Narazgi (नाराज़गी)
दिल की गहराइयों से: नाराज़गी पर 30+ दिल छू लेने वाली शायरियाँ
नाराज़गी की धुन
कुछ बातों पर उनकी हमसे हुई नाराज़गी,
कम नहीं थी, पर फिर भी उन्हें प्यार करते हैं हम आज भी।
खामोश जुबां
उनकी खामोशी में भी एक नाराज़गी छिपी थी,
जो जुबां से ना सही, आँखों से बयां होती थी।
इश्क की राह
इश्क की राह में अक्सर ये नाराज़गी आती है,
कभी मुस्कुराती, कभी दिल को बहुत सताती है।
दर्द का एहसास
जब उनकी नाराज़गी का एहसास होता है,
मेरा ये बेकरार दिल बहुत उदास होता है।
छोटी सी बात
एक छोटी सी बात पर इतनी नाराज़गी क्यों?
क्या मेरा प्यार उनके लिए इतना कमज़ोर हो गया था क्यों?
मन की दूरी
ये नाराज़गी मन की दूरियाँ बढ़ाती है,
और फिर पास आने का रास्ता भी बताती है।
इंतजार
कब तक रहेगी ये उनकी नाराज़गी हमसे,
हम तो बस इंतजार में बैठे हैं, कभी तो मुस्कुराओ हमसे।
मनाना
उनकी नाराज़गी को मनाना भी एक फन है,
हर बार कुछ नया बहाना ढूंढना पड़ता है।
नज़रों में
जब उनकी नज़रों में नाराज़गी झलकती है,
सारी दुनिया फीकी सी लगने लगती है।
प्यार की गहराई
उनकी नाराज़गी ही मेरे प्यार की गहराई बताती है,
क्योंकि रूठना-मनाना ही तो रिश्तों की पहचान कराती है।
मीठी सी
कभी-कभी उनकी नाराज़गी भी मीठी सी लगती है,
जब पता हो कि उन्हें मनाने से मोहब्बत बढ़ती है।
अल्फाज़
बहुत मुश्किल है उनकी नाराज़गी को समझना,
वो तो बिना अल्फाज़ कहे ही सब बयां कर देते हैं।
खता
मेरी किस खता पर ये नाराज़गी है?
अगर बता दें, तो हम खुद को बदल लेंगे।
दर्द-ए-दिल
ये दर्द-ए-दिल, ये उनकी नाराज़गी,
मेरी रातों की नींद छीन लेती है ये बेचैनी।
बातचीत
बातचीत बंद है, उनकी नाराज़गी जारी है,
कब टूटेगी ये चुप्पी, बस यही आस बाकी है।
शाम-ओ-सहर
शाम-ओ-सहर उनकी नाराज़गी का आलम है,
मेरे हर लम्हे में बस उनका ही गम है।
तकरार
प्यार में थोड़ी तकरार और थोड़ी नाराज़गी,
रिश्तों को और भी गहरा बना देती है ये आज़ादी।
हरपल
हर पल उनकी नाराज़गी से डरता हूं मैं,
कहीं दूर न हो जाएं, इस बात से मरता हूं मैं।
ख्वाबों में
ख्वाबों में भी उनकी नाराज़गी का खौफ है,
आँखें खोलते ही, फिर से वही बेरोकी है।
मासूमियत
उनकी नाराज़गी में भी एक मासूमियत है,
जो मेरे दिल को हर बार पिघला देती है।
शिकायत
कोई शिकायत नहीं है उनकी नाराज़गी से,
बस वो मुस्कुरा दें, यही तो आरजू है।