Manana (मनाना)

hindi shayari, हिंदी शायरी, Manana (मनाना)

मनाना (Manana): दिल की गहराइयों से

शायरी 1

रूठे हुए दिल को, हम रोज़ मनाना (मनाना) चाहते हैं,

जो ख़फ़ा है हमसे, उसे प्यार से बुलाना चाहते हैं।

शायरी 2

ज़िंदगी की उलझनों में, खुद को कभी मनाना (मनाना) भी ज़रूरी है,

कुछ पल अपने लिए, खुशियों से सजाना भी ज़रूरी है।

शायरी 3

हर छोटी बात पर, तुम रूठ जाते हो हमसे,

कितनी मुश्किल है हर बार, तुम्हें मनाना (मनाना)

शायरी 4

कोई रूठा है अगर, तो उसे जा कर मनाना (मनाना) सीखो,

रिश्ते अनमोल होते हैं, ये बात तुम जानना सीखो।

शायरी 5

जब रूठ जाए किस्मत भी, तो खुद को मनाना (मनाना) पड़ता है,

गिर कर उठना पड़ता है, फिर से मुस्कुराना पड़ता है।

शायरी 6

कभी-कभी अपनों को, थोड़ा सा मनाना (मनाना) पड़ता है,

प्यार के धागे कमज़ोर न पड़ें, इसलिए झुकाना पड़ता है।

शायरी 7

रूठने का हक़ है तुम्हें, पर थोड़ा ठहर जाओ,

हमें भी तो आता है तुम्हें, जी भर के मनाना (मनाना)

शायरी 8

इश्क़ में ज़िद नहीं चलती, बस प्यार की बातें चलती हैं,

हर एक अदा से, हम तुम्हें मनाना (मनाना) चाहते हैं।

शायरी 9

उनकी ख़ामोशी हमें, बहुत सताती है,

क्या करें, उन्हें तो हर बात पर मनाना (मनाना) पड़ता है।

शायरी 10

रूठना और मनाना (मनाना), यही तो है प्यार का दस्तूर,

बिना इसके, मोहब्बत में कहाँ आता है सुरूर।

शायरी 11

दिल की दीवारों पर, तुम्हारा नाम लिख डाला है,

बस अब तुम्हें मनाना (मनाना) है, यही हमारा इरादा है।

शायरी 12

ख़ामोश लबों को, हम पढ़ना जानते हैं,

तुम्हारे हर ग़ुस्से को, प्यार से मनाना (मनाना) जानते हैं।

शायरी 13

ये दिल नादान है, हर बात पर रूठ जाता है,

इसे बहला कर, फिर से मनाना (मनाना) पड़ता है।

शायरी 14

जब से देखा है तुम्हें, ये दुनिया बदल गई है मेरी,

अब तो बस हर पल तुम्हें मनाना (मनाना) चाहता है ये दिल।

Comments

Popular posts from this blog

सूखे पत्ते सी जिंदगी

सूखे पत्ते