Aansu (आँसू)
Aansu (आँसू) - दिल की गहराई से निकले अल्फ़ाज़
जब भी छलक जाते हैं ये आँसू पलकों से,
कह जाते हैं अनकही बातें धड़कनों से।
तेरी याद में बहते हैं मेरे ये आँसू हर शाम,
जैसे दिल की ज़मीं पर बरसता हो कोई पैग़ाम।
कभी खुशी के, कभी गम के, ये आँसू गवाह हैं,
हर दर्द-ओ-जुदाई के ये सच्चे रहनुमा हैं।
हर रात पलकों से गिरते हैं कुछ आँसू मेरे,
जिनमें धुंधली सी तस्वीर है बस अब तेरे।
ये आँसू नहीं, ये तो मेरे दिल के टुकड़े हैं,
जो तेरी बेरुख़ी से आज टूटे पड़े हैं।
लबों पर हँसी मगर आँखों में आँसू लिए फिरता हूँ,
दर्द को छुपाकर भी तेरा ही नाम लिए फिरता हूँ।
आज फिर तेरी याद में आँसू छलक गए,
सारे गम पुराने फिर से मचल गए।
कभी बेमोल थे ये आँसू मेरे, आज अनमोल हुए,
जब तू गया तो मेरे जीवन में ये घोल हुए।
दिल की गहराइयों से निकले ये खारे आँसू,
बन गए हैं मेरी कहानी के किस्से जादू।
नादान थे हम जो तेरे गम को छुपाते रहे,
ये आँसू थे जो हर बात बताते रहे।
तेरी यादों के सागर में डूब जाते हैं मेरे आँसू,
हर कतरा जैसे तेरी मौजूदगी का हो जादू।
चुपचाप बहते रहे ये आँसू रात भर,
दिल में छुपाए रखा तेरा दिया हर ज़हर।
अश्कों की ज़ुबान भी क्या अजीब होती है,
बिन कहे ही ये हर बात कह जाती है।
मेरे आँसू भी अब तो सूखने लगे हैं यार,
क्या इतनी बुरी थी मेरी मोहब्बत का इक़रार?
जब दिल दुखता है तो आँसू ही सहारा बनते हैं,
खामोशी में भी ये बहुत कुछ कहते हैं।
ये आँसू मेरे नहीं, ये मेरी अधूरी दास्तान है,
जिसे सुनता रहा सिर्फ मेरा खाली मकान है।
पलकों पे रुके हैं ये आँसू, कब से इंतज़ार में,
शायद तुम आओ और ले जाओ इन्हें प्यार में।
अल्फाजों में कहाँ वो ताक़त जो आँसू में है,
ये तो बिन बोले ही हर राज़ खोलते हैं।
इश्क़ में दिल को बहुत आँसू बहाने पड़ते हैं,
कुछ पाने के लिए कुछ खोने पड़ते हैं।
ये आँसू सिर्फ पानी नहीं, मेरे एहसास हैं,
जो तेरी यादों के हर पल में पास हैं।
हर रात को तकिये पे बिखरते हैं ये आँसू मेरे,
पूछते हैं मुझसे, क्यों तुम अब तक नहीं तेरे?
तेरी तस्वीर धुंधली हुई इन आँसू से, पर याद नहीं,
रूह में बस गई है तू, जिसे मिटा सके कोई नहीं।
गम का दरिया बन गए हैं ये आँसू अब तो,
किनारा कहाँ मिलेगा, ये कौन जाने अब तो।
कहते हैं आँसू कमजोरों की निशानी हैं,
पर ये तो दर्द की सबसे सच्ची कहानी हैं।
जब सब सो जाते हैं, तब ये आँसू जागते हैं,
तेरी यादों के साथ ये मुझे भी तंग करते हैं।
हर आँसू में छुपा है एक एहसास गहरा,
जो कह रहा है, तू है अब भी मुझ में ठहरा।
कब तक रोकें इन आँसू को, कब तक छुपाएं दर्द,
एक दिन तो ये बहेंगे और ले जाएंगे ये गर्द।
ये आँसू नहीं, ये तो मेरे दिल की आवाज़ है,
जो बिन बोले ही तुमसे अपनी बात कहती है।
कुछ आँसू सिर्फ आँखों से नहीं बहते,
वो तो अंदर ही अंदर दिल को जलाते रहते हैं।
तेरी मोहब्बत में इतने आँसू बहाए हमने,
कि अब समंदर भी अपनी प्यास बुझाए हमसे।
ये आँसू ही तो हैं, जो हर ज़ख्म धो देते हैं,
वरना दिल में दर्द की आग तो सुलगती रहती है।
हर रात पलकों पे आँसू लिए सोता हूँ मैं,
शायद किसी सुबह तक इस दर्द से आज़ाद हो जाऊँ।
आज भी तेरी याद में आँसू आते हैं,
कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो कभी मरते नहीं।
तेरी बेवफाई पर नहीं, अपनी मोहब्बत पर रोये आँसू,
कि इतना सच्चा प्यार भी तेरे दिल को छू न सका।
ये आँसू ही हैं, जो अब मेरे साथी बन गए हैं,
जब से तुम गए हो, ये हर पल साथ रहते हैं।
दुआ है कि तेरे दामन में कभी आँसू न आएं,
हमारी किस्मत में लिख दे चाहे जितने गम आएं।
"हर आँसू में छुपा है एक अनकहा जज़्बात... ✨"
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