फ़िराक़: दिल की गहराइयों से निकली शायरी
1. यादों का सिलसिला
हर साँस में बसता है, तेरा नाम आज भी,
इस दिल पे छाया है, फ़िराक़ का ग़म आज भी।
तन्हा रातों में तेरी यादें जलाती हैं शमा,
कब तक सहेंगे हम, जुदाई का ये हंगामा।
2. बेताब दिल की पुकार
तेरी राहों में बिछी हैं मेरी आँखें,
कब होगा ख़त्म ये लंबा फ़िराक़, मेरे साजन।
बेताबियों का आलम है, हर पल बेक़रारी है,
आओ कि ज़िंदगी अब, बस तुम्हारे इंतज़ार में है।
3. दर्द-ए-जुदाई
नज़रों से दूर हो पर दिल से जुदा नहीं,
ये फ़िराक़ भी क्या चीज़ है, कोई दवा नहीं।
हर रात तड़पते हैं, हर सुबह रोते हैं,
तुम्हारे बिन हम, ज़िंदगी से यूँ बिछड़ते हैं।
4. हर पल की कसक
हर पल तेरी याद का, सीने में एक कसक है,
ये फ़िराक़ का मंज़र, दिल में एक धड़क है।
कैसे गुज़रें ये दिन, कैसे कटें ये रातें,
तुम बिन अधूरी हैं, मेरी सारी बातें।
5. सूनी राहें
सूनी राहें, सूनी शामें, सब उदास हैं,
तेरे फ़िराक़ में, हम कितने बे-आस हैं।
आँखों में इंतज़ार है, होंठों पे दुआ है,
मिल जाए तू फिर से, बस यही तमन्ना है।
6. दिल का दर्द
दिल में दर्द है, आँखों में नमी का आलम है,
तेरा फ़िराक़ ही तो अब, मेरा हमदम है।
कैसे बताएँ तुम्हें, क्या गुज़रती है हम पर,
बिन तेरे ये ज़िंदगी, अब लगती है बंजर।
7. अधूरी कहानी
हमारी कहानी में, एक अधूरा सा मोड़ है,
ये तेरे फ़िराक़ की, कैसी अनमोल तोड़ है।
हर साँस में तुम हो, हर धड़कन में तुम्हारी याद,
कब तक रहे दिल ये, बिन तुम्हारे बरबाद।
8. लम्बी रातें
लम्बी रातें, गहरा सन्नाटा, और बस तेरी याद,
फ़िराक़ के इन पलों में, दिल करता है फ़रियाद।
कब तक सहेंगे ये, दूरियों का सितम,
आ भी जाओ कि बिन तेरे, जी नहीं पाएंगे हम।
9. इंतज़ार की आग
इंतज़ार की आग में, जल रहा है मेरा हर पल,
कब बुझेगी ये तड़प, कब ख़त्म होगा ये फ़िराक़।
तेरी एक झलक को, तरसती हैं ये आँखें मेरी,
आओ और दिखा जाओ, अब और ना करो देरी।
10. तन्हा सफर
तन्हा सफ़र है मेरा, मंज़िल का पता नहीं,
तेरे फ़िराक़ में, कहीं खो ना जाऊँ मैं कहीं।
रातों को जागता हूँ, दिन में भी ख़्याल तेरा,
कब तक चलेगा यूं ही, ये दर्द भरा घेरा।
11. दिल की आवाज़
दिल की आवाज़ सुन, ओ मेरे हमदम,
ये फ़िराक़ का ज़हर, अब और ना कर सितम।
आँसू बहाते-बहाते, सूख गए हैं अब तो नयन,
कब आओगे तुम मेरे, कब पाओगे सुख चैन।
12. अधूरी साँसें
हर साँस अधूरी है, जब से तुम बिछड़े हो,
इस फ़िराक़ में, हम जीते जी मर चुके हैं।
ख़ामोशी ने घेरा है, महफ़िल भी सूनी लगती है,
तुम्हारे बिन अब ये ज़िंदगी, बोझ सी लगती है।
13. मिलन की आस
मिलन की आस में, ये दिन कटते हैं मेरे,
कब ख़त्म होगा ये फ़िराक़, कब देखूँगा चेहरे।
दिल में उम्मीद है, आँखों में प्यार भरा है,
लौट आओ कि अब जीना, दुश्वार हो चला है।
14. तन्हाई का साथी
तन्हाई मेरा साथी है, अँधेरा मेरा हमराज़,
तेरे फ़िराक़ ने मुझको, कर दिया है बे-आवाज़।
हर तरफ़ देखता हूँ, पर तुम नहीं मिलते हो,
जाने किस मोड़ पर, तुम हमसे बिछड़ते हो।
15. वफ़ा की कहानी
वफ़ा की कहानी में, फ़िराक़ भी एक हिस्सा है,
जो दिल को तोड़ जाए, वो कैसा क़िस्सा है।
तेरी मोहब्बत में हम, सब कुछ लुटा बैठे,
बस एक तेरी कमी है, जो कभी ना भर पाए।
16. दूरियों का एहसास
दूरियों का एहसास, हर पल सताता है मुझे,
तेरे फ़िराक़ में मेरा दिल, तड़पता है मुझे।
न दिन को चैन है, न रातों को करार है,
बस एक ही ख़्वाहिश है, तुमसे बेपनाह प्यार है।
17. खामोश धड़कनें
खामोश धड़कनें हैं, वीरान सी ज़िंदगी है,
इस फ़िराक़ में हर साँस, अब तो थमी सी है।
आँखों में तैरते हैं, सिर्फ़ तेरे ही ख़्वाब,
तेरे बिन हर खुशी, लगती है जैसे अज़ाब।
18. टूटे वादे
टूटे हुए वादे हैं, बिखरे हुए ख़्वाब हैं,
ये तेरे फ़िराक़ के, कैसे गहरे अज़ाब हैं।
हर पल तेरी याद में, दिल मेरा रोता है,
तेरे बिन ये जीवन, बस यूँ ही कटता है।