उसी पल अधूरा रह गया।
12. रिश्ते के टुकड़े
रिश्ते के टुकड़े समेटना आसान न था,
हर टुकड़े में दर्द की एक नई दास्तान थी।
13. टूटी आवाज़
मेरी आवाज़ के भी टुकड़े हो गए,
जब से तुमने हमें खामोश कर दिया।
14. चाँद के टुकड़े
चाँद के टुकड़े नहीं, मेरा दिल टूटा है,
हर टुकड़े में तेरी बेवफ़ाई का ज़हर घुला है।
15. उम्मीदों के टुकड़े
उम्मीदों के टुकड़े बिखर गए हर दिशा में,
अब रोशनी की किरण नहीं दिखती फिज़ा में।
16. सपने के टुकड़े
वो सपने भी क्या थे, जो टुकड़े-टुकड़े हो गए,
आँखें खुली तो देखा, सब सच से परे हो गए।
17. मोहब्बत के टुकड़े
मेरी मोहब्बत के भी टुकड़े कर दिए तुमने,
फिर भी हम तुम्हें चाहते रहे, क्या कहें हम।
18. खुशियों के टुकड़े
मेरी खुशियों के टुकड़े हवा में उड़ गए,
जब से तुमने मेरा दामन छोड़ गए।
19. हँसी के टुकड़े
मेरी हँसी के टुकड़े भी आज गम में डूबे हैं,
तुम क्या जानो कितने जख्म हमने छुपे हैं।
20. ज़िंदगी के टुकड़े
ये ज़िंदगी भी क्या अजीब है, टुकड़े-टुकड़े जी रहे हैं,
हर साँस में बस तेरे ही नाम का ज़हर पी रहे हैं।
21. पल के टुकड़े
वो पल जो हमने साथ बिताए थे,
आज उन्हीं के टुकड़े हमको सताए थे।
22. रात के टुकड़े
रात के टुकड़े चुनकर सवेरा बना रहे हैं,
अब तेरे बिन जीने की आदत बना रहे हैं।
23. जिस्म के टुकड़े
मेरे जिस्म के टुकड़े तो फिर भी जुड़ जाएँगे,
पर दिल के ज़ख्म कभी न भर पाएँगे।
24. गीत के टुकड़े
जो गीत हमने मिलकर गाए थे,
आज उनके टुकड़े सुनकर रो रहे हैं हम।
25. खुशी के टुकड़े
मेरी खुशी के टुकड़े भी तो तुमने ही किए थे,
फिर क्यों कहते हो कि हम तुम्हें प्यारे थे।
26. ख्वाब के टुकड़े
मेरे ख्वाब के टुकड़े समेटे नहीं जाते अब,
टूट कर बिखर गए हैं जैसे सूखे पत्ते सब।
27. सुकून के टुकड़े
मेरे सुकून के टुकड़े तुमने कर दिए,
अब रातों को जागकर बस रोते हैं हम।
28. पहचान के टुकड़े
मेरी पहचान के टुकड़े हो गए,
जब से तुमसे हम जुदा हो गए।
29. रोशनी के टुकड़े
रोशनी के टुकड़े अब मुझे नहीं दिखते,
मेरी ज़िंदगी में अब बस अंधेरे ही तो टिकते।
30. वादों के टुकड़े
तेरे वादों के टुकड़े भी आज बिखरे पड़े हैं,
हर टुकड़ा चीखता है, कितने दर्द ये सहे हैं।
"हर टुकड़ा एक कहानी कहता है, और हर कहानी में ज़िंदगी का एक पहलू छिपा है।" ✨
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