Tadap (तड़प)
तड़प (Tadap) - दिलकश शायरियों का संग्रह
तड़प की गहराई
जो दिल में है वो आँखों से झलक जाती है,
तेरी यादों में हर पल ये रूह तड़प जाती है।
इंतज़ार की तड़प
हर रात करवटें बदलती है, नींद नहीं आती,
तेरे दीदार को ये आँखें कैसे ना तड़प जाती।
जुदाई की तड़प
जुदाई का ज़हर अब और सहा नहीं जाता,
तेरी बाहों में आने को ये दिल तड़प रहा है।
मोहब्बत की तड़प
मोहब्बत की आग में हम ऐसे जलने लगे,
तेरी चाहत में हर साँस तड़पने लगे।
ख्यालों में तड़प
हर लम्हा बस तेरा ख्याल सताता है,
तेरी यादों में मेरा दिल तड़पता है।
रूह की तड़प
जिस्म तो यहीं है पर रूह कहीं और है,
तेरी एक झलक को ये रूह तड़पती है।
बेचैनी की तड़प
कब से बेचैन है ये दिल, सुकून नहीं पाता,
हर पल तेरी यादों में ये तड़प जाता है।
दिल की तड़प
कुछ ऐसा असर हुआ तेरी बातों का,
कि दिल आज भी तड़पता है तेरी चाहत में।
हर साँस में तड़प
हर साँस में तेरी यादों का बसेरा है,
हर पल तेरी मोहब्बत में दिल तड़प रहा है।
अधूरी आरज़ू की तड़प
कुछ आरज़ू अधूरी सी रह गई है,
उन्हीं आरज़ुओं में ये दिल तड़पता है।
यादों की तड़प
वो पुरानी यादें अब भी दिल को सताती हैं,
तेरी हर तस्वीर पर आँखें तड़प जाती हैं।
प्यार की तड़प
इतना भी ना तरसाओ अपने प्यार को,
कि ये आशिक़ उम्र भर तड़पता रहे।
मिलन की तड़प
कब तक रहेगी ये दूरियों की दास्तां,
तेरे आगोश में आने को दिल तड़पता है।
एक आह की तड़प
एक आह भी निकलती है तो दिल में चुभती है,
हर पल तेरी याद में ये रूह तड़पती है।
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