Udasi (उदासी)
उदासी (Udasi) पर दिल छू लेने वाली शायरी जब से बिछड़ा है वो हमसे, हर खुशी बेमानी हो गई, हर पल अब तो बस एक गहरी उदासी की निशानी हो गई। आँखों में नमी और दिल में इक अजीब सा खालीपन है, लगता है जैसे हर बात में अब बस उदासी का ही दामन है। रात की चादर में लिपटी, तारों सी बेजान है जिंदगी, हर सुबह के साथ क्यों आती है ये गहरी उदासी ? तेरे जाने से जो खालीपन आया है इस दिल में, वही तो असल में मेरी हर उदासी की वजह है। मुस्कुराहटें तो सिर्फ ज़ाहिर करती हैं झूठे रंग, अंदर ही अंदर तो बस पलती है एक उदासी दबंग। शहर की भीड़ में भी खुद को तन्हा पाता हूँ, जाने क्यों हर तरफ सिर्फ उदासी ही पाता हूँ। वो कहते हैं वक्त भर देगा ज़ख्मों को, म...